{"_id":"e4dda158cb8cf1d845ec5aa9d501df16","slug":"if-the-mark-exam-cancel-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कॉपी में निशान तो परीक्षा निरस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कॉपी में निशान तो परीक्षा निरस्त
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
Updated Tue, 23 Feb 2016 02:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर यूनिवर्सिटी की संस्थागत और व्यक्तिगत परीक्षा देने वाले स्टूडेंट ध्यान दें। परीक्षा के दौरान कॉपी में किसी तरह का निशान न लगाएं वरना परीक्षा निरस्त कर दी जाएगी। दरअसल, इसे नकल की श्रेणी में माना गया है। केज (कॉपी का ऊपरी हिस्सा) को छोड़कर किसी भी पेज पर रोल नंबर नहीं लिखा जा सकेगा।
विज्ञापन
शरीर पर कुछ लिखकर भी परीक्षा देने पर मनाही है। ऐसा हुआ तो स्टूडेंट की परीक्षा निरस्त होगी। इसका सर्कुलर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सोमवार को जारी कर दिया है। नकल से संबंधित सर्कुलर पहली बार जारी हुआ।
विज्ञापन
यूनिवर्सिटी की परीक्षाएं 5 मार्च से शुरू हो रही हैं। इससे पहले ही नकल में कार्रवाई की रणनीति तय कर ली गई। नकल से संबंधित फारमेट भी सभी कॉलेजों को भेज दिया गया। परीक्षा नियंत्रक राज बहादुर यादव ने बताया कि नकल सामग्री के साथ पकड़े जाने पर स्टूडेंट की एक वर्ष की परीक्षा निरस्त की जाएगी।
विज्ञापन
उड़नदस्ते से अभद्रता या नकल सामग्री नष्ट करने की कोशिश में दो साल की परीक्षा निरस्त होगी। आपराधिक व्यवहार, कॉपी केंद्र के बाहर लिखने, कॉपी बदलने, परीक्षा केंद्र से कॉपी लेकर भागने या परीक्षा केंद्र पर दूसरे व्यक्ति से कॉपी लिखवाने वाले स्टूडेंट तीन साल की परीक्षा से वंचित होंगे। मोबाइल, कैलकुलेटर सहित अन्य सामग्री से नकल करने वालों को भी परीक्षा से वंचित किया जाएगा।
जमा होगी क्वेश्चन बुकलेट
54 सब्जेक्ट की ओएमआर बेस्ड परीक्षा की क्वेश्चन बुकलेट इस बार स्टूडेेंटों को नहीं दी जाएगी। यह बुकलेट स्टूडेंट से लेकर परीक्षा केंद्र पर रखी जाएगी। परीक्षा समाप्ति के बाद बुकलेट नोडल केेंद्र भेजी जाएंगी। नोडल केंद्रों की जिम्मेदारी होगी कि वह एक सप्ताह तक क्वेश्चन बुकलेट यूनिवर्सिटी भेजें। यह व्यवस्था पहली बार लागू होगी।
413 कॉलेजों में प्रिंसिपल नहीं
यूनिवर्सिटी से संबद्ध 413 डिग्री कॉलेजों में अनुमोदित प्रिंसिपल की तैनाती नहीं है। इसका अधिकृत ब्योरा यूनिवर्सिटी ने जारी कर दिया है। कानपुर नगर के 25 और कानपुर देहात के 22 कॉलेजों में अनुमोदित प्रिंसिपल नही हैं। सबसे ज्यादा 94 कॉलेज इलाहाबाद, 48 कॉलेज हरदोई और 45 कॉलेज कन्नौज के हैं, जहां प्रिंसिपल नही हैं।
कॉलेज प्रिंसिपल सुधारेंगे प्रवेश पत्र की गलती
कानपुर यूनिवर्सिटी की संस्थागत और व्यक्तिगत परीक्षा 2015-16 के प्रवेश पत्र में सब्जेक्ट या फिर प्रश्न पत्र की गलती सुधारने का अधिकार संबंधित प्रिंसिपलों को दिया गया। प्रिंसिपल ही ऑनलाइन गलती ठीक करेंगे, फिर प्रवेश पत्र डाउन लोड करके स्टूडेंट को देंगे।
साथ ही सूचना यूनिवर्सिटी प्रशासन को उपलब्ध करा देंगे। संस्थागत और व्यक्तिगत परीक्षा के प्रवेश पत्र में त्रुटियों की भरमार है। स्टूडेंट का नाम, पिता और माता का नाम गलत है। जन्म तिथि सहित सब्जेक्ट, प्रश्नपत्र भी बदल दिए गए। सोमवार को स्टूडेंटों ने यूनिवर्सिटी में हो हल्ला भी मचाया।
इसके बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने गलती सुधारने का ब्योरा जारी कर दिया। परीक्षा नियंत्रक राज बहादुर यादव का कहना है कि प्रवेश पत्र में स्टूडेंट, उसके माता और पिता का नाम सुधारने का काम यूनिवर्सिटी का है। प्रिंसिपल गलती सुधारने का अप्लीकेशन अग्रसारित करेंगे, फिर यूनिवर्सिटी एक्शन लेगी। सब्जेक्ट और प्रश्नपत्र की गलती प्रिंसिपल स्तर से सुधारी जा सकती है।