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Kannauj Nikay Chunav: चुनावी चौसर पर कहीं पास तो कहीं फेल हो गए 'सियासी बाजीगर', नतीजों ने उलझाया
Mon, 15 May 2023 01:32 PM IST
शिखा पांडेय
तारिक इकबाल, अमर उजाला, कन्नौज
तारिक इकबाल, अमर उजाला, कन्नौज
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 15 May 2023 01:32 PM IST
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निकाय चुनाव
- फोटो : सोशल मीडिया
अगले साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले वर्ष 2023 में हुए नगर निकाय चुनाव के नतीजों ने सियासी बाजीगरों को चुनावी चौसर पर छकाया है। अलग-अलग मोहरों के सहारे मैदान फतह करने की जुगत करने में जुटे माननीयों को कई जगह मात खानी पड़ी है। हार-जीत तो उम्मीदवारों के हिस्से आई है लेकिन सियासी गलियारों में जीत का श्रेय लेने और हार का ठीकरा फोड़े जाने की भी चर्चा तेज हो गई है। कमोबेश सभी पार्टियों में नतीजों पर मंथन शुरू हो गया है।
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पिछली बार दो सीट जीतने वाली भाजपा ने इस बार तीन सीट पर कामयाबी पाई है। कन्नौज सदर सीट पर हार और सौरिख व सिकंदरपुर में मिली शिकस्त को लेकर अंदरखाने सरगर्मी तेज है। पिछली बार शून्य पर रही सपा को इस बार तालग्राम में जीत जरूर मिली है लेकिन सदर, तिर्वा, सौरिख में बेहद लचर प्रदर्शन ने सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछली बार दो सीट जीतने वाली बसपा को इस बार सिर्फ कन्नौज सदर पर कामयाबी मिली है। हालांकि उसके उम्मीदवार चार सीटों पर दूसरे नंबर पर रहे हैं। तिर्वा और सौरिख में बेहद नजदीकी मुकाबले में शिकस्त मिली। कांग्रेस को एक ही सीट समधन में कामयाबी मिली है। बाकी की सीट पर उसकी जमानत जब्त हो गई है।
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सदर विधानसभा: सिर्फ एक नगर पालिका, वह भी गंवाई
सदर विधानसभा सीट के तहत नगर पालिका की एक ही सीट है। यहां से विधायक असीम अरुण हैं। ऐसे में शहर की नगर पालिका को जीतने के लिए भाजपा की ओर से पूरा जोर लगाया गया। बागी होकर लड़ने वालों को भी मनाने का जतन किया गया। एक में कामयाबी मिली, एक से बात नहीं बनी। ऐसे में जनसंपर्क, जुलूस, पदयात्रा निकालकर पूरी ताकत दिखाई गई। इसके बावजूद भाजपा को लगातार दूसरी बार इस सीट पर शिकस्त झेलनी पड़ी है।
छिबरामऊ विधानसभा: नगर पालिका जीती, नगर पंचायत में हार
छिबरामऊ विधानभा में सबसे ज्यादा पांच नगर निकाय क्षेत्र हैं। इसमें दो नगर पालिका छिबरामऊ व गुरसहायंज के अलावा तीन नगर पंचायत समधन, तालग्राम और सिकंदरपुर है। विधायक अर्चना पांडेय ने क्षेत्र की दोनों नगर पालिका छिबरामऊ व गुरसहायगंज में पार्टी को जीत दिलवा दी। हालांकि नगर पंचायतों में मुंह की खानी पड़ी। समधन में प्रत्याशी ही नहीं उतारा गया। सिकंदरपुर में मौजूदा अध्यक्ष ही सीट हार गईं। तालग्राम में तीसरा स्थान मिला।
सदर विधानसभा सीट के तहत नगर पालिका की एक ही सीट है। यहां से विधायक असीम अरुण हैं। ऐसे में शहर की नगर पालिका को जीतने के लिए भाजपा की ओर से पूरा जोर लगाया गया। बागी होकर लड़ने वालों को भी मनाने का जतन किया गया। एक में कामयाबी मिली, एक से बात नहीं बनी। ऐसे में जनसंपर्क, जुलूस, पदयात्रा निकालकर पूरी ताकत दिखाई गई। इसके बावजूद भाजपा को लगातार दूसरी बार इस सीट पर शिकस्त झेलनी पड़ी है।
छिबरामऊ विधानसभा: नगर पालिका जीती, नगर पंचायत में हार
छिबरामऊ विधानभा में सबसे ज्यादा पांच नगर निकाय क्षेत्र हैं। इसमें दो नगर पालिका छिबरामऊ व गुरसहायंज के अलावा तीन नगर पंचायत समधन, तालग्राम और सिकंदरपुर है। विधायक अर्चना पांडेय ने क्षेत्र की दोनों नगर पालिका छिबरामऊ व गुरसहायगंज में पार्टी को जीत दिलवा दी। हालांकि नगर पंचायतों में मुंह की खानी पड़ी। समधन में प्रत्याशी ही नहीं उतारा गया। सिकंदरपुर में मौजूदा अध्यक्ष ही सीट हार गईं। तालग्राम में तीसरा स्थान मिला।
तिर्वा विधानसभा: दो नगर पंचायत, एक में किसी तरह बची लाज
तिर्वा विधानसभा क्षेत्र में दो नगर पंचायत हैं। तिर्वा और सौरिख। तिर्वा नगर पंचायत में निर्वतमान अध्यक्ष के पति भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष रह चुके हैं। पार्टी के टिकट न देने पर वह निर्दलीय मैदान में उतर गए। ऐसे में पार्टी ने यहां नए और युवा चेहरे पर दांव लगाया। हालांकि टक्कर के बाद बमुश्किल जीत हासिल हो सकी। इससे लाज बच गई। सौरिख नगर पंचायत में पार्टी उम्मीदवार को तीसरे नंबर पर खिसकना पड़ा। यहां बागी ही विजेता बन गया।
