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आईआईटीयंस ने मांगी आजादी...

Fri, 01 Sep 2017 12:02 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Fri, 01 Sep 2017 12:02 AM IST
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IITians demands freedom at kanpur
डेमो
कानपुर में आईआईटी प्रशासन और छात्र व प्रोफेसरों के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। यहां के छात्रों-प्रोफेसरों ने तानाशाही का आरोप लगाते हुए संस्थान प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोशल मीडिया पर छात्र और प्रोफेसर संस्थान प्रशासन की जमकर खिंचाई कर रहे हैं। फेसबुक पर कुछ पोस्ट में संस्थान प्रशासन के रवैये को कैंपस में अभिव्यक्ति की आजादी पर खतरा बताया गया है। 
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बताया अभिव्यक्ति की आजादी का खतरा

IITians demands freedom at kanpur
पुलिस से बातचीत करते आईआईटी के प्रोफेसर
दरअसल, बुधवार को आईआईटी के प्रो. सुमित, प्रो. हरीश, प्रो. ईशान समेत कई अन्य प्रोफेसरों और छात्रों ने मिलकर इंस्टीट्यूट विजिटर हॉस्टल के कॉन्ट्रैक्ट मामले को लेकर ओपन बैठक बुलाई थी। इसमें कुछ पूर्व छात्र भी आमंत्रित थे। आरोप है कि जब प्रोफेसर और छात्र बैठक के लिए लेक्चर हॉल में पहुंचे तो वहां पहले से ही बड़ी संख्या में सिक्योरिटी गार्ड और इंस्टीट्यूट की पुलिस मौजूद थी। गार्ड सभी का आई कार्ड देख रहे थे। इस दौरान एक पूर्व छात्र गौरव वैश्य को एंट्री ही नहीं दी गई। इस पर प्रोफेसर भड़क गए। एक प्रोफेसर ने यहां तक कह दिया कि कोई आतंकवादी है क्या, जो अपने ही कैंपस में इतनी पूछताछ हो रही है। करीब आधे घंटे तक शिक्षकों और सिक्योरिटी के बीच नोकझोंक चली। इसका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। यू-ट्यूब पर महज एक दिन में सैकड़ों लोग इसे देख चुके हैं। फेसबुक और ट्विटर पर प्रोफेसरों ने प्रशासनिक रवैये के खिलाफ तीखे पोस्ट किए हैं। इस पर पूर्व छात्र, दूसरे आईआईटी संस्थानों के प्रोफेसर और छात्रों के खूब कमेंट आ रहे हैं। सभी आईआईटी प्रशासन के रवैये की आलोचना कर रहे हैं।

बताया अभिव्यक्ति की आजादी का खतरा
शिक्षकों का आरोप है कि उन्हें कैंपस गेट और परिसर में बार-बार आई कार्ड दिखाने के लिए कहा जाता है। सिक्योरिटी कर्मचारी लगातार फैकल्टी मेंबर्स और छात्रों को परेशान करते हैं। छात्रों के पोस्टर लगाने तक पर रोक लगा दी गई है। यह अभिव्यक्ति की आजादी का हनन है। एक शिक्षक ने अपने फेसबुक पोस्ट पर लिखा है कि हमसे हमारी आजादी कोई नहीं छीन सकता। एक  अन्य शिक्षक ने इसे अघोषित इमरजेंसी बताया। यू-ट्यूब पर आईआईटी कानपुर फोरम फॉर क्रिटिकल थिंकिंग अकाउंट से अपलोड वीडियो का कैप्शन भी तंज कस रहा है। कैप्शन है ‘डेमोक्रेसी एट इट्स इंड प्वाइंट इन आईआईटी कानपुर’।

 
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ई-मेल के जरिये की शिकायत

IITians demands freedom at kanpur
आईआईटी के शिक्षक पुलिस से विवाद के बाद आपस में बातचीत करते हुए
ई-मेल के जरिये की शिकायत
शिक्षकों ने ई-मेल के जरिये आईआईटी प्रशासन से इसकी शिकायत की है। तय किया है कि वह कैंपस के शिक्षकों और छात्रों के साथ पीस बैठक कर इस मसले पर चर्चा कर आगे की रणनीति तैयार करेंगे।
 
यह है विजिटर हॉस्टल मामला
पिछले दिनों विजिटर हॉस्टल (गेस्ट हाउस) के कॉन्ट्रैक्टर को बदल दिया गया है। इसमें काम कर रहे 74 में से 72 कर्मचारियों को बाहर कर दिया गया। कई प्रोफेसर व छात्र प्रशासन के इस रवैये से नाराज हैं। वह कॉन्ट्रैक्ट देने के नियमों का हवाला देते हुए इसे गलत बता रहे हैं। इसी बात को लेकर प्रोफेसरों ने बैठक बुलाई थी। इसमें छात्र बिजली, पानी समेत कुछ मुद्दे अपने स्तर से भी उठाने वाले थे।

आईआईटी कानपुर के रजिस्ट्रार केके तिवारी का कहना है 'ओपन बैठक के लिए सिर्फ इंस्टीट्यूट के प्रोफेसरों और छात्रों को अनुमति दी गई थी। जानकारी के मुताबिक बैठक में जा रहे छात्रों और प्रोफेसरों से उनका आई कार्ड मांगा गया था। इसे लेकर एक छात्र नाराज हो गया और बहस करने लगा। इसकी कोई लिखित शिकायत मुझे नहीं मिली है। आजादी पर प्रतिबंध लगाने और पोस्टर लगाने पर रोक की बात गलत है। इंस्टीट्यूट में हर कोई अपनी बात रखने के लिए स्वतंत्र है।

- आईआईटी प्रशासन पर छात्रों और प्रोफेसरों ने लगाया तानाशाही रवैये का आरोप
- ओपन बैठक में पूर्व छात्रों को एंट्री न देने, बेवजह सख्ती बरतने की भी बात कही
- सोशल मीडिया पर जमकर खिंचाई, अघोषित इमरजेंसी लगाने तक को आरोप मढ़े
- विजिटर हॉस्टल कॉन्ट्रैक्ट समेत कई मसलों को लेकर प्रोफेसरों ने बुलाई थी बैठक
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