IIT's mobile game: इंक्यूबेटेड स्टार्टअप नम: ने विकसित किया मैदान गेम, गोली-बंदूक नहीं..तीर-कमान से होगी लड़ाई
Kanpur News: अर्पित ने बताया कि गेम की लत न लगे तो खेलने की समयसीमा तय की है। 18 साल से ऊपर के बच्चे 24 घंटे में किसी भी समय तीन घंटे तक ही गेम खेल सकते हैं। 18 साल से ऊपर छह घंटे के लिए गेम खेल सकते हैं।
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अब मोबाइल पर गेम खेलने के दौरान छात्र अपनी संस्कृति को भी जानेंगे। वे न केवल गेम खेलेंगे बल्कि महाभारत, रामायण और गीता के उपदेशों को भी सुनेंगे। इस गेम में गोली बंदूक नहीं तीर-कमान का प्रयोग किया गया है। आईआईटी कानपुर में इंक्यूबेटेड स्टार्टपअप नम: के फाउंडर अर्पित गुप्ता ने मैदान नाम से मोबाइल गेम बनाया है।
इसकी टेस्टिंग में भी हो गई है। जल्द ही यह गेम लोग मोबाइल में डाउनलोड कर सकेंगे। सीएसजेएमयू से बीटेक करने वाले किदवईनगर निवासी अर्पित ने बताया कि उनका गेम अन्य खेल से काफी अलग है। उनके गेम में कोई खूनखराबा नहीं है। देश के प्रमुख स्थलों को भी गेम में शामिल किया गया है।
उन्होंने कहा कि तीन साल गेमिंग इंडस्ट्री में काम करने के बाद भारतीय संस्कृति को खेल के माध्यम से बच्चों तक पहुंचाने के लिए मैदान गेम के बारे में सोचा। 2022 में नम: कंपनी बनाई। गेम में भारतीय संस्कृति के अलावा लोग अपनी भाषा में गेम की कमेंट्री सुन सकेंगे। अंग्रेजी, भोजपुरी सहित हर भाषा में गेम का आनंद ले सकते हैं।
लत न लगे, इसलिए तय की समयसीमा
अर्पित ने बताया कि गेम की लत न लगे तो खेलने की समयसीमा तय की है। 18 साल से ऊपर के बच्चे 24 घंटे में किसी भी समय तीन घंटे तक ही गेम खेल सकते हैं। 18 साल से ऊपर छह घंटे के लिए गेम खेल सकते हैं। आधे घंटे के गेम में अगर पांच मिनट में आउट हो गए तो खेलने के लिए 25 मिनट का इंतजार करना ही होगा।