{"_id":"579a5df04f1c1b967021e822","slug":"industrial-sector-of-the-dm-startup","type":"story","status":"publish","title_hn":"औद्योगिक क्षेत्र को डीएम का ‘स्टार्टअप’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
औद्योगिक क्षेत्र को डीएम का ‘स्टार्टअप’
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Fri, 29 Jul 2016 01:03 AM IST
विज्ञापन
कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित उद्योग बंधु बैठक डीएम कौशलराज शर्मा।
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर। औद्योगिक क्षेत्रों की बदहाली पर अमर उजाला के अभियान का असर होने लगा है। बदहाली से नाराज डीएम कौशलराज शर्मा गुरुवार को जिला उद्योग बंधु एवं औद्योगिक व्यापारिक सुरक्षा फोरम की पांचवीं मीटिंग में पहली बार एक्शन के मूड में दिखे।
बिना प्रपत्रों व दस्तावेज के मीटिंग में आने, किए गए कामों की रिपोर्ट न देने और दिए गए आदेशों का निर्धारित समय पर पालन न करने पर डीएम ने यूपीएसआईडीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) अजीत सिंह के खिलाफ विभागीय जांच और निलंबन की संस्तुति की है। इसके लिए यूपीएसआईडीसी के चेयरमैन आलोक रंजन व एमडी मनोज सिंह को पत्र लिखने के लिए उद्योग उपायुक्त अनिल कुमार को निर्देश दिया है। डीएम ने भरी मीटिंग में कहा कि यूपीएसआईडीसी के अधिकारियों का रवैया नहीं सुधरा तो वे उद्योग बंधु की मीटिंग में उन्हें शामिल नहीं करेंगे। शासन अपने स्तर पर मीटिंग करवाए।
दरअसल, पिछले सात माह से उद्योग बंधु की हर मीटिंग में सबसे अधिक समस्याएं यूपीएसआईडीसी और नगर निगम से संबंधित आईं। नगर निगम ने तो थोड़ा बहुत काम करवाया। यूपीएसआईडीसी की ओर से एक भी काम नहीं हुआ। अमर उजाला ने यह मुद्दा जोर-शोर से उठाया। डीएम ने इस बार यूपीएसआईडीसी से संबंधित हर समस्या पर आरएम से सवाल किया तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला। हर बार की तरह ‘काम हो रहा है, पत्र भेजा है, रिपोर्ट तैयार नहीं है, कागज अगली मीटिंग में लेकर आएंगे’ जैसे जवाब सुनकर डीएम उखड़ गए। बोले- सात महीने से मीटिंग में आ रहे हैं। किसी भी काम की रिपोर्ट पेश नहीं की। एक भी पत्र का लिखित में जवाब नहीं दिया। काम हो नहीं रहे। काम पूरा होने की फाइनल तारीख भी नहीं बता रहे, फिर यहां आ क्यों रहे हैं। इस पर मीटिंग में सन्नाटा पसर गया। डीएम ने उद्योग उपायुक्त को निर्देश दिया कि यूपीएसआईडीसी के चेयरमैन और एमडी को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण से अवगत कराएं। उनकी तरफ से इनकी विभागीय जांचकर निलंबन की संस्तुति की जाती है।
विज्ञापन
एनजीटी में करें शिकायत
कानपुर (ब्यूरो)। उद्योग बंधु की बैठक में उद्यमियों ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र रूमा का ईटीपी (एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) चालू नहीं हो पा रहा है। एनजीटी 18 तारीख से लगातार सुनवाई करेगा। यदि प्लांट न चालू हुआ तो उद्योग बंद हो जाएंगे। इस पर बताया गया कि ईटीपी का काम 60 फीसदी पूरा हो गया है, लेकिन बिजली कनेक्शन नहीं है। डीएम ने यूपीएसआईडीसी के आरएम से पूछा कि ईटीपी के साथ ही बिजली कनेक्शन क्यों नहीं करवाया गया। चार दिन का काम चार माह से क्यों लटका है? जवाब मिला कि यह काम उनके अधीन आते जेई का है। इस पर डीएम ने कहा कि मुझे मतलब नहीं, जवाब दें कि बिजली कनेक्शन क्यों नहीं हुआ? जवाब न मिलने पर पूछा कि कब तक चालू करवा पाएंगे प्लांट। इसका भी जवाब न मिला तो डीएम ने कहा कि 20 अगस्त तक न सिर्फ प्लांट चालू हो जाए बल्कि पानी का शोधन भी होेने लगे। डीएम ने उद्यमियों से कहा कि 20 तक प्लांट न चालू हो एनजीटी में अपना पक्ष रखते हुए यूपीएसआईडीसी की शिकायत करें।
