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आईआईटी के प्रोफेसर मणींद्र का दावा: जनवरी में आएगी कोरोना की तीसरी लहर, हल्के लॉकडाउन का दिया सुझाव
Sat, 04 Dec 2021 08:18 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 04 Dec 2021 08:18 PM IST
सार
प्रो. अग्रवाल ने कहा कि जैसा हम लोगों ने डेल्टा वैरिएंट के दौरान हो रहे प्रसार को रोकने के लिए एक हल्का लॉकडाउन (रात का कर्फ्यू, भीड़ पर प्रतिबंध) लगाया था उसी तरह इस बार भी प्रयोग किया जा सकता है।
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आईआईटी कानपुर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के फैलते संक्रमण में तीसरी लहर को दस्तक दे दी है। सभी के जेहन में यही प्रश्न है कि तीसरी लहर कब तक आएगी। ऐसे में आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मणीन्द्र अग्रवाल ने अपनी स्टडी के आधार पर दावा किया है कि तीसरी लहर जनवरी में शुरू हो जाएगी।
फरवरी में इसका पीक रहेगा हालांकि उनका कहना है कि नए वैरिएंट से फैल रहा संक्रमण काफी हल्का है, इससे ज्यादा घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने हल्के लॉकडाउन का भी सुझाव दिया है।
आईआईटी कानपुर के कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग विभाग के फैकल्टी पद्मश्री प्रो मणींद्र अग्रवाल ने कंप्यूटर मॉडल 'सूत्र' के जरिए पहली व दूसरी लहर का भी पूर्वानुमान जताया था। उसी मॉडल के आधार पर उन्होंने बताया कि लहर जनवरी के पहले हफ्ते से दस्तक देगी। तीसरी लहर का पीक फरवरी में आने की संभावना है।
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फरवरी में इसका पीक रहेगा हालांकि उनका कहना है कि नए वैरिएंट से फैल रहा संक्रमण काफी हल्का है, इससे ज्यादा घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने हल्के लॉकडाउन का भी सुझाव दिया है।
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आईआईटी कानपुर के कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग विभाग के फैकल्टी पद्मश्री प्रो मणींद्र अग्रवाल ने कंप्यूटर मॉडल 'सूत्र' के जरिए पहली व दूसरी लहर का भी पूर्वानुमान जताया था। उसी मॉडल के आधार पर उन्होंने बताया कि लहर जनवरी के पहले हफ्ते से दस्तक देगी। तीसरी लहर का पीक फरवरी में आने की संभावना है।
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जिस समय यह तीसरी लहर पीक पर होगी उस समय रोजाना एक लाख से डेढ़ लाख के बीच संक्रमित मरीजों के संभावना देखने को मिल रही है। प्रोफेसर अग्रवाल ने कहा ये वैरिएंट नेचुरल इम्युनिटी को ज्यादा बाईपास नहीं कर रहा है।
नेचुरल इम्युनिटी का मतलब जिन लोगों को एक बार कोरोना हो चुका है उनको घबराने की जरूरत नहीं है। प्रो. अग्रवाल ने कहा कि जैसा हम लोगों ने डेल्टा वैरिएंट के दौरान हो रहे प्रसार को रोकने के लिए एक हल्का लॉकडाउन (रात का कर्फ्यू, भीड़ पर प्रतिबंध) लगाया था उसी तरह इस बार भी प्रयोग किया जा सकता है।
नेचुरल इम्युनिटी का मतलब जिन लोगों को एक बार कोरोना हो चुका है उनको घबराने की जरूरत नहीं है। प्रो. अग्रवाल ने कहा कि जैसा हम लोगों ने डेल्टा वैरिएंट के दौरान हो रहे प्रसार को रोकने के लिए एक हल्का लॉकडाउन (रात का कर्फ्यू, भीड़ पर प्रतिबंध) लगाया था उसी तरह इस बार भी प्रयोग किया जा सकता है।