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Kanpur News: पराली जलने के मामले में डीएम ने तीन को चेतावनी, दो एसडीएम सहित 11 अधिकारियों को दी नोटिस
Thu, 09 Nov 2023 01:11 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Thu, 09 Nov 2023 01:11 AM IST
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कानपुर देहात। खेतों में किसानों द्वारा जलाई जा रही पराली के कारण प्रदूषण बढ़ा है। पराली जलाने की घटनाओं में अंकुश न लगा पाने व कार्य के प्रति लापरवाही बरतने पर जिलाधिकारी आलोक सिंह ने नाराजगी जाहिर की है। बुधवार को जिलाधिकारी ने एसडीएम भाेगनीपुर, रसूलाबाद व अकबरपुर को चेतावनी जारी की। वहीं एसडीएम डेरापुर, सिकंदरा, जिला कृषि अधिकारी व 10 बीडीओं को कारण बताओं नोटिस जारी किया है। सख्त निर्देश दिए हैं कि पराली जलती पाई जाने पर संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
धान कटाई के बाद किसान खेतों में पराली जला रहे हैं। इससे वायु प्रदूषण बढ़ा है, लोगों को परेशानी भी हो रही है। सेटेलाइट से मिल रही जानकारी के बाद कार्रवाई भी की जा रही है। पराली जलाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी आलोक सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार शाम कार्रवाई की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को अंतिम चेतावनी जारी की है। उन्होंने उप जिलाधिकारी भोगनीपुर, रसूलाबाद तथा अकबरपुर को कठोर चेतावनी जारी की है। जबकि उप जिलाधिकारी डेरापुर व सिकंदरा सहित समस्त खंड विकास अधिकारियों व जिला कृषि अधिकारी को कारण बताओं नोटिस जारी किया है। जिलाधिकारी ने कड़े निर्देश दिए हैं कि जिस स्थान पर पराली जलाने की घटना सामने आए वहां पहुंच कर पराली जब्त की जाए। साथ ही संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस मामले में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि सभी तहसील व ब्लॉक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह सुबह 11 बजे से 3 बजे तक क्षेत्र में भ्रमण कर पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाएंगे। साथ ही अपनी लाइव लोकेशन कंट्रोल रूम को देंगे।
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अब तक 73 स्थानों पर चलती पाई गई पराली
-सेटेलाइट के माध्यम से पराली जलाने की 73 घटनाएं प्रकाश में आई हैं। सभी स्थलों की जांच कर संबंधित से अर्थदंड के रूप में 87 हजार रुपये का जुर्माना किसानों पर लगाया गया है। जिसमें से विभाग 67500 की ही वसूली कर सका है। वहीं खेत पर बिना एसएमएस के कटाई करने में पांच कंबाइन मशीन सीज की जा चुकी है। अब तक 450 कुंतल पराली किसानों से लेकर गोशाला भेजी गई है।
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तहसील के अधिकारी व कर्मी दिन भर करते रहे जांच
जिलाधिकारी आलोक सिंह के कड़े निर्देश के बाद बुधवार को पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए दिन भर तहसील के अधिकारी क्षेत्र में भ्रमण पर रहे। दिन भर चले अभियान में सभी तहसीलों के एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, लेखपाल, ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी, किसान मित्र, जिला कृषि अधिकारी खेत खेत दौड़ते रहे। उप निदेशक कृषि एवं उपजिलाधिकारी भोगनीपुर, मैथा खेतों में पराली पहुंच कर जलती पराली बुझाई।
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धान कटाई के बाद किसान खेतों में पराली जला रहे हैं। इससे वायु प्रदूषण बढ़ा है, लोगों को परेशानी भी हो रही है। सेटेलाइट से मिल रही जानकारी के बाद कार्रवाई भी की जा रही है। पराली जलाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी आलोक सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार शाम कार्रवाई की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को अंतिम चेतावनी जारी की है। उन्होंने उप जिलाधिकारी भोगनीपुर, रसूलाबाद तथा अकबरपुर को कठोर चेतावनी जारी की है। जबकि उप जिलाधिकारी डेरापुर व सिकंदरा सहित समस्त खंड विकास अधिकारियों व जिला कृषि अधिकारी को कारण बताओं नोटिस जारी किया है। जिलाधिकारी ने कड़े निर्देश दिए हैं कि जिस स्थान पर पराली जलाने की घटना सामने आए वहां पहुंच कर पराली जब्त की जाए। साथ ही संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस मामले में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि सभी तहसील व ब्लॉक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह सुबह 11 बजे से 3 बजे तक क्षेत्र में भ्रमण कर पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाएंगे। साथ ही अपनी लाइव लोकेशन कंट्रोल रूम को देंगे।
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अब तक 73 स्थानों पर चलती पाई गई पराली
-सेटेलाइट के माध्यम से पराली जलाने की 73 घटनाएं प्रकाश में आई हैं। सभी स्थलों की जांच कर संबंधित से अर्थदंड के रूप में 87 हजार रुपये का जुर्माना किसानों पर लगाया गया है। जिसमें से विभाग 67500 की ही वसूली कर सका है। वहीं खेत पर बिना एसएमएस के कटाई करने में पांच कंबाइन मशीन सीज की जा चुकी है। अब तक 450 कुंतल पराली किसानों से लेकर गोशाला भेजी गई है।
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तहसील के अधिकारी व कर्मी दिन भर करते रहे जांच
जिलाधिकारी आलोक सिंह के कड़े निर्देश के बाद बुधवार को पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए दिन भर तहसील के अधिकारी क्षेत्र में भ्रमण पर रहे। दिन भर चले अभियान में सभी तहसीलों के एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, लेखपाल, ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी, किसान मित्र, जिला कृषि अधिकारी खेत खेत दौड़ते रहे। उप निदेशक कृषि एवं उपजिलाधिकारी भोगनीपुर, मैथा खेतों में पराली पहुंच कर जलती पराली बुझाई।