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Jalaun: 31 साल पुराने दोहरे हत्याकांड में पूर्व विधायक छोटे सिंह की जमानत अर्जी खारिज

Thu, 19 Mar 2026 07:30 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन Published by: Shikha Pandey Updated Thu, 19 Mar 2026 07:30 PM IST
सार

Jalaun News: पूर्व विधायक छोटे सिंह की 11 सितंबर 2025 से जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं।

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Jalaun: Former MLA Chhote Singh's Bail Plea Rejected in 31-Year-Old Double Murder Case
छोटे सिंह चौहान की फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

31 वर्ष पुराने चर्चित दोहरे सगे भाइयों के हत्याकांड मामले में दोषी करार दिए गए बसपा के पूर्व विधायक छोटे सिंह चौहान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने उनकी सजा निलंबन और जमानत अर्जी खारिज कर दी है। हाईकोर्ट की खंडपीठ, न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति जय कृष्ण उपाध्याय ने मामले की गंभीरता, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए यह फैसला सुनाया। आपराधिक अपील 16 मार्च 2026 को सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रखा गया था, जिसे 19 मार्च को सुनाया गया।
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चुर्खी थाना क्षेत्र के बिनौरा वैध गांव निवासी रामकुमार ने पुलिस को दी तहरीर दी थी। बताया था कि 30 मई 1994 को वह अपने कोठी वाले मकान के बरामदे में बड़े भाई जगदीश शरण, राजकुमार उर्फ राजा भैया सहित अन्य लोगों के साथ बैठे थे। इसी दौरान गांव के रुद्रपाल सिंह उर्फ लल्ले गुर्जर, राजा सिंह, संतावन सिंह गुर्जर, करन सिंह उर्फ कल्ले व दो अज्ञात लोग हथियारों के साथ घर में घुस आए।
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हमलावरों ने घेराबंदी कर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें राजकुमार और उनके बड़े भाई जगदीश शरण की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वीरेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
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विवेचना के दौरान इस मामले में छोटे सिंह चौहान समेत अन्य आरोपियों के नाम सामने आए। पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की और मामले की सुनवाई चली। छोटे सिंह ने गिरफ्तारी से बचने के लिए बाद में न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था।
लंबी सुनवाई के बाद 11 सितंबर 2025 को जालौन की एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश भारतेंदु सिंह ने छोटे सिंह चौहान को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। सजा के दौरान आरोपी द्वारा हाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र भी न्यायालय ने खारिज कर दिया था और गिरफ्तारी के आदेश दिए थे।


बताया जाता है कि वर्ष 2007 में बसपा से कालपी विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने छोटे सिंह को हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद प्रदेश सरकार ने मामला वापस लेने की कार्रवाई की थी। इस पर वादी पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की, जहां राज्यपाल के आदेश को निरस्त करते हुए मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट में शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद 24 मई 2024 से मामले की सुनवाई तेज हुई और सितंबर 2025 में फैसला सुनाया गया। हाईकोर्ट द्वारा जमानत अर्जी खारिज किए जाने के बाद अब पूर्व विधायक की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
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