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इंटीग्रेटेड ट्रैफिक सिस्टम का काम शुरू
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Wed, 15 Jun 2016 01:24 AM IST
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लालइमली चौराहे पर इंटीग्रेटेड ट्रैफिक सिस्टम के लिए शुरू हुआ काम
- फोटो : amarujala
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कानपुर। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए बनाए जा रहे इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम का काम मंगलवार को शुरू हो गया। सिस्टम बना रही कंपनी ओनिक्स इलेक्ट्रिानिक्स ने पहले चरण में लाल इमली चौराहे से लेकर वीआईपी रोड का चयन किया है। काम के पहले दिन लाल इमली चौराहे पर पांच पिलर निर्माण के लिए खुदाई शुरू हुई। देर शाम इस संबंध में कंपनी के प्रतिनिधियों संग केडीए अधिकारियों ने बैठक भी की। केडीए अधिकारियों को कंपनी प्रतिनिधियों ने बार चार्ट (वर्क लिस्ट) सौंपा।
इंटीग्रेेटेड ट्रैफिक सिस्टम के अंतर्गत शहर के 75 चौराहों को रिडिजाइन किया जाएगा। सभी चौराहों पर सेंसरयुक्त कैमरे लगाने के साथ ही शहर के प्रमुख 30 स्थानों पर वैरिएबल मैसेज साइन (वीएमएस) स्क्रीन लगेगी। कंपनी पहले चरण में इनके लिए फाउंडेशन बनाने और पिलर लगाने का काम करेगी।
केडीए चीफ इंजीनियर सरवत अली ने बताया कि कंपनी ने ट्रैफिक सिस्टम का काम शुरू कर दिया है। इसके मद्देनजर कंपनी प्रतिनिधियों संग बैठक की गई है। चौराहों की डिजाइनिंग की भी प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। सितंबर अंत तक सिस्टम काम करने लगेगा।
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350 गांवों में पास होंगे नक्शे
कानपुर (ब्यूरो)। डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर किनारे प्रस्तावित 18 औद्योगिक क्षेत्रों समेत कानपुर, कानपुर देहात और फतेहपुर में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्रों के गांवों में निर्माण से पहले नक्शा पास करवाना पडे़ेगा। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने इन औद्योगिक क्षेत्रों के करीब 350 गांवों को अधिसूचित कर दिया है। इसके बाद बिना यूपीसीडा की अनुमति के कोई भी निर्माण नहीं किया जा सकता है।अधिसूचना के दायरे में आए गांवों कानपुर नगर में सरसौल, रमईपुर, रूरा, भाऊपुर, कानपुर देहात में कंचौसी, रामेपुर, फतेहपुर में मलवां, रसूलाबाद समेत अन्य जनपदों के औद्योगिक क्षेत्र शामिल हैं। यूपीसीडी के सीईओ मनोज सिंह के मुताबिक इन गांवों में नक्शा पास कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निर्माण से पूर्व अब नक्शा पास करवाना अनिवार्य है।
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इंटीग्रेेटेड ट्रैफिक सिस्टम के अंतर्गत शहर के 75 चौराहों को रिडिजाइन किया जाएगा। सभी चौराहों पर सेंसरयुक्त कैमरे लगाने के साथ ही शहर के प्रमुख 30 स्थानों पर वैरिएबल मैसेज साइन (वीएमएस) स्क्रीन लगेगी। कंपनी पहले चरण में इनके लिए फाउंडेशन बनाने और पिलर लगाने का काम करेगी।
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केडीए चीफ इंजीनियर सरवत अली ने बताया कि कंपनी ने ट्रैफिक सिस्टम का काम शुरू कर दिया है। इसके मद्देनजर कंपनी प्रतिनिधियों संग बैठक की गई है। चौराहों की डिजाइनिंग की भी प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। सितंबर अंत तक सिस्टम काम करने लगेगा।
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350 गांवों में पास होंगे नक्शे
कानपुर (ब्यूरो)। डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर किनारे प्रस्तावित 18 औद्योगिक क्षेत्रों समेत कानपुर, कानपुर देहात और फतेहपुर में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्रों के गांवों में निर्माण से पहले नक्शा पास करवाना पडे़ेगा। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने इन औद्योगिक क्षेत्रों के करीब 350 गांवों को अधिसूचित कर दिया है। इसके बाद बिना यूपीसीडा की अनुमति के कोई भी निर्माण नहीं किया जा सकता है।अधिसूचना के दायरे में आए गांवों कानपुर नगर में सरसौल, रमईपुर, रूरा, भाऊपुर, कानपुर देहात में कंचौसी, रामेपुर, फतेहपुर में मलवां, रसूलाबाद समेत अन्य जनपदों के औद्योगिक क्षेत्र शामिल हैं। यूपीसीडी के सीईओ मनोज सिंह के मुताबिक इन गांवों में नक्शा पास कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निर्माण से पूर्व अब नक्शा पास करवाना अनिवार्य है।