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जालौन सड़क दुर्घटना: हादसे में बुझ गए छह घरों के चिराग, भागवताचार्य व दो शिक्षकों समेत आठ की गई जान

Tue, 05 May 2026 05:45 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन Published by: Shikha Pandey Updated Tue, 05 May 2026 05:45 PM IST
सार

यूपी के जालौन जिले में हुए दर्दनाक हादसे में आठ लोगों की जान चली गई। सभी मृतक एक ही मोहल्ले के थे। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।

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Jalaun Road Accident: The lights of six households extinguished in the tragedy; eight lives lost
जालौन सड़क हादसा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कालपी कोतवाली क्षेत्र के चौरासी गुंबद के पास सोमवार सुबह करीब 5:45 बजे श्रद्धालुओं से भरी टवेरा और डंपर की भीषण भिड़ंत में आठ लोगों की मौत हो गई। हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोग एक ही मोहल्ले के रहने वाले थे, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। इस दर्दनाक हादसे ने छह परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

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मृतकों के पीछे 12 से अधिक बच्चे हैं, जिनके सिर से पिता की छत्रछाया हमेशा के लिए उठ गई। मृतकों में कथा वाचक (भागवताचार्य) मनोज भोड़ले (39) पुत्र ओमप्रकाश भोड़ले शामिल हैं, जो अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। धार्मिक कथा व कर्मकांड के जरिए वह पत्नी नेहा और दो पुत्रियों रिद्धि व सिद्धि का भरण-पोषण करते थे। उनकी असामयिक मृत्यु से पूरा परिवार बेसहारा हो गया है।

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बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
देशराज नामदेव, जो इलेक्ट्रिक की दुकान चलाते थे, अपने पीछे पत्नी सुषमा और दो पुत्रियों रूही व सेजल को छोड़ गए हैं। वहीं कृष्णकांत नायक कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में संविदा शिक्षक थे। उनके निधन के बाद पत्नी ज्योति और दो पुत्रियों परी व छुटकी के सामने जीवन यापन की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।

 

स्वामी प्रसाद तिवारी एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षक थे। शिक्षण कार्य से ही अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके परिवार में पत्नी चंदा देवी, दो पुत्र बृजेंद्र व अरविंद और दो पुत्रियां संगीता व रुचि हैं, जो अब गहरे सदमे में हैं। शशिकांत तिवारी ब्रेड-बेकरी का कार्य करते थे। उनकी मौत के बाद पत्नी पिंकी, पुत्र केतन और पुत्री प्रतीक्षा का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं उमेश तिवारी, जो बीकॉम कर चुका था, अविवाहित था।
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घटना से परिजनों में मचा कोहराम

उसके पिता रामगोपाल तिवारी किसान हैं। बेटे की मौत की खबर सुनते ही मां गुड्डी और बड़े भाई उमाकांत का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। इस हृदयविदारक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। एक ही मोहल्ले के छह लोगों की मौत से हर घर में मातम पसरा हुआ है।
 
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