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Kanpur News: रिम्शा के पैर में फंसा इंप्लांट हैलट में निकाला
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कानपुर। जांघ की हड्डी में लगे इंप्लांट को निकालने का प्रयास उर्सला अस्पताल में असफल होने और इस दौरान दोबारा हड्डी टूटने के बाद हैलट में भर्ती रिम्शा खान (15) का शनिवार को सफल ऑपरेशन किया गया। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. संजय कुमार के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम ने जटिल प्रक्रिया के दौरान हड्डी में फंसे इंप्लांट को निकाला। ऑपरेशन के बाद किशोरी की हालत बेहतर बताई गई है।
जाजमऊ पुरानी चुंगी निवासी मोहम्मद नफीस की बेटी रिम्शा करीब चार वर्ष पहले घर की सीढ़ियों से गिर गई थीं। हादसे में उनकी जांघ की हड्डी टूट गई थी। उर्सला अस्पताल में उपचार और ऑपरेशन के बाद वह स्वस्थ हो गई थीं लेकिन समय बीतने के साथ इम्प्लांट से परेशानी होने लगी। परिजन दोबारा अस्पताल पहुंचे जहां इंप्लांट निकालने का प्रयास जटिलता के कारण सफल नहीं हुआ। इस दौरान किशोरी के पैर की हड्डी भी टूट गई थी। इसके बाद उसे हैलट रेफर किया गया। जहां हड्डी रोग विभाग की टीम ने इंप्लांट निकाल दिया। डॉ. रत्नेश, डॉ. अरीबा, डॉ. आकांक्षा और डॉ. प्रशांत के साथ एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. रश्मि श्रीवास्तव ने सहयोग किया। फिलहाल मरीज चिकित्सकीय निगरानी में है।
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जाजमऊ पुरानी चुंगी निवासी मोहम्मद नफीस की बेटी रिम्शा करीब चार वर्ष पहले घर की सीढ़ियों से गिर गई थीं। हादसे में उनकी जांघ की हड्डी टूट गई थी। उर्सला अस्पताल में उपचार और ऑपरेशन के बाद वह स्वस्थ हो गई थीं लेकिन समय बीतने के साथ इम्प्लांट से परेशानी होने लगी। परिजन दोबारा अस्पताल पहुंचे जहां इंप्लांट निकालने का प्रयास जटिलता के कारण सफल नहीं हुआ। इस दौरान किशोरी के पैर की हड्डी भी टूट गई थी। इसके बाद उसे हैलट रेफर किया गया। जहां हड्डी रोग विभाग की टीम ने इंप्लांट निकाल दिया। डॉ. रत्नेश, डॉ. अरीबा, डॉ. आकांक्षा और डॉ. प्रशांत के साथ एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. रश्मि श्रीवास्तव ने सहयोग किया। फिलहाल मरीज चिकित्सकीय निगरानी में है।
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