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चुनाव में तमंचा सप्लाई का काम देखाता था विधाता, अब किए ये बड़े खुलासे, पुलिस भी रह गई हैरान
Thu, 04 Apr 2019 07:45 PM IST
दुष्यंत शर्मा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 04 Apr 2019 07:45 PM IST
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अवैध असलहा फैक्ट्री पकड़ी गई
- फोटो : अमर उजाला
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फतेहपुर में स्वॉट टीम और थरियांव पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया। पुलिस ने असलहा बनाने वाले और उसके सप्लायर साथी को पूछताछ के बाद जेल भेजा। राइफल, तमंचे, कुछ अधबने असलहे और उपकरण बरामद हुए हैं।
पुलिस लाइन में एसपी कैलाश सिंह ने बताया कि चुनाव के मद्देनजर अवैध शस्त्र फैक्ट्री संचालकों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। पुराने अपराधियों की छानबीन में खागा कोतवाली के टेकारी निवासी अदालत विश्वकर्मा के फैक्ट्री चलाने की खबर लगी। स्वॉट टीम अमित पांडेय व थरियांव थानेदार संतोष शर्मा की संयुक्त टीम ने थरियांव थाने के मुरांव गांव से गुरुवार को आरोपी अदालत को फैक्ट्री संचालित करते पकड़ा।
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पुलिस लाइन में एसपी कैलाश सिंह ने बताया कि चुनाव के मद्देनजर अवैध शस्त्र फैक्ट्री संचालकों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। पुराने अपराधियों की छानबीन में खागा कोतवाली के टेकारी निवासी अदालत विश्वकर्मा के फैक्ट्री चलाने की खबर लगी। स्वॉट टीम अमित पांडेय व थरियांव थानेदार संतोष शर्मा की संयुक्त टीम ने थरियांव थाने के मुरांव गांव से गुरुवार को आरोपी अदालत को फैक्ट्री संचालित करते पकड़ा।
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लाइसेंसी शस्त्र दुकान में करीगरी का काम करता था आरोपी
मौके से उसके साथी मुरांव गांव निवासी विधाता विश्वकर्मा उर्फ विद्या को पकड़ा गया। एसपी ने बताया कि आरोपी विश्वकर्मा असलहे बनाता है। सप्लाई का काम विधाता देखता है। मौके से पांच तमंचे, एक रायफल, दो अर्द्घनिर्मित तमंचे, दो नाल, 14 फायरिंग पिन, बीस स्प्रिंग व शस्त्र बनाने के उपकरण बरामद हुए हैं।
आरोपी आदालत करीब 15 साल खागा की लाइसेंसी शस्त्र दुकान में करीगरी का काम करता था। उसके असलहा रिपेयरिंग का कुशल कारीगर माना जाता है। 1990 में पहली बार खागा पुलिस ने असलहा बनाते पकड़ा था। उसके बाद लगातार नौवीं बार पकड़ा गया है। एक मामला 2010 में दलित एक्ट का आरोपी पर दर्ज हुआ था।
आरोपी आदालत करीब 15 साल खागा की लाइसेंसी शस्त्र दुकान में करीगरी का काम करता था। उसके असलहा रिपेयरिंग का कुशल कारीगर माना जाता है। 1990 में पहली बार खागा पुलिस ने असलहा बनाते पकड़ा था। उसके बाद लगातार नौवीं बार पकड़ा गया है। एक मामला 2010 में दलित एक्ट का आरोपी पर दर्ज हुआ था।
पुलिस नेअसलहा न बनाने की वजह से तोड़ा था उसका हाथ
बाकी सारे मामलों में आर्म्स एक्ट के हैं। उधर, आरोपी विधाता के खिलाफ 12 मामले दर्ज हैं। चोरी, लूट, डकैती, मारपीट के हैं। आरोपियों की धरपकड़ में टीम के राजेश सिंह, विपिन मिश्रा, रविशंकर दुबे, सत्येश मिश्रा मौजूद रहे। आरोपी अदालत पर खागा कोतवाली में सात मामले दर्ज हैं। वहीं दो बार सुल्तानपुर घोष पुलिस ने पिछले साल उसे पकड़ा था।
आरोपी ने बताया कि पांच साल पहले पुलिस ने असलहा बनाने से रोकने के लिए अदालत का बायां हाथ कलाई के ऊपर से तोड़ दिया था। जिसके बाद से बायां हाथ कमजोर हो गया। पुलिस ने उसका हाथ असलहा न बनाने की वजह से तोड़ा था। अदालत ने बताया कि कोई दूसरा कारोबार न होने के कारण इसी धंधे में जेल से छूटने के बाद वापस लौटना पड़ता है।
आरोपी ने बताया कि पांच साल पहले पुलिस ने असलहा बनाने से रोकने के लिए अदालत का बायां हाथ कलाई के ऊपर से तोड़ दिया था। जिसके बाद से बायां हाथ कमजोर हो गया। पुलिस ने उसका हाथ असलहा न बनाने की वजह से तोड़ा था। अदालत ने बताया कि कोई दूसरा कारोबार न होने के कारण इसी धंधे में जेल से छूटने के बाद वापस लौटना पड़ता है।