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कमिश्नर के फर्जी हस्ताक्षर मामले में रिपोर्ट दर्ज
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कानपुर देहात। अकबरपुर नगर पंचायत में कमिश्नर के फर्जी हस्ताक्षर करके रजिस्ट्रेशन के मामले में पुलिस ने चेयरमैन के भाई और भतीजे पर गुरुवार को रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इस मामले में ईओ का एक वीडियो वायरल हुआ है। दिशा की बैठक में ईओ ने खुद कहा कि चेयरमैन के पति ने कमिश्नर के आदेश की प्रति लाकर सौंपी थी। मामले का खुलासा होने पर अब अन्य आरोपियों को बचाने का लोग आरोप लगा रहे हैं।
अकबरपुर नगर पंचायत में चेयरमैन ज्योत्सना कटियार के भाई उरसान डेरापुर के सुभाष कटियार की फर्म चंद्रा कंस्ट्रक्शन का रजिस्ट्रेशन 11 अप्रैल 2018 में नियमों को दरकिनार किया गया। इसमें तत्कालीन कमिश्नर सुभाष चंद्र शर्मा के फर्जी हस्ताक्षर करके एक पत्र लगाया गया। चेयरमैन के भाई, भतीजे ने रजिस्ट्रेशन के बाद काम भी किया। इस प्रकरण को पूर्व चेयरमैन जितेंद्र सिंह गुड्डन व मनोज निगम ने उठाया था। मामले में जांच हुई तो तत्कालीन कमिश्नर ने हस्ताक्षर होने से इनकार किया। 27 सितंबर को दिशा की बैठक में सदन के सदस्य अकबरपुर के पूर्व चेयरमैन जितेंद्र सिंह गुड्डन ने मामला उठाया था। तब ईओ देवहूति पांडेय ने सदन के समक्ष जवाब दिया था कि चेयरमैन ज्योत्सना कटियार के पति महेंद्र कटियार उर्फ बबलू कमिश्नर से आदेश कराने के लिए एक प्रति ले गए थे। इसके बाद उन्होंने कमिश्नर के आदेश की प्रति लाकर दी थी। एसडीएम की तहरीर में इस तथ्य को छिपाया गया।
शिकायतकर्ता पूर्व चेयरमैन ने कहा कि चेयरमैन, ईओ व वरिष्ठ लिपिक की सहमति के बिना कोई काम नहीं होता है। चेयरमैन के भाई की फर्म का रजिस्ट्रेशन करके उससे करोड़ों का काम कराने से नियत में खोट उजागर होता है। मामले में एसडीएम की तहरीर पर चेयरमैन के भाई सुभाष कटियार व भतीजे नीरज कटियार पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। कोतवाल विनोद कुमार मिश्रा ने बताया कि तहरीर के अनुसार रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन की जा रही है।
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टेंडर प्रक्रिया से लेकर भुगतान की होगी जांच
तत्कालीन कमिश्नर के फर्जी हस्ताक्षर करके चेयरमैन के भाई का रजिस्ट्रेशन करने के मामले में वर्तमान कमिश्नर डॉ. राजशेखर ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने डीएम को निर्देश दिए हैं कि नगर पंचायत में अब तक कराए गए सभी कार्यों की टेंडर प्रक्रिया से लेकर फर्मों के भुगतान की गहनता से जांच कराई जाए। इसके लिए सीडीओ की अध्यक्षता में समिति गठित होगी। वरिष्ठ कोषाधिकारी व लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता शामिल रहेंगे। अगर मामले में जांच हुई तो नगर पंचायत के कई और घोटाले खुल कर सामने आ सकते हैं।
प्रथम दृष्टया फर्म के प्रोपराइटर सुभाष कटियार व उसके बेटे नीरज की भूमिका पाई गई है। डीएम के निर्देश के अनुक्रम में दोनों पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसमें डीजीसी क्रिमिनल की भी राय ली गई है। अगर विवेचना में अन्य लोगों की भूमिका पाई गई तो विवेचक नाम बढ़ा सकते हैं।
- राजीव राज, एसडीएम अकबरपुर
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अकबरपुर नगर पंचायत में चेयरमैन ज्योत्सना कटियार के भाई उरसान डेरापुर के सुभाष कटियार की फर्म चंद्रा कंस्ट्रक्शन का रजिस्ट्रेशन 11 अप्रैल 2018 में नियमों को दरकिनार किया गया। इसमें तत्कालीन कमिश्नर सुभाष चंद्र शर्मा के फर्जी हस्ताक्षर करके एक पत्र लगाया गया। चेयरमैन के भाई, भतीजे ने रजिस्ट्रेशन के बाद काम भी किया। इस प्रकरण को पूर्व चेयरमैन जितेंद्र सिंह गुड्डन व मनोज निगम ने उठाया था। मामले में जांच हुई तो तत्कालीन कमिश्नर ने हस्ताक्षर होने से इनकार किया। 27 सितंबर को दिशा की बैठक में सदन के सदस्य अकबरपुर के पूर्व चेयरमैन जितेंद्र सिंह गुड्डन ने मामला उठाया था। तब ईओ देवहूति पांडेय ने सदन के समक्ष जवाब दिया था कि चेयरमैन ज्योत्सना कटियार के पति महेंद्र कटियार उर्फ बबलू कमिश्नर से आदेश कराने के लिए एक प्रति ले गए थे। इसके बाद उन्होंने कमिश्नर के आदेश की प्रति लाकर दी थी। एसडीएम की तहरीर में इस तथ्य को छिपाया गया।
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शिकायतकर्ता पूर्व चेयरमैन ने कहा कि चेयरमैन, ईओ व वरिष्ठ लिपिक की सहमति के बिना कोई काम नहीं होता है। चेयरमैन के भाई की फर्म का रजिस्ट्रेशन करके उससे करोड़ों का काम कराने से नियत में खोट उजागर होता है। मामले में एसडीएम की तहरीर पर चेयरमैन के भाई सुभाष कटियार व भतीजे नीरज कटियार पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। कोतवाल विनोद कुमार मिश्रा ने बताया कि तहरीर के अनुसार रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन की जा रही है।
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टेंडर प्रक्रिया से लेकर भुगतान की होगी जांच
तत्कालीन कमिश्नर के फर्जी हस्ताक्षर करके चेयरमैन के भाई का रजिस्ट्रेशन करने के मामले में वर्तमान कमिश्नर डॉ. राजशेखर ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने डीएम को निर्देश दिए हैं कि नगर पंचायत में अब तक कराए गए सभी कार्यों की टेंडर प्रक्रिया से लेकर फर्मों के भुगतान की गहनता से जांच कराई जाए। इसके लिए सीडीओ की अध्यक्षता में समिति गठित होगी। वरिष्ठ कोषाधिकारी व लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता शामिल रहेंगे। अगर मामले में जांच हुई तो नगर पंचायत के कई और घोटाले खुल कर सामने आ सकते हैं।
प्रथम दृष्टया फर्म के प्रोपराइटर सुभाष कटियार व उसके बेटे नीरज की भूमिका पाई गई है। डीएम के निर्देश के अनुक्रम में दोनों पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसमें डीजीसी क्रिमिनल की भी राय ली गई है। अगर विवेचना में अन्य लोगों की भूमिका पाई गई तो विवेचक नाम बढ़ा सकते हैं।
- राजीव राज, एसडीएम अकबरपुर