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अवैध कब्जों से सिकुड़ते जा रहे चंदेलकालीन तालाब

Sun, 16 Apr 2017 11:47 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Sun, 16 Apr 2017 11:47 PM IST
सार

सरकार के आदेश के बाद भी तालाबों से नही हट रहे कब्जे

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illegal occupation on chandelagaran pond
कल्याण सागर में बने अवैध मकान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

योगी सरकार के आदेश के बाद भी तालाबों में अवैध कब्जे रुकने का नाम नहीं ले रहे है। हालात ये है कि अधिकारियों की साठ गांठ से तालाबों की भूमि पर अवैध मकानों का निर्माण होता जा रहा है। जिससे चंदेलकालीन तालाबों के सिकुड़ जाने से उनमें जल भंडारण क्षमता घटती जा रही है।
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गौरतलब है कि तालाबों की जमीन में अधिकारियों की अनदेखी के चलते अवैध कब्जे होते जा रहे है। कल्याण सागर, कीरत सागर में सबसे ज्यादा तालाबों की भूमि पर अवैध कब्जे किए गए है। इसी तरह मदन सागर और बेला सागर तालाब में भी लोगों ने अवैध कब्जे करना शुरू कर दिए है। पूर्व से कब्जा किए अवैध कब्जाधारकों के खिलाफ कोई कार्रवाई न होने से अन्य लोग भी धीरे धीरे कब्जे तालाबों की भूमि पर करते जा रहे है।
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योगी सरकार ने एक सप्ताह पहले तालाबों में अवैध कब्जाधारकों को जेल भेजे जाने के आदेश दिए थे। जिससे तालाबों की भूमि पर अवैध कब्जा करने वाले लोगों में खलबली मच गई है। प्रशासन की ढिलाई के चलते अवैध कब्जों पर अंकुश नहीं लग रहा है।
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जबकि सूबे की मुखिया ने अवैध कब्जा करने वालों को जेल भेजने के आदेश दिए है। मुख्यमंत्री के इस आदेश से अफसरों में भी खलबली मच गई है। उपजिलाधिकारी सदर प्रबुद्ध सिंह का कहना है कि तालाबों में अवैध कब्जों को सख्ती से हटाया जा रहा है। जहां भी अवैध कब्जे की शिकायत मिलती है तत्काल कब्जे हटवाए जाते है।


 
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