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Irfan Solanki Case: गैंगस्टर में जमानत तो जेल से रिहाई का रास्ता होगा साफ, एक साल में दर्ज हुए थे नौ मुकदमे

Thu, 13 Mar 2025 11:40 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Thu, 13 Mar 2025 11:40 AM IST
सार

Kanpur News: इरफान के आपराधिक इतिहास पर नजर डालें तो वर्ष 2022 में नौ मामले दर्ज हुए थे। इनमें से आठ मुकदमे जाजमऊ आगजनी की घटना के बाद एक माह के अंदर अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दर्ज हुए। वहीं, एक मामला उन्नाव के अचलगंज थाने में वर्ष 2008 में दर्ज हुआ था।

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Irfan Solanki Case If he gets bail in gangster case then the way for his release from jail will be clear
इरफान सोलंकी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर के जाजमऊ में आगजनी की घटना के बाद एक के बाद नौ मामलों में आरोपी बने पूर्व सपा विधायक इरफान सोलंकी के जेल से बाहर आने की राह अभी भी मुश्किलों से भरी है। आगजनी के मुकदमे में इरफान को एमपीएमएलए सेशन कोर्ट ने जून 2024 में सजा भी सुना दी थी। सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील सुनवाई के लिए स्वीकार हो चुकी है और इरफान को जमानत भी मिल चुकी है।

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इसके अलावा बाकी मुकदमों में भी इरफान की जमानत स्वीकार हो चुकी हैं। हालांकि अभी उन्हें गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मामले में जमानत मिलने का इंतजार है। अगर इस मुकदमे में भी जमानत मिल गई तो इरफान की जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो जाएगा। बता दें, इरफान के खिलाफ फर्जी आधार कार्ड से हवाई यात्रा करना, बांग्लादेशी नागरिक रिजवान का फर्जी निवास प्रमाण पत्र जारी करना, रंगदारी मांगने से संबंधित मुकदमे और गैंगस्टर एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। 

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एक साल में दर्ज हुए थे नौ मामले
इरफान के आपराधिक इतिहास पर नजर डालें तो वर्ष 2022 में नौ मामले दर्ज हुए थे। इनमें से आठ मुकदमे जाजमऊ आगजनी की घटना के बाद एक माह के अंदर अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दर्ज हुए। वहीं, एक मामला उन्नाव के अचलगंज थाने में वर्ष 2008 में दर्ज हुआ था। आगजनी के मुकदमे में सजा हो चुकी है, जबकि कुछ मुकदमों में इरफान बरी भी हो चुके हैं।

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इरफान का ये है आपराधिक इतिहास