विज्ञापन
बिना प्रपत्रों व दस्तावेज के मीटिंग में आने, किए गए कामों की रिपोर्ट न देने और दिए गए आदेशों का निर्धारित समय पर पालन न करने पर डीएम ने यूपीएसआईडीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) अजीत सिंह के खिलाफ विभागीय जांच और निलंबन की संस्तुति की है। इसके लिए यूपीएसआईडीसी के चेयरमैन आलोक रंजन व एमडी मनोज सिंह को पत्र लिखने के लिए उद्योग उपायुक्त अनिल कुमार को निर्देश दिया है। डीएम ने भरी मीटिंग में कहा कि यूपीएसआईडीसी के अधिकारियों का रवैया नहीं सुधरा तो वे उद्योग बंधु की मीटिंग में उन्हें शामिल नहीं करेंगे। शासन अपने स्तर पर मीटिंग करवाए।
विज्ञापन
दरअसल, पिछले सात माह से उद्योग बंधु की हर मीटिंग में सबसे अधिक समस्याएं यूपीएसआईडीसी और नगर निगम से संबंधित आईं। नगर निगम ने तो थोड़ा बहुत काम करवाया। यूपीएसआईडीसी की ओर से एक भी काम नहीं हुआ। अमर उजाला ने यह मुद्दा जोर-शोर से उठाया। डीएम ने इस बार यूपीएसआईडीसी से संबंधित हर समस्या पर आरएम से सवाल किया तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला। हर बार की तरह ‘काम हो रहा है, पत्र भेजा है, रिपोर्ट तैयार नहीं है, कागज अगली मीटिंग में लेकर आएंगे’ जैसे जवाब सुनकर डीएम उखड़ गए। बोले- सात महीने से मीटिंग में आ रहे हैं। किसी भी काम की रिपोर्ट पेश नहीं की। एक भी पत्र का लिखित में जवाब नहीं दिया। काम हो नहीं रहे। काम पूरा होने की फाइनल तारीख भी नहीं बता रहे, फिर यहां आ क्यों रहे हैं। इस पर मीटिंग में सन्नाटा पसर गया। डीएम ने उद्योग उपायुक्त को निर्देश दिया कि यूपीएसआईडीसी के चेयरमैन और एमडी को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण से अवगत कराएं। उनकी तरफ से इनकी विभागीय जांचकर निलंबन की संस्तुति की जाती है।
विज्ञापन
एनजीटी में करें शिकायत
कानपुर (ब्यूरो)। उद्योग बंधु की बैठक में उद्यमियों ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र रूमा का ईटीपी (एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) चालू नहीं हो पा रहा है। एनजीटी 18 तारीख से लगातार सुनवाई करेगा। यदि प्लांट न चालू हुआ तो उद्योग बंद हो जाएंगे। इस पर बताया गया कि ईटीपी का काम 60 फीसदी पूरा हो गया है, लेकिन बिजली कनेक्शन नहीं है। डीएम ने यूपीएसआईडीसी के आरएम से पूछा कि ईटीपी के साथ ही बिजली कनेक्शन क्यों नहीं करवाया गया। चार दिन का काम चार माह से क्यों लटका है? जवाब मिला कि यह काम उनके अधीन आते जेई का है। इस पर डीएम ने कहा कि मुझे मतलब नहीं, जवाब दें कि बिजली कनेक्शन क्यों नहीं हुआ? जवाब न मिलने पर पूछा कि कब तक चालू करवा पाएंगे प्लांट। इसका भी जवाब न मिला तो डीएम ने कहा कि 20 अगस्त तक न सिर्फ प्लांट चालू हो जाए बल्कि पानी का शोधन भी होेने लगे। डीएम ने उद्यमियों से कहा कि 20 तक प्लांट न चालू हो एनजीटी में अपना पक्ष रखते हुए यूपीएसआईडीसी की शिकायत करें।