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Kanpur News: शोध के लिए आईआईटी जुटाएगा आठ हजार करोड़ रुपये
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कानपुर। आईआईटी कानपुर ने शोध, नवाचार और उद्यमिता को नई ऊंचाई देने के लिए एक अरब अमेरिकी डॉलर यानी करीब आठ हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। संस्थान के ‘ग्रेटर दैन अस’ अभियान के तहत मार्च 2029 तक यह राशि जुटाई जाएगी। अभियान की औपचारिक शुरुआत के साथ ही पूर्व छात्रों, उद्योग जगत, दानदाताओं और सरकार से 4,155 करोड़ की प्रतिबद्धता मिल चुकी है। यह किसी भी आईआईटी की ओर से शुरू किया गया अब तक का सबसे बड़ा धन संग्रह अभियान है।
बुधवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसका शुभारंभ किया। कार्यक्रम में आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल, प्रो. अमेय करकरे शामिल रहे। अभियान का मकसद सिर्फ संस्थान की सुविधाएं बढ़ाना नहीं बल्कि ऐसी तकनीक विकसित करना भी है जिसके लिए भारत को दूसरे देशों पर निर्भर न रहना पड़े। इसके तहत अत्याधुनिक शोध सुविधाएं, छात्रवृत्तियां, शोधकर्ताओं के लिए सहायता और तकनीक आधारित स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जाएगा।
आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र राहुल गौतम ने नोएडा परिसर में गौतम स्कूल ऑफ इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (जी-साइन) की स्थापना के लिए 180 करोड़ देने की प्रतिबद्धता जताई है। यहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा, जैव प्रौद्योगिकी, ड्रोन और डिजिटल स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में उद्यमी तैयार किए जाएंगे। जुलाई 2027 से प्रौद्योगिकी एवं उद्यमिता में एमबीए कार्यक्रम शुरू करने की योजना है। अभियान के फाउंडेशन स्तंभ के तहत 5,000 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया है। इसमें 524 करोड़ रुपये की केंद्रीय अनुसंधान सुविधा और 200 करोड़ रुपये की उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग सुविधा शामिल हैं। सेमीकंडक्टर एवं डिवाइस प्रोसेसिंग केंद्र पर 160 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। परिसर में एक हजार विद्यार्थियों की क्षमता वाले चार छात्रावास भी बनाए जा रहे हैं।
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बुधवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसका शुभारंभ किया। कार्यक्रम में आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल, प्रो. अमेय करकरे शामिल रहे। अभियान का मकसद सिर्फ संस्थान की सुविधाएं बढ़ाना नहीं बल्कि ऐसी तकनीक विकसित करना भी है जिसके लिए भारत को दूसरे देशों पर निर्भर न रहना पड़े। इसके तहत अत्याधुनिक शोध सुविधाएं, छात्रवृत्तियां, शोधकर्ताओं के लिए सहायता और तकनीक आधारित स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जाएगा।
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आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र राहुल गौतम ने नोएडा परिसर में गौतम स्कूल ऑफ इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (जी-साइन) की स्थापना के लिए 180 करोड़ देने की प्रतिबद्धता जताई है। यहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा, जैव प्रौद्योगिकी, ड्रोन और डिजिटल स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में उद्यमी तैयार किए जाएंगे। जुलाई 2027 से प्रौद्योगिकी एवं उद्यमिता में एमबीए कार्यक्रम शुरू करने की योजना है। अभियान के फाउंडेशन स्तंभ के तहत 5,000 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया है। इसमें 524 करोड़ रुपये की केंद्रीय अनुसंधान सुविधा और 200 करोड़ रुपये की उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग सुविधा शामिल हैं। सेमीकंडक्टर एवं डिवाइस प्रोसेसिंग केंद्र पर 160 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। परिसर में एक हजार विद्यार्थियों की क्षमता वाले चार छात्रावास भी बनाए जा रहे हैं।
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