  • अशरफ नाम से फर्जी आधार कार्ड से दिल्ली से मुंबई तक की हवाई यात्रा का मामला। ग्वालटोली थाने में 26 नवंबर 2022 को दर्ज हुई थी रिपोर्ट।
  • अनवरगंज फूलवाली गली निवासी सामाजिक कार्यकर्ता अकील अहमद ने गुंडा टैक्स मांगने के मामले में जाजमऊ थाने में 6 दिसंबर 2022 को दर्ज कराई थी रिपोर्ट।
  • बेकनगंज के कंघी मोहाल निवासी मो.नसीम आरिफ ने 6 दिसंबर 2022 को जाजमऊ थाने में जमीन कब्जाने के मामले में दर्ज कराई थी रिपोर्ट।
  • जाजमऊ के दुर्गा विहार निवासी विमल कुमार ने 25 दिसंबर 2022 को जाजमऊ थाने में रंगदारी व जमीन कब्जाने के मामले में दर्ज कराई थी रिपोर्ट।
  • जाजमऊ में दर्ज हुई थी गैंगस्टर एक्ट के तहत रिपोर्ट।
  • बांग्लादेशी नागरिक डॉ. रिजवान का फर्जी निवास प्रमाण पत्र जारी करने के मामले में मूलगंज थाने में 10 दिसंबर 2022 को दर्ज हुई थी रिपोर्ट।
  • ग्वालटोली थाना प्रभारी जैनेन्द्र सिंह तोमर ने 26 दिसंबर 2022 को पुलिस से विवाद के मामले में ग्वालटोली थाने में दर्ज कराई थी रिपोर्ट।
  • महामारी अधिनियम के तहत अनवरगंज थाने में वर्ष 2022 में दर्ज हुई थी रिपोर्ट।
  • लोकसेवक के काम में बाधा डालने व आचार संहिता उल्लंघन के मामले में चमनगंज थाने में वर्ष 2022 में दर्ज हुई थी रिपोर्ट।
  • स्वरूप नगर थाने में वर्ष 2014 में बलवा, मारपीट व हत्या के प्रयास की रिपोर्ट।
  • स्वरूप नगर थाने में वर्ष 2014 में बलवा व मारपीट व सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने की रिपोर्ट।
  • स्वरूप नगर थाने में वर्ष 2014 में मारपीट, धमकाने व सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने की रिपोर्ट।
  • कर्नलगंज थाने में वर्ष 2017 में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत रिपोर्ट।
  • चमनगंज थाने में वर्ष 2020 में लोकसेवक के काम में बाधा डालने की रिपोर्ट।
  • ग्वालटोली थाने में वर्ष 2011 में बलवा, गाली-गलौज की रिपोर्ट।
  • ग्वालटोली थाने में वर्ष 2010 में राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम (पीआईएनएच एक्ट) के तहत रिपोर्ट।
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जाजमऊ में दर्ज हुआ था गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा
आगजनी की घटना के बाद इरफान समेत सात लोगों के खिलाफ जाजमऊ थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि इरफान सोलंकी, रिजवान सोलंकी, मो.शरीफ, शौकत अली व इसराइल आटे वाला का संगठित गिरोह है। यह गिरोह अन्र्तजनपदीय स्तर पर सक्रिय है। गिरोह अपराध करके आर्थिक व भौतिक लाभ कमाता है और गिरोह के सदस्य अवैध धन से ऐशो आराम की जिंदगी गुजारते हैं। मारपीट, आगजनी, धोखाधड़ी करके जमीन कब्जाना, रंगदारी वसूलना आदि इनके गिरोह के काम हैं। गिरोह के सदस्यों द्वारा 7 नवंबर 2022 को नजीर फातिमा के प्लाट पर कब्जा करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से आग लगा दी गई। मुकदमे में मुर्सलीन खान उर्फ भोलू और मो.एजाज उर्फ अज्जन के नाम भी बाद में बढ़ा दिए गए हैं। इस मुकदमे की सुनवाई एमपीएमएलए सेशन कोर्ट में चल रही है।

आगजनी मामले में मिल चुकी है जमानत
एमपीएमएलए सेशन कोर्ट ने 3 जून 2024 को आगजनी मामले में पांचों आरोपियों को दोषी करार दे दिया था और 7 जून 2024 को इरफान सोलंकी, रिजवान सोलंकी, शौकत अली, मो.शरीफ और इसराइल आटे वाला पांचों दोषियों को सात-सात साल कैद की सजा सुना दी थी। सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दाखिल की गई थी। हाईकोर्ट ने 14 नवंबर 2024 को सजा के खिलाफ अपील को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया था। मामले में इरफान की जमानत भी मंजूर कर ली गई थी हालांकि हाईकोर्ट ने सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।

पत्नी ने संभाली पारिवारिक सीट
हाईकोर्ट द्वारा सजा पर रोक न लगाए जाने के कारण इरफान को अपनी विधायकी गंवानी पड़ी थी। सीसामऊ विधानसभा सीट खाली होने के कारण क्षेत्र में दोबारा चुनाव हुए थे हालांकि इरफान की पारिवारिक सीट पर उनके परिवार का कब्जा बरकरार रहा और इरफान की पत्नी नसीम सोलंकी ने चुनाव जीत कर विधायक की शपथ ली थी।

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