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Kanpur: आठ वर्षों में बसाहट के लिए चाहिए 29514 हजार हेक्टेयर जमीन, केडीए ने महायोजना के अनुसार तैयार किया खाका

Sat, 15 Apr 2023 11:41 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sat, 15 Apr 2023 11:41 AM IST
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Kanpur: 29514 thousand hectares of land is needed for settlement in eight years
केडीए - फोटो : अमर उाजला

महायोजना 2031 के तहत केडीए बोर्ड से जो कार्ययोजना पास की गई है, उसके तहत अगल आठ वर्षों में शहरियों को बसाने के लिए 29514 हेक्टेयर जमीन की जरूरत पड़ेगी। अनुमान लगाया गया है कि इसके लिए महानगर से जुड़े आसपास के करीब 200 गांवों से जमीनों का हस्तांतरण किया जा सकता है।

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महायोजना के अनुसार वर्तमान में महानगर का विकसित क्षेत्र 48503.40 हेक्टेयर है। शहर के विस्तार को लेकर बनाई गई कार्ययोजना में आवासीय क्षेत्र का हिस्सा करीब 36 प्रतिशत रखा गया है। इसके अलावा व्यापारिक, कार्यालय, जनसुविधा केंद्र, औद्योगिक क्षेत्र, यातायात व्यवस्था, पार्क व खुला स्थान के लिए भी अलग-अलग मानक बनाया गया है। बताया गया है कि वर्ष 2011 से लेकर 2031 के बीच महायोजना क्षेत्र के अंतर्गत कुुल जनसंख्या 51.65 लाख तक बढ़ जाएगी। इसमें बढ़ी हुई जनसंख्या 15.89 लाख होगी। महायोजना का यह प्रस्ताव बोर्ड से पास होने के बाद शासन को भेज दिया गया है।

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इस तरह होगी महायोजना
- आवासीय- कमजोर वर्ग के लिए ईडब्ल्यूएस
- निम्न आय वर्ग के लिए एलआईजी
- मध्यम आय वर्ग के लिए एमआईजी
- उच्च आय वर्ग के लिए एचआईजी

नई महायोजना में ग्रीन बेल्ट अधिक
महायोजना 2031 के लिए खुला क्षेत्र अधिक छोड़ा जाएगा। महायोजना का जो खाका इस बार खींचा गया है, उसमें गंगा और इसके आसपास के ज्यादातर क्षेत्रों को ग्रीन बेल्ट के रूप में छोड़ा गया है। यहां पर लोग खेती कर सकते हैं, फार्म हाउस बना सकते हैं, लेकिन पक्का निर्माण नहीं कर सकते है। इसमें गंगा बैराज, बिठूर और उन्नाव की ओर के गंगा का बड़ा हिस्सा शामिल है। जो सरसैया, परमट व फूलबाग के पास गंगा के उस पर है।


 

400 से अधिक आपत्तियां आई थीं
महायोजना 2031 के लिए 400 से अधिक आपत्तियां आई थीं। जिसमें ज्यादातर क्षेत्रों को ग्रीनबेल्ट बनाने को लेकर सवाल उठाए गए थे। जिसके संबंध में कहा गया था कि यह क्षेत्र ज्यादातर गंगा किनारे स्थिति ऐसे में एनजीटी के नियमों को देखते हुए ऐसा किया है।

महायोजना 2031 का प्रस्ताव केडीए बोर्ड से पास होकर शासन को भेजा जा चुका है। वहां से इसके लिए अनुमति मिलने के बाद इसे अमल में लाया जाएगा। इस संबंध में जो भी आपत्तियां आई थीं, उनका निस्तारण भी किया जा चुका है।- डा. राजेशखर मंडलायुक्त

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