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स्टील की बुलेट प्रूफ जैकेट को भी भेद देगी जेवीपीसी, डीआरडीओ के सहयोग से की गई है विकसित
Sat, 12 Dec 2020 06:35 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 12 Dec 2020 06:35 PM IST
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जेवीपीसी कारबाइन
- फोटो : amar ujala
कानपुर की लघु शस्त्र निर्माणी (एसएएफ) में बनी ज्वाइंट वेंचर प्रोटेक्टिव कारबाइन (जेवीपीसी) जल्द ही सेना के पास होगी। जेवीपीसी यूजर ट्रायल के अंतिम चरण में पास हो गई है। डीआरडीओ के सहयोग से विकसित की गई जेवीपीसी स्टील की मोटी बुलेट प्रूफ जैकेट को भी भेदने में सक्षम है।
इसकी मारक क्षमता 100 मीटर है। वजन तीन किलोग्राम से भी कम होने के कारण एक हाथ से भी फायरिंग की जा सकती है। इसमें 30 राउंड फायर की स्टील की मैग्जीन लगी है। आयुध निर्माणी बोर्ड के उपनिदेशक गगन चतुर्वेदी ने बताया कि हाल ही में कारबाइन ने जनरल सर्विस क्वालिटेटिव रिक्वायरमेंट (जीएसक्यूआर) के सभी मानकों को यूजर ट्रायल में पूरा कर लिया है।
इसके बाद यह सेना में उपयोग के लिए तैयार है। इससे पहले यह कारबाइन डायरेक्टर जनरल क्वालिटी एश्योरेंस (डीजीक्यूए) के मानकों पर खरी उतर चुकी है। उन्होंने बताया कि सेमी बुलपॉप डिजाइन के साथ गैस से ऑपरेट होने वाली कारबाइन है। इसका उत्पादन एसएएफ में होगा जबकि इसका एम्युनिशन का उत्पादन पुणे स्थित आयुध निर्माणी खड़की में किया जाएगा।
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इसकी फायरिंग दर 800 राउंड प्रति मिनट है। इसकी गोलियां साढ़े तीन एमएम मोटी माइल्ड स्टील प्लेट को 100 मीटर की दूरी से साफ्ट आर्मर की 23 लेयर को भेद सकती हैं। उन्होंने बताया कि फरवरी 2020 में लखनऊ में लगे डिफेंस एक्सपो में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इसे प्रदर्शित किया था। कई राज्यों की पुलिस व अन्य बलों को यह कारबाइन दी जा रही है।
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इसकी मारक क्षमता 100 मीटर है। वजन तीन किलोग्राम से भी कम होने के कारण एक हाथ से भी फायरिंग की जा सकती है। इसमें 30 राउंड फायर की स्टील की मैग्जीन लगी है। आयुध निर्माणी बोर्ड के उपनिदेशक गगन चतुर्वेदी ने बताया कि हाल ही में कारबाइन ने जनरल सर्विस क्वालिटेटिव रिक्वायरमेंट (जीएसक्यूआर) के सभी मानकों को यूजर ट्रायल में पूरा कर लिया है।
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इसके बाद यह सेना में उपयोग के लिए तैयार है। इससे पहले यह कारबाइन डायरेक्टर जनरल क्वालिटी एश्योरेंस (डीजीक्यूए) के मानकों पर खरी उतर चुकी है। उन्होंने बताया कि सेमी बुलपॉप डिजाइन के साथ गैस से ऑपरेट होने वाली कारबाइन है। इसका उत्पादन एसएएफ में होगा जबकि इसका एम्युनिशन का उत्पादन पुणे स्थित आयुध निर्माणी खड़की में किया जाएगा।
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इसकी फायरिंग दर 800 राउंड प्रति मिनट है। इसकी गोलियां साढ़े तीन एमएम मोटी माइल्ड स्टील प्लेट को 100 मीटर की दूरी से साफ्ट आर्मर की 23 लेयर को भेद सकती हैं। उन्होंने बताया कि फरवरी 2020 में लखनऊ में लगे डिफेंस एक्सपो में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इसे प्रदर्शित किया था। कई राज्यों की पुलिस व अन्य बलों को यह कारबाइन दी जा रही है।