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उद्योगपतियों का भरोसा जीतने में आईआईटी कानपुर आगे, साल भर हुई 'धनवर्षा', मिला इतने करोड़ का दान
Wed, 03 Jul 2019 06:23 PM IST
शिखा पांडेय
हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, कानपुर
हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 03 Jul 2019 06:23 PM IST
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आईआईटी कानपुर
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इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) कानपुर ने देश और दुनिया के बड़े उद्योगपतियों, संस्थान के पुरा छात्रों का विश्वास जीतने में जबरदस्त कामयाबी हासिल की है। संस्थान प्रशासन की ओर से मंगलवार को सत्र 2018-19 की जारी प्रोग्रेस रिपोर्ट से इसका खुलासा हुआ है।
उद्योगपतियों और पुरा छात्रों का विश्वास जीतने का नतीजा है कि इस सत्र में अभी तक की सबसे अधिक 39 करोड़ 32 लाख 85 हजार 750 रुपये की आर्थिक मदद संस्थान को मिली है। इसमें 16 करोड़ 55 लाख 94 हजार रुपये की धनराशि संस्थान को प्राप्त हो चुकी है जबकि शेष धनराशि विभिन्न चरणों में मिलेगी।
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उद्योगपतियों और पुरा छात्रों का विश्वास जीतने का नतीजा है कि इस सत्र में अभी तक की सबसे अधिक 39 करोड़ 32 लाख 85 हजार 750 रुपये की आर्थिक मदद संस्थान को मिली है। इसमें 16 करोड़ 55 लाख 94 हजार रुपये की धनराशि संस्थान को प्राप्त हो चुकी है जबकि शेष धनराशि विभिन्न चरणों में मिलेगी।
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पिछले सत्र में महज 14 करोड़ छह लाख रुपये की आर्थिक मदद संस्थान को विभिन्न तरीकों से मिली थी। आईआईटी बांबे की रिपोर्ट के मुताबिक सत्र 2018-19 में उन्हें करीब 33 करोड़ रुपये दान मिले जबकि आईआईटी दिल्ली की रिपोर्ट के मुताबिक 21 करोड़ रुपये विभिन्न मदों में दान मिले हैं।
स्कॉलरशिप, स्किल डेवलपमेंट, सामाजिक कार्यों के लिए मिली रकम
दान में मिली सभी रकम का प्रयोग अलग-अलग मदों में किया जाना है। इनमें बड़ी संख्या में पुरा छात्रों और उद्योगपतियों ने धनराशि मौजूदा छात्रों को स्कॉलरशिप देने, स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम के लिए, बेहतर इंटर्नशिप और प्लेसमेंट आदि के लिए दी है। इसके अलावा संस्थान के इंफ्रास्ट्रक्चर, आसपास रहने वाले गरीब बच्चों, युवाओं के विकास के लिए भी मदद दी गई है।
स्कॉलरशिप, स्किल डेवलपमेंट, सामाजिक कार्यों के लिए मिली रकम
दान में मिली सभी रकम का प्रयोग अलग-अलग मदों में किया जाना है। इनमें बड़ी संख्या में पुरा छात्रों और उद्योगपतियों ने धनराशि मौजूदा छात्रों को स्कॉलरशिप देने, स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम के लिए, बेहतर इंटर्नशिप और प्लेसमेंट आदि के लिए दी है। इसके अलावा संस्थान के इंफ्रास्ट्रक्चर, आसपास रहने वाले गरीब बच्चों, युवाओं के विकास के लिए भी मदद दी गई है।
ढाई करोड़ रुपये से बीएसबीई की बनेगी अलग बिल्डिंग
संस्थान प्रशासन ने बायोसाइंस एंड बायोइंजीनियरिंग विभाग (बीएसबीई) के विकास पर काफी फोकस किया है। इसके लिए अमेरिका के मेहता फाउंडेशन ने संस्थान प्रशासन को करीब ढाई करोड़ रुपये दान दिए हैं। इस रकम से बीएसबीई विभाग के लिए अलग से बिल्डिंग तैयार की जाएगी, जहां अत्याधुनिक लैब भी होगी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर के शिक्षकों की हुई भर्ती
संस्थान में सत्र 2018-19 में शिक्षकों की भी भर्तियां हुई हैं। 77 पदों के सापेक्ष इस सत्र में कुल 34 शिक्षकों ने ज्वाइन किया। इसके लिए 899 आवेदन आए थे। खास बात है कि सभी 34 शिक्षक अंतरराष्ट्रीय स्तर के हैं। मतलब इन्होंने देश के उच्च तकनीकी शिक्षण संस्थानों से पढ़ाई की तो विदेश में जाकर शोध किया है। सबसे ज्यादा केमिस्ट्री विभाग में सात, मैथमेटिक्स एंड स्टेटिस्टिक्स के छह शिक्षकों की भर्ती हुई है।
संस्थान प्रशासन ने बायोसाइंस एंड बायोइंजीनियरिंग विभाग (बीएसबीई) के विकास पर काफी फोकस किया है। इसके लिए अमेरिका के मेहता फाउंडेशन ने संस्थान प्रशासन को करीब ढाई करोड़ रुपये दान दिए हैं। इस रकम से बीएसबीई विभाग के लिए अलग से बिल्डिंग तैयार की जाएगी, जहां अत्याधुनिक लैब भी होगी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर के शिक्षकों की हुई भर्ती
संस्थान में सत्र 2018-19 में शिक्षकों की भी भर्तियां हुई हैं। 77 पदों के सापेक्ष इस सत्र में कुल 34 शिक्षकों ने ज्वाइन किया। इसके लिए 899 आवेदन आए थे। खास बात है कि सभी 34 शिक्षक अंतरराष्ट्रीय स्तर के हैं। मतलब इन्होंने देश के उच्च तकनीकी शिक्षण संस्थानों से पढ़ाई की तो विदेश में जाकर शोध किया है। सबसे ज्यादा केमिस्ट्री विभाग में सात, मैथमेटिक्स एंड स्टेटिस्टिक्स के छह शिक्षकों की भर्ती हुई है।