{"_id":"6ab3ce64698fd8cfea031e9d","slug":"kanpur-30-000-farmers-from-eight-states-to-explore-agricultural-technology-at-csa-2026-09-23","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कानपुर: सीएसए में आठ राज्यों के 30 हजार किसान देखेंगे कृषि तकनीक, लगेंगे 200 से अधिक स्टॉल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानपुर: सीएसए में आठ राज्यों के 30 हजार किसान देखेंगे कृषि तकनीक, लगेंगे 200 से अधिक स्टॉल
Wed, 23 Sep 2026 06:52 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Wed, 23 Sep 2026 06:52 PM IST
सार
Kanpur News: सीएसए में 15 से 17 अक्तूबर तक किसान मेला लगेगा। 200 से अधिक स्टाल पर तकनीक दिखेगी।
विज्ञापन
सीएसए
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) में 15 से 17 अक्तूबर तक आठ राज्यों के करीब 30 हजार किसान कृषि तकनीक देखेंगे। यहां क्षेत्रीय किसान मेले का आयोजन किया जाएगा। मेले का मुख्य फोकस ‘सशक्त किसान, आत्मनिर्भर भारत’ पर रहेगा। 200 से अधिक स्टॉल पर तकनीक का प्रदर्शन किया जाएगा। कुलपति डॉ. संजीव गुप्ता ने बताया कि किसानों को उन्नत तकनीक, बेहतर कृषि संसाधनों और उद्यमिता से जोड़कर समृद्ध बनाने के लिए मेले का आयोजन किया जा रहा है। यहां कृषि उद्योग प्रदर्शनी भी लगेगी।
मेले में उत्तर प्रदेश समेत उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, चंडीगढ़ और हरियाणा के प्रगतिशील किसान, बागवान और कृषि उद्यमी शामिल होंगे। निदेशक प्रसार डॉ. वीके त्रिपाठी ने बताया कि विश्वविद्यालय के अनुसंधान कार्यों के साथ विभिन्न महाविद्यालयों में विकसित कृषि तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। उन्नतशील बीज और पौध की बिक्री के साथ आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रदर्शन और विक्रय होगा।
विज्ञापन
मेले में उत्तर प्रदेश समेत उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, चंडीगढ़ और हरियाणा के प्रगतिशील किसान, बागवान और कृषि उद्यमी शामिल होंगे। निदेशक प्रसार डॉ. वीके त्रिपाठी ने बताया कि विश्वविद्यालय के अनुसंधान कार्यों के साथ विभिन्न महाविद्यालयों में विकसित कृषि तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। उन्नतशील बीज और पौध की बिक्री के साथ आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रदर्शन और विक्रय होगा।
विज्ञापन
किसानों के लिए विश्वविद्यालय के प्रक्षेत्रों और प्रयोगशालाओं के भ्रमण की भी व्यवस्था की जाएगी। मिट्टी और पानी के नमूनों की जांच की सुविधा और इससे संबंधित जानकारी भी किसानों को दी जाएगी। कृषक, व्यवसायी और वैज्ञानिकों के बीच संवाद कार्यक्रम होगा। औषधीय एवं सुगंधीय पौधों की प्रदर्शनी के अलावा कृषि उद्यम, शोध और प्रसार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को पुरस्कृत किया जाएगा।