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आईआईटी के प्रो. योगेश को शांति स्वरूप भटनागर अवार्ड
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
Updated Sun, 27 Sep 2015 02:01 AM IST
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आईआईटी के प्रो. योगेश को शांति स्वरूप भटनागर अवार्ड
- इंजीनियरिंग और साइंस क्षेत्र का प्रतिष्ठित पुरस्कार है
- टूथपेस्ट, केचप, आइस्क्रीम और पेस्ट की जाने वाली दवाइयों पर रिसर्च की
आईआईटी में केमिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रोफेसर योगेश मुनेश्वर जोशी को वर्ष 2015 का प्रतिष्ठित शांति स्वरूप भटनागर अवार्ड मिला है। इसकी घोषणा काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (सीएसआईआर) ने शनिवार को नई दिल्ली में की। जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें सम्मानित करेंगे। यह अवार्ड इंजीनियरिंग और साइंस क्षेत्र का सबसे प्रतिष्ठित माना जाता है।
मूल रूप से महाराष्ट्र के रहने वाले प्रो. योगेश मुनेश्वर जोशी वर्ष 2004 से आईआईटी कानपुर में पढ़ा रहे हैं। प्रो. जोशी ने टूथपेस्ट, केचप, आइस्क्रीम और पेस्ट की जाने वाली दवाइयों पर भी रिसर्च की। देखा कि ज्यादा जोर डालने पर पेस्ट तेजी से बाहर आ जाता है और कम दबाव पर पेस्ट नहीं निकलता है। पूरी प्रक्रिया को समझने के बाद प्रो. जोशी ने ऐसी तकनीक इजाद की, जिसकी मदद से पेस्ट को बेहतर बनाया जा सकता है।
इसको लेकर तमाम कंपनियों ने उनकी सलाह ली। इसी पर सीएसआईआर ने उन्हें शांति स्वरूप भटनागर अवार्ड देने की घोषणा की। इससे पहले भी प्रो. जोशी को यंग साइंटिस्ट और यंग इंजीनियर सहित 12 अवार्ड मिल चुके हैं। इंजीनियरिंग फील्ड में यह पुरस्कार पाने वाले प्रो. योगेश आईआईटी के चौथे प्रोफेसर हैं।
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इससे पहले प्रो. मणींद्र अग्रवाल, प्रो. संजय मित्तल और प्रो. आशुतोष शर्मा को भी यह अवार्ड मिल चुका है। साइंस के कई प्रोफेसर भी अवार्ड पा चुके हैं। इस उपलब्धि को लेकर निदेशक प्रो. इंद्रनील मन्ना ने खुशी जताई है। उन्होंने बताया कि पूरे देश से 11 लोगों को यह अवार्ड मिला है जिसमें मध्य भारत से अकेले आईआईटी कानपुर के प्रो. योगेश मुनेश्वर शामिल हैं।
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आईआईटी के प्रो. योगेश को शांति स्वरूप भटनागर अवार्ड
- इंजीनियरिंग और साइंस क्षेत्र का प्रतिष्ठित पुरस्कार है
- टूथपेस्ट, केचप, आइस्क्रीम और पेस्ट की जाने वाली दवाइयों पर रिसर्च की
आईआईटी में केमिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रोफेसर योगेश मुनेश्वर जोशी को वर्ष 2015 का प्रतिष्ठित शांति स्वरूप भटनागर अवार्ड मिला है। इसकी घोषणा काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (सीएसआईआर) ने शनिवार को नई दिल्ली में की। जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें सम्मानित करेंगे। यह अवार्ड इंजीनियरिंग और साइंस क्षेत्र का सबसे प्रतिष्ठित माना जाता है।
मूल रूप से महाराष्ट्र के रहने वाले प्रो. योगेश मुनेश्वर जोशी वर्ष 2004 से आईआईटी कानपुर में पढ़ा रहे हैं। प्रो. जोशी ने टूथपेस्ट, केचप, आइस्क्रीम और पेस्ट की जाने वाली दवाइयों पर भी रिसर्च की। देखा कि ज्यादा जोर डालने पर पेस्ट तेजी से बाहर आ जाता है और कम दबाव पर पेस्ट नहीं निकलता है। पूरी प्रक्रिया को समझने के बाद प्रो. जोशी ने ऐसी तकनीक इजाद की, जिसकी मदद से पेस्ट को बेहतर बनाया जा सकता है।
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इसको लेकर तमाम कंपनियों ने उनकी सलाह ली। इसी पर सीएसआईआर ने उन्हें शांति स्वरूप भटनागर अवार्ड देने की घोषणा की। इससे पहले भी प्रो. जोशी को यंग साइंटिस्ट और यंग इंजीनियर सहित 12 अवार्ड मिल चुके हैं। इंजीनियरिंग फील्ड में यह पुरस्कार पाने वाले प्रो. योगेश आईआईटी के चौथे प्रोफेसर हैं।
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इससे पहले प्रो. मणींद्र अग्रवाल, प्रो. संजय मित्तल और प्रो. आशुतोष शर्मा को भी यह अवार्ड मिल चुका है। साइंस के कई प्रोफेसर भी अवार्ड पा चुके हैं। इस उपलब्धि को लेकर निदेशक प्रो. इंद्रनील मन्ना ने खुशी जताई है। उन्होंने बताया कि पूरे देश से 11 लोगों को यह अवार्ड मिला है जिसमें मध्य भारत से अकेले आईआईटी कानपुर के प्रो. योगेश मुनेश्वर शामिल हैं।