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Kanpur News: जाजमऊ एसटीपी में दूषित स्लज मिलने पर जांच समिति गठित
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कानपुर। जाजमऊ स्थित 130 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) परिसर में जमा दूषित स्लज के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने मामले की जांच के लिए सात सदस्यीय समिति गठित की है। समिति दूषित स्लज के स्रोत, उसके भंडारण और निस्तारण में हुई खामियों की जांच कर जिम्मेदारी तय करेगी। साथ ही पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप स्लज का सुरक्षित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला पर्यावरण समिति की बैठक में मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए। समिति की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। प्रशासन इस मामले में प्रदूषणकर्ता भुगतान सिद्धांत लागू करेगा। इसके तहत प्रदूषण फैलाने वाले व्यक्ति या संस्था को पर्यावरणीय नुकसान और दूषित स्लज के निस्तारण की लागत वहन करनी होगी। इससे निस्तारण का पूरा आर्थिक बोझ सरकारी खजाने पर डालने के बजाय जिम्मेदार पक्षों की जवाबदेही तय की जाएगी। जिलाधिकारी ने समिति को जांच पूरी कर विस्तृत रिपोर्ट प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी प्रभाग के माध्यम से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
समिति में आईआईटी के प्रोफेसर भी शामिल
सात सदस्यीय समिति में सामाजिक वानिकी प्रभाग, नगर निगम, उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण एवं नगरीय) और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नामित अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा आईआईटी कानपुर के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर मनोज कुमार तिवारी और जटेटा, जाजमऊ के सचिव रिजवान नादरी को भी समिति में शामिल किया गया है।
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जिला पर्यावरण समिति की बैठक में मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए। समिति की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। प्रशासन इस मामले में प्रदूषणकर्ता भुगतान सिद्धांत लागू करेगा। इसके तहत प्रदूषण फैलाने वाले व्यक्ति या संस्था को पर्यावरणीय नुकसान और दूषित स्लज के निस्तारण की लागत वहन करनी होगी। इससे निस्तारण का पूरा आर्थिक बोझ सरकारी खजाने पर डालने के बजाय जिम्मेदार पक्षों की जवाबदेही तय की जाएगी। जिलाधिकारी ने समिति को जांच पूरी कर विस्तृत रिपोर्ट प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी प्रभाग के माध्यम से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
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समिति में आईआईटी के प्रोफेसर भी शामिल
सात सदस्यीय समिति में सामाजिक वानिकी प्रभाग, नगर निगम, उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण एवं नगरीय) और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नामित अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा आईआईटी कानपुर के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर मनोज कुमार तिवारी और जटेटा, जाजमऊ के सचिव रिजवान नादरी को भी समिति में शामिल किया गया है।
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