सांसद का पूरा परिवार वोट मांगने उतरा
सांसद सुब्रत पाठक तो जिले की नगर पालिका और नगर पंचायत में पार्टी के उम्मीदवारों की कामयाबी के लिए पसीना बहा ही रहे थे। उनका पूरा परिवार भी शहर की सीट पर कामयाबी के लिए जतन कर रहा था। मां और पूर्व पालिकाध्यक्ष महिला समर्थकों के साथ वोट मांग रही थीं। उनकी पत्नी भी पार्टी प्रत्याशी व महिलाओं के जत्थे के साथ वोट मांगने निकलीं। जिले की तीन सीट पर मिली कामयाबी के पीछे सांसद की मेहनत को भी देखा जा रहा है। यह अलग है कि उनकी कोशिश के बाद भी शहर की सीट पार्टी के खाते में नहीं आ सकी।
तिर्वा विधानसभा क्षेत्र में दो नगर पंचायत हैं। तिर्वा और सौरिख। तिर्वा नगर पंचायत में निर्वतमान अध्यक्ष के पति भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष रह चुके हैं। पार्टी के टिकट न देने पर वह निर्दलीय मैदान में उतर गए। ऐसे में पार्टी ने यहां नए और युवा चेहरे पर दांव लगाया। हालांकि टक्कर के बाद बमुश्किल जीत हासिल हो सकी। इससे लाज बच गई। सौरिख नगर पंचायत में पार्टी उम्मीदवार को तीसरे नंबर पर खिसकना पड़ा। यहां बागी ही विजेता बन गया।
सांसद का पूरा परिवार वोट मांगने उतरा
सांसद सुब्रत पाठक तो जिले की नगर पालिका और नगर पंचायत में पार्टी के उम्मीदवारों की कामयाबी के लिए पसीना बहा ही रहे थे। उनका पूरा परिवार भी शहर की सीट पर कामयाबी के लिए जतन कर रहा था। मां और पूर्व पालिकाध्यक्ष महिला समर्थकों के साथ वोट मांग रही थीं। उनकी पत्नी भी पार्टी प्रत्याशी व महिलाओं के जत्थे के साथ वोट मांगने निकलीं। जिले की तीन सीट पर मिली कामयाबी के पीछे सांसद की मेहनत को भी देखा जा रहा है। यह अलग है कि उनकी कोशिश के बाद भी शहर की सीट पार्टी के खाते में नहीं आ सकी।
स्टार प्रचारकों ने लगाया जोर पर नहीं बनी बात
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य: यहां शहर में जनसभा कर गए। वोट देने की अपील भी की। सपा पर तीर चलाया। ट्रिपल इंजन की सरकार बनने पर विकास का वादा किया। लेकिन जनता पर जादू नहीं चल सका।
- उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक: गुरसहायगंज की नुमाइश मैदान में छह मई को जनसभा की। पार्टी उम्मीदवार को जिताने के लिए समर्थन मांगा। यहां भाजपा को जिले की सबसे बड़ी जीत मिली।
- अखिलेश यादव: सपा मुखिया ने जिले की सभी सीट को मथ दिया। लगातार दो दिन जिले में आए। तालग्राम नगर पंचायत में उनकी अपील काम कर गई। बाकी की सीट पर पार्टी को करारा झटका लगा है।
- डिंपल यादव: पहले कन्नौज से दो बार और अब मैनपुरी से सांसद डिंपल यादव ने छिबरामऊ और सौरिख में उम्मीदवारों के समर्थन में वोट मांगा। छिबरामऊ में टक्कर रही। सौरिख में भी कामयाबी नहीं मिल सकी।
- बृजलाल खाबरी: कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल ने जिले में मात्र एक सीट समधन नगर पंचायत में सभा की। इसी सीट से पार्टी को भी उम्मीद थी। पार्टी को यहां कामयाबी भी मिल गई।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य: यहां शहर में जनसभा कर गए। वोट देने की अपील भी की। सपा पर तीर चलाया। ट्रिपल इंजन की सरकार बनने पर विकास का वादा किया। लेकिन जनता पर जादू नहीं चल सका।
- उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक: गुरसहायगंज की नुमाइश मैदान में छह मई को जनसभा की। पार्टी उम्मीदवार को जिताने के लिए समर्थन मांगा। यहां भाजपा को जिले की सबसे बड़ी जीत मिली।
- अखिलेश यादव: सपा मुखिया ने जिले की सभी सीट को मथ दिया। लगातार दो दिन जिले में आए। तालग्राम नगर पंचायत में उनकी अपील काम कर गई। बाकी की सीट पर पार्टी को करारा झटका लगा है।
- डिंपल यादव: पहले कन्नौज से दो बार और अब मैनपुरी से सांसद डिंपल यादव ने छिबरामऊ और सौरिख में उम्मीदवारों के समर्थन में वोट मांगा। छिबरामऊ में टक्कर रही। सौरिख में भी कामयाबी नहीं मिल सकी।
- बृजलाल खाबरी: कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल ने जिले में मात्र एक सीट समधन नगर पंचायत में सभा की। इसी सीट से पार्टी को भी उम्मीद थी। पार्टी को यहां कामयाबी भी मिल गई।