{"_id":"5964a8be4f1c1b47198b4869","slug":"iitians-created-invisible-drone-sudarshan","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आईआईटीयंस ने बनाया अदृश्य ड्रोन ‘सुदर्शन’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईआईटीयंस ने बनाया अदृश्य ड्रोन ‘सुदर्शन’
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 11 Jul 2017 04:01 PM IST
विज्ञापन
ड्रोन सुदर्शन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आईआईटी कानपुर के छात्रों ने एक ऐसा छोटा ड्रोन तैयार किया है जो अधिकतम 300 मीटर की ऊंचाई तक उड़कर किसी इलाके की निगहबानी कर सकता है। इसकी मदद से देश की सरहदों की निगरानी भी की जा सकती है। इस ड्रोन को नाम दिया गया है ‘सुदर्शन’। इसके दोनों पंख बहुत तेजी से (प्रति सेंकेड दस बार) घूमते हैं इसलिए 50 मीटर की ऊंचाई पर उड़ते वक्त भी कोई इसे देख नहीं सकता। इसे एयरोस्पेस इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अभिषेक और उनके छात्र रजत त्रिपाठी, रामाकृष्णा व सौरभ सिन्हा ने तैयार किया है। इस ड्रोन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।
पूरा ड्रोन सुदर्शन चक्र की तरह घूमता
डॉ. अभिषेक बताते हैं कि इस ड्रोन को तैयार करने में छह माह लगे। इसकी खासियत है कि पूरा ड्रोन ही सुदर्शन चक्र की तरह तेजी से घूमता है। इसलिए कोई इसे उड़ते हुए देख नहीं पाता। इसमें हाई क्वालिटी कैमरा लगाकर आसानी से किसी भी क्षेत्र पर नजर रखी जा सकती है।
विज्ञापन
पूरा ड्रोन सुदर्शन चक्र की तरह घूमता
डॉ. अभिषेक बताते हैं कि इस ड्रोन को तैयार करने में छह माह लगे। इसकी खासियत है कि पूरा ड्रोन ही सुदर्शन चक्र की तरह तेजी से घूमता है। इसलिए कोई इसे उड़ते हुए देख नहीं पाता। इसमें हाई क्वालिटी कैमरा लगाकर आसानी से किसी भी क्षेत्र पर नजर रखी जा सकती है।
विज्ञापन
डेमो पिक
सेना से किया जा रहा संपर्क
इस ड्रोन को सेना के इस्तेमाल के लिए भी छात्र सौंपना चाहते हैं। डॉ. अभिषेक बताते हैं इसके डिजाइन को थोड़ा और परिवर्तित कर इसे सेना के अधिकारियों को सौंपा जाएगा। अगर उन्हें प्लान अच्छा लगा तो वह इसका शानदार प्रयोग कर सकते हैं।
खिलौने का भी दिया जाएगा रूप
डॉ. अभिषेक के मुताबिक इस ड्रोन का प्रयोग एंटरप्रेन्योरशिप (उद्यमिता) के तहत भी किया जाएगा। इसे जल्द ही डिजाइनदार रूप दिया जाएगा और बाजार में बिक्री के लिए खिलौने के रूप में बेचा जाएगा। इसकी पूरी तैयारी हो चुकी है।
इस ड्रोन को सेना के इस्तेमाल के लिए भी छात्र सौंपना चाहते हैं। डॉ. अभिषेक बताते हैं इसके डिजाइन को थोड़ा और परिवर्तित कर इसे सेना के अधिकारियों को सौंपा जाएगा। अगर उन्हें प्लान अच्छा लगा तो वह इसका शानदार प्रयोग कर सकते हैं।
खिलौने का भी दिया जाएगा रूप
डॉ. अभिषेक के मुताबिक इस ड्रोन का प्रयोग एंटरप्रेन्योरशिप (उद्यमिता) के तहत भी किया जाएगा। इसे जल्द ही डिजाइनदार रूप दिया जाएगा और बाजार में बिक्री के लिए खिलौने के रूप में बेचा जाएगा। इसकी पूरी तैयारी हो चुकी है।