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Kanpur News: बिचौलिए को साधा तो तुरंत काम, वरना भटकते रहो
Wed, 29 Nov 2023 01:33 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Wed, 29 Nov 2023 01:33 AM IST
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कानपुर देहात। निवास या जाति प्रमाण पत्र बनवाना हो या फिर आय प्रमाण पत्र चाहिए यदि बिचौलिए को साधा तो काम तुरंत हो जाएगा। वरना भटकना पड़ेगा। यह स्थिति कमोवेश सभी तहसीलों में हैं। राजस्व कर्मियों से साठगांठ रखने वाले ये बिचौलिए सुविधा शुल्क लेकर झटपट काम करा देते हैं। वरना व्यवस्था के भरोसे रहकर इंतजार ही हाथ लगता है। आवेदन करने के बाद जिले में 1545 आवेदक इंतजार कर रहे हैं। इसमें 31 ऐसे आवेदक हैं जिनका इंतजार एक पखवाड़ा पार कर चुका है।
आमजन का वास्ता तहसील व ब्लॉक कार्यालयों से पड़ता है। योजनाओं का लाभ लेने या फिर बच्चों की पढ़ाई आदि के लिए लोग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन करते हैं। आवेदन तो जन सेवा केंद्र से हो जाता है, लेकिन जांच कर रिपोर्ट लेखपाल लगाते हैं। तहसीलों से आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र बनाकर ऑनलाइन जनसेवा केंद्र को वापस किया जाता है। पोर्टल पर यह व्यवस्था ऑनलाइन है। लेकिन इसके बाद भी बिचौलिए हावी हैं। लेखपाल समय से जांच कर आवेदन वापस नहीं करते तो लोग भटकते हैं। इसी का फायदा बिचौलिए उठाते हैं। महज 50 रुपये में ऑनलाइन बनने वाले प्रमाण पत्र के लिए लोगों को दो सौ से पांच सौ रुपये तक खर्च देने पड़ते हैं। मैंथा तहसील के हथिका गांव निवासी रणविजय सिंह ने बताया कि 15 दिन पूर्व निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था लेकिन अब तक आवेदन लंबित है। आवेदन के सात दिन के अंदर प्रमाण पत्र जारी हो जाना चाहिए, लेकिन जिले की छह तहसीलों में सात दिन से अधिक वाले 1514 आवेदन लंबित हैं। जबकि दस दिन से अधिक अवधि के 31 आवेदनों पर लेखपाल की रिपोर्ट लगने का इंतजार है। सरकारी कार्यालयों में हावी बिचौलियों का दखल खत्म करने के निर्देश मुख्य सचिव दुर्गा प्रसाद मिश्रा ने दिए हैं। इसको लेकर अब उम्मीद बंधी है कि समय से आवेदकों को प्रमाण पत्र मिल सकेंगे।
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कहां कितने आवेदन लंबित
जाति प्रमाण पत्र : डेरापुर तहसील में 8, अकबरपुर में 78, भोगनीपुर में 137, रसूलाबाद में 161 आवेदन लंबित हैं।
निवास प्रमाण पत्र : डेरापुर में 15, अकबरपुर में 9, भोगनीपुर में 161, रसूलाबाद में 164 और मैथा में 7 आवेदन लंबित हैं।
आय प्रमाण पत्र : डेरापुर में 13, अकबरपुर में 99, भोगनीपुर में 285, रसूलाबाद में 275 आवेदन लंबित हैं।
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लेखपाल भी रखे हैं प्राइवेट कर्मी
कई लेखपाल खुद जांच नहीं करते हैं, बल्कि वह प्राइवेट कर्मी रखे हैं। आवेदनों की सूची तहसील कार्यालय से मिलने पर प्राइवेट कर्मी ही आवेदक के मोबाइल नंबर पर संपर्क करते हैं। इसके बाद सुविधा शुल्क की वसूली होती है। इंकार करने वाले का आवेदन कारण दर्शाकर रद्द कर दिया जाता है या फिर लंबित रखा जाता है।
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सबसे कम मैंथा व अकबरपुर में निवास आवेदन लंबित
अकबरपुर में निवास के केवल 9 आवेदन लंबित हैं। ये भी सात दिन की अवधि के अंदर के हैं। हर दिन एसडीएम अवनीश कुमार सिंह लंबित आवेदनों की समीक्षा करते हैं। इसकी वजह से लंबित आवेदनों की संख्या घट गई है। वहीं मैंथा में निवास के केवल सात आवेदन लंबित हैं। संवाद
