{"_id":"5fa02fb3cc3b95530c249c70","slug":"income-tax-raid-of-six-bullion-traders-in-banda","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बांदा: छह सराफा व्यापारियों के यहां आयकर का छापा, कानपुर से आई दो टीमों ने एक साथ की कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बांदा: छह सराफा व्यापारियों के यहां आयकर का छापा, कानपुर से आई दो टीमों ने एक साथ की कार्रवाई
Mon, 02 Nov 2020 09:53 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 02 Nov 2020 09:53 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा जिले में शहर के स्टेशन रोड स्थित एक होटल से शनिवार की रात पुलिस द्वारा पकड़े गए मथुरा के सराफ सचिन कुमार के पास लगभग 11 किलो सोने के जेवर बरामद होने के बाद हरकत में आए आयकर विभाग की कानपुर से आई टीम ने सोमवार को शहर के छह प्रमुख सराफा व्यापारियों के यहां छापे मारे।
दोपहर को शुरू हुई छापामार कार्रवाई देर रात तक जारी थी। बड़ी संख्या में पुलिस मौजूद रही। टीम ने दुकानों के अभिलेख अपने कब्जे में लिए हैं। होटल में ठहरे मथुरा निवासी सराफ को शनिवार की देर रात शहर कोतवाली पुलिस और एसओजी टीम ने होटल पहुंचकर हिरासत में ले लिया।
उसके पास काफी मात्रा में सोने के जेवर आदि बरामद हुए। पुलिस उसे कोतवाली ले आई। रविवार को पूरा दिन पूछताछ की। मीडिया को कुछ भी जानकारी देने से परहेज किया। बाद में पुलिस द्वारा स्थानीय आयकर विभाग को सूचना दी गई। सोमवार को सुबह कानपुर से आयकर विभाग की दो टीमें यहां आ गईं।
विज्ञापन
आयकर अधिकारियों ने सचिन सराफ से पूछताछ की। इस दौरान उसने बताया कि वह आगरा, दिल्ली और मथुरा से जेवर लाकर बांदा के कई सराफा व्यापारियों को बेचता है। यह धंधा काफी दिनों से चल रहा है।
विज्ञापन
दोपहर को शुरू हुई छापामार कार्रवाई देर रात तक जारी थी। बड़ी संख्या में पुलिस मौजूद रही। टीम ने दुकानों के अभिलेख अपने कब्जे में लिए हैं। होटल में ठहरे मथुरा निवासी सराफ को शनिवार की देर रात शहर कोतवाली पुलिस और एसओजी टीम ने होटल पहुंचकर हिरासत में ले लिया।
विज्ञापन
उसके पास काफी मात्रा में सोने के जेवर आदि बरामद हुए। पुलिस उसे कोतवाली ले आई। रविवार को पूरा दिन पूछताछ की। मीडिया को कुछ भी जानकारी देने से परहेज किया। बाद में पुलिस द्वारा स्थानीय आयकर विभाग को सूचना दी गई। सोमवार को सुबह कानपुर से आयकर विभाग की दो टीमें यहां आ गईं।
विज्ञापन
आयकर अधिकारियों ने सचिन सराफ से पूछताछ की। इस दौरान उसने बताया कि वह आगरा, दिल्ली और मथुरा से जेवर लाकर बांदा के कई सराफा व्यापारियों को बेचता है। यह धंधा काफी दिनों से चल रहा है।
सचिन के इस खुलासे के बाद आयकर टीमों ने आनन-फानन शहर के प्रमुख सराफा व्यवसायी गोंदीलाल एंड संस की सभी दुकानों में एक साथ छापा मारा। इसके अलावा इर्दगिर्द स्थित सराफा की दुकानों में भी आयकर अधिकारियों ने दबिश दी।
इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद था। सड़क पर आवागमन भी रोक दिया गया। टीम की जांच पड़ताल पूरा दिन चली बल्कि देर रात तक जारी थी। सूत्रों के मुताबिक आयकर अधिकारियों को सराफा दुकानों में काफी गड़बड़ियां हाथ लगी हैं।
ग्राहकों को दी जाने वाले कैशमेमो नहीं थे। कई बही खाते गद्दों के नीचे छिपाकर रखे गए थे। बाहर रखे गए खातों और इन खातों में इंट्री में अंतर था। आयकर अधिकारियों ने दुकानों में उपलब्ध जेवरों आदि का मूल्यांकन किया।
टैक्स अदायगी के बारे में भी पड़ताल की। खरीद-बिक्री, स्टॉक, वैल्यूवेशन आदि रजिस्टर अपने कब्जे में ले लिए हैं। कानपुर से आई टीम में आयकर के अपर निदेशक विजय सिंह, उप निदेशक राघव गुप्ता शामिल हैं। इनके अलावा इंसपेक्टर शिवेंद्र श्रीवास्तव (बांदा), गोविंद मिश्रा व पंकज कुमार (कानपुर) भी साथ थे।
इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद था। सड़क पर आवागमन भी रोक दिया गया। टीम की जांच पड़ताल पूरा दिन चली बल्कि देर रात तक जारी थी। सूत्रों के मुताबिक आयकर अधिकारियों को सराफा दुकानों में काफी गड़बड़ियां हाथ लगी हैं।
ग्राहकों को दी जाने वाले कैशमेमो नहीं थे। कई बही खाते गद्दों के नीचे छिपाकर रखे गए थे। बाहर रखे गए खातों और इन खातों में इंट्री में अंतर था। आयकर अधिकारियों ने दुकानों में उपलब्ध जेवरों आदि का मूल्यांकन किया।
टैक्स अदायगी के बारे में भी पड़ताल की। खरीद-बिक्री, स्टॉक, वैल्यूवेशन आदि रजिस्टर अपने कब्जे में ले लिए हैं। कानपुर से आई टीम में आयकर के अपर निदेशक विजय सिंह, उप निदेशक राघव गुप्ता शामिल हैं। इनके अलावा इंसपेक्टर शिवेंद्र श्रीवास्तव (बांदा), गोविंद मिश्रा व पंकज कुमार (कानपुर) भी साथ थे।