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कालिंदी धमाका: जीआरपी और एटीएस जांच में उलझी, खंगाले जा चुके हैं दस हजार मोबाइल नंबर, नतीजे से दूर
Sun, 14 Apr 2019 06:02 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 14 Apr 2019 06:02 PM IST
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कालिंदी एक्सप्रेस धमाका (फाइल फोटो)
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कालिंदी एक्सप्रेस में हुए धमाके के मामले में जीआरपी और एटीएस की जांच किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। जीआरपी व पुलिस मामले में दो दर्जन लोगों से पूछताछ कर चुकी है। एटीएस दस हजार मोबाइल नंबर खंगाल चुकी है। घटना का खुलासा अभी नहीं हुआ है। 20 फरवरी की शाम बर्राजपुुर (शिवराजपुर) रेलवे स्टेशन पर कालिंदी एक्सप्रेस की जनरल बोगी के शौचालय में धमाका हुआ था।
जीआरपी फर्रुखाबाद ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी। जीआरपी इंस्पेक्टर मुकेश मलिक ने बताया कि शिवराजपुर के मक्कापुरवा समेत चौबेपुर के एक गांव के दो दर्जन से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। इसमें जयपुर के एक कथित पत्रकार से करीब बीस बार पूछताछ की जा चुकी है। अधिकारियों को आशंका है कि दो पक्षों के रंजिश में एक पक्ष को फंसाने केलिए घटना को अंजाम दिया गया था।
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जीआरपी फर्रुखाबाद ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी। जीआरपी इंस्पेक्टर मुकेश मलिक ने बताया कि शिवराजपुर के मक्कापुरवा समेत चौबेपुर के एक गांव के दो दर्जन से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। इसमें जयपुर के एक कथित पत्रकार से करीब बीस बार पूछताछ की जा चुकी है। अधिकारियों को आशंका है कि दो पक्षों के रंजिश में एक पक्ष को फंसाने केलिए घटना को अंजाम दिया गया था।
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पूरे मामले में जीआरपी की लापरवाही की वजह से जांच सुस्त
हालांकि अभी तक एक भी सुबूत नहीं मिले हैं। उधर एटीएस ने घटना के बाद दस हजार नंबरों को चिह्नित किया था। इसमें सें एटीएस ने घटना स्थल सहित चार जगहों के 700 संदिग्ध नंबर निकाल कर उनकी पड़ताल की थी। इससे भी अभी तक कुछ हासिल नहीं हो सका है। पूरे मामले में जीआरपी की लापरवाही की वजह से जांच सुस्त है।
दरअसल, घटना स्थल पर एक डायरी व जैश-ए-मोहम्मद के नाम से पत्र मिला था। डायरी में कुछ लोगों के नाम लिखे थे। हैंड राइटिंग मिलान के लिए जीआरपी ने दस से अधिक लोगों के हैंड राइटिंग के नमूने जांच को लैब भेजे थे। लापरवाही यह रही कि नमूने मानक अनुसार नहीं थे।
नतीजतन सभी नमूने वापस कर दिए गए थे। करीब बीस दिन का समय बीत चुका है, जीआरपी ने दोबारा हैंड राइटिंग के नमूने नहीं भेजे हैं। फर्रुखाबाद जीआरपी इंस्पेक्टर मुकेश मलिक ने बताया अभी जांच जारी है। हैंड राइटिंग केनमूने जल्द ही भेजे जाएंगे। जब तक पुख्ता जानकारी नहीं मिलती है, तब तक कुछ कहना सही नहीं होगा।
दरअसल, घटना स्थल पर एक डायरी व जैश-ए-मोहम्मद के नाम से पत्र मिला था। डायरी में कुछ लोगों के नाम लिखे थे। हैंड राइटिंग मिलान के लिए जीआरपी ने दस से अधिक लोगों के हैंड राइटिंग के नमूने जांच को लैब भेजे थे। लापरवाही यह रही कि नमूने मानक अनुसार नहीं थे।
नतीजतन सभी नमूने वापस कर दिए गए थे। करीब बीस दिन का समय बीत चुका है, जीआरपी ने दोबारा हैंड राइटिंग के नमूने नहीं भेजे हैं। फर्रुखाबाद जीआरपी इंस्पेक्टर मुकेश मलिक ने बताया अभी जांच जारी है। हैंड राइटिंग केनमूने जल्द ही भेजे जाएंगे। जब तक पुख्ता जानकारी नहीं मिलती है, तब तक कुछ कहना सही नहीं होगा।