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अधिकारी अब मुख्यालय पर रुकते हैं। सख्ती से यह निर्देश दिए गए हैं कि कोई तहसील कर्मी या लेखपाल प्राइवेट कर्मी लगाकर काम नहीं लेंगे। आउट सोर्सिंग पर तैनात कर्मियों से काम लिया जा सकता है। आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र जारी करने के लिए बीस दिन का समय निर्धारित है। बमुश्किल एक फीसदी की आवेदन इस अवधि में लंबित हैं। बिचौलियों की शिकायत आएगी तो कार्रवाई की जाएगी।
-जेपी गुप्ता, एडीएम प्रशासन
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आमजन का वास्ता तहसील व ब्लॉक कार्यालयों से पड़ता है। योजनाओं का लाभ लेने या फिर बच्चों की पढ़ाई आदि के लिए लोग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन करते हैं। आवेदन तो जन सेवा केंद्र से हो जाता है, लेकिन जांच कर रिपोर्ट लेखपाल लगाते हैं। तहसीलों से आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र बनाकर ऑनलाइन जनसेवा केंद्र को वापस किया जाता है। पोर्टल पर यह व्यवस्था ऑनलाइन है। लेकिन इसके बाद भी बिचौलिए हावी हैं। लेखपाल समय से जांच कर आवेदन वापस नहीं करते तो लोग भटकते हैं। इसी का फायदा बिचौलिए उठाते हैं। महज 50 रुपये में ऑनलाइन बनने वाले प्रमाण पत्र के लिए लोगों को दो सौ से पांच सौ रुपये तक खर्च देने पड़ते हैं। मैंथा तहसील के हथिका गांव निवासी रणविजय सिंह ने बताया कि 15 दिन पूर्व निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था लेकिन अब तक आवेदन लंबित है। आवेदन के सात दिन के अंदर प्रमाण पत्र जारी हो जाना चाहिए, लेकिन जिले की छह तहसीलों में सात दिन से अधिक वाले 1514 आवेदन लंबित हैं। जबकि दस दिन से अधिक अवधि के 31 आवेदनों पर लेखपाल की रिपोर्ट लगने का इंतजार है। सरकारी कार्यालयों में हावी बिचौलियों का दखल खत्म करने के निर्देश मुख्य सचिव दुर्गा प्रसाद मिश्रा ने दिए हैं। इसको लेकर अब उम्मीद बंधी है कि समय से आवेदकों को प्रमाण पत्र मिल सकेंगे।
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कहां कितने आवेदन लंबित
जाति प्रमाण पत्र : डेरापुर तहसील में 8, अकबरपुर में 78, भोगनीपुर में 137, रसूलाबाद में 161 आवेदन लंबित हैं।
निवास प्रमाण पत्र : डेरापुर में 15, अकबरपुर में 9, भोगनीपुर में 161, रसूलाबाद में 164 और मैथा में 7 आवेदन लंबित हैं।
आय प्रमाण पत्र : डेरापुर में 13, अकबरपुर में 99, भोगनीपुर में 285, रसूलाबाद में 275 आवेदन लंबित हैं।
लेखपाल भी रखे हैं प्राइवेट कर्मी
कई लेखपाल खुद जांच नहीं करते हैं, बल्कि वह प्राइवेट कर्मी रखे हैं। आवेदनों की सूची तहसील कार्यालय से मिलने पर प्राइवेट कर्मी ही आवेदक के मोबाइल नंबर पर संपर्क करते हैं। इसके बाद सुविधा शुल्क की वसूली होती है। इंकार करने वाले का आवेदन कारण दर्शाकर रद्द कर दिया जाता है या फिर लंबित रखा जाता है।
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सबसे कम मैंथा व अकबरपुर में निवास आवेदन लंबित
अकबरपुर में निवास के केवल 9 आवेदन लंबित हैं। ये भी सात दिन की अवधि के अंदर के हैं। हर दिन एसडीएम अवनीश कुमार सिंह लंबित आवेदनों की समीक्षा करते हैं। इसकी वजह से लंबित आवेदनों की संख्या घट गई है। वहीं मैंथा में निवास के केवल सात आवेदन लंबित हैं। संवाद
अधिकारी अब मुख्यालय पर रुकते हैं। सख्ती से यह निर्देश दिए गए हैं कि कोई तहसील कर्मी या लेखपाल प्राइवेट कर्मी लगाकर काम नहीं लेंगे। आउट सोर्सिंग पर तैनात कर्मियों से काम लिया जा सकता है। आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र जारी करने के लिए बीस दिन का समय निर्धारित है। बमुश्किल एक फीसदी की आवेदन इस अवधि में लंबित हैं। बिचौलियों की शिकायत आएगी तो कार्रवाई की जाएगी।
-जेपी गुप्ता, एडीएम प्रशासन