{"_id":"615bfad88ebc3ec8b024c0c8","slug":"ias-mohammad-iftikharuddin-case-this-thing-came-out-in-the-investigation","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईएएस मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन का मामला: बिहार में बनाया धर्मस्थल, कानपुर से भेजी थी कई सामग्री, अब सामने आई ये बात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईएएस मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन का मामला: बिहार में बनाया धर्मस्थल, कानपुर से भेजी थी कई सामग्री, अब सामने आई ये बात
Tue, 05 Oct 2021 12:43 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 05 Oct 2021 12:43 PM IST
सार
शिकायतकर्ता भूपेश अवस्थी और कई अन्य लोगों ने एसआईटी को बताया, उन्हें संदेह है कि धर्मस्थल का निर्माण अवैध कमाई से कराया गया। इसमें पद का लाभ लेकर तमाम सामग्री शहर से सिवान भेजी गई।
विज्ञापन
मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन, आईएएस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आईएएस मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन ने बिहार के सिवान में धर्मस्थल का निर्माण कराया है। मंडलायुक्त कार्यालय में तैनात कर्मचारियों और शिकायतकर्ताओं ने एसआईटी को सौंपे गए दस्तावेजों में यह आरोप लगाए हैं।
कहा गया है कि पद का लाभ उठाते हुए धर्मस्थल का निर्माण कराया गया है। इसमें तमाम सामग्री शहर से भेजी गईं। एसआईटी इस तथ्य को अपनी जांच रिपोर्ट में शामिल करेगी। साथ ही शासन से इसकी जांच किसी अन्य एजेंसी से कराने की सिफारिश करेगी।
शिकायतकर्ता भूपेश अवस्थी और कई अन्य लोगों ने एसआईटी को बताया, उन्हें संदेह है कि धर्मस्थल का निर्माण अवैध कमाई से कराया गया। इसमें पद का लाभ लेकर तमाम सामग्री शहर से सिवान भेजी गई। बताया कि इफ्तिखारुद्दीन हथकरघा विभाग में भी आयुक्त रहे हैं।
विज्ञापन
उस दौरान उन्होंने कई संस्थाओं को लाभ पहुंचाया। इसकी भी जांच होनी चाहिए। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी इन तथ्यों की जांच नहीं करेगी, लेकिन अपनी रिपोर्ट में शामिल करेगी। इसमें शासन से यह सिफारिश करेगी कि आईएएस पर लगा यह आरोप भी गंभीर है, जिसकी जांच कराई जा सकती है। जांच होगी या नहीं, इस पर अंतिम फैसला शासन लेगा।
विज्ञापन
कहा गया है कि पद का लाभ उठाते हुए धर्मस्थल का निर्माण कराया गया है। इसमें तमाम सामग्री शहर से भेजी गईं। एसआईटी इस तथ्य को अपनी जांच रिपोर्ट में शामिल करेगी। साथ ही शासन से इसकी जांच किसी अन्य एजेंसी से कराने की सिफारिश करेगी।
विज्ञापन
शिकायतकर्ता भूपेश अवस्थी और कई अन्य लोगों ने एसआईटी को बताया, उन्हें संदेह है कि धर्मस्थल का निर्माण अवैध कमाई से कराया गया। इसमें पद का लाभ लेकर तमाम सामग्री शहर से सिवान भेजी गई। बताया कि इफ्तिखारुद्दीन हथकरघा विभाग में भी आयुक्त रहे हैं।
विज्ञापन
उस दौरान उन्होंने कई संस्थाओं को लाभ पहुंचाया। इसकी भी जांच होनी चाहिए। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी इन तथ्यों की जांच नहीं करेगी, लेकिन अपनी रिपोर्ट में शामिल करेगी। इसमें शासन से यह सिफारिश करेगी कि आईएएस पर लगा यह आरोप भी गंभीर है, जिसकी जांच कराई जा सकती है। जांच होगी या नहीं, इस पर अंतिम फैसला शासन लेगा।