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इफ्तिखारुद्दीन का मामला: एटीएस भी कर सकती है वरिष्ठ आईएएस की जांच, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से की चर्चा
Sat, 23 Oct 2021 11:03 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 23 Oct 2021 11:03 AM IST
सार
शासन की अनुमति के बाद सीनियर आईएएस के मोबाइल की कॉल डिटेल भी खंगाली जा सकती है। जिससे कि यह पता लगाया जा सकता है कि वह किस-किस के संपर्क में रहे हैं।
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मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन,आईएएस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एसआईटी द्वारा सीनियर आईएएस मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन पर लगाए गए आरोपों की जांच को लेकर मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की। मामले में मुख्यमंत्री एटीएस की टीम को भी जांच के आदेश दे सकते हैं।
सीनियर आईएएस पर सरकारी आवास पर तकरीरें करने, धर्मांतरण के लिए उकसाने और साहित्य के माध्यम से धार्मिक कट्टरता को बढ़ावा देने का आरोप है। एसआईटी को उनकी लिखी तीन किताबें और 80 से ज्यादा वीडियो मिले हैं।
सूत्रों के अनुसार एसआईटी ने जो जांच रिपोर्ट शासन को भेजी है। उसमें सीनियर आईएएस पर गंभीर आरोप है। जिसके बाद मुख्यमंत्री ने जांच रिपोर्ट को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों से विचार विमर्श किया है।
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ऐसे में ये अनुमान लगाया जा रहा है कि मामले की जांच कहीं एटीएस को न सौंप दी जाए। शासन की अनुमति के बाद सीनियर आईएएस के मोबाइल की कॉल डिटेल भी खंगाली जा सकती है। जिससे कि यह पता लगाया जा सकता है कि वह किस-किस के संपर्क में रहे हैं।
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सीनियर आईएएस पर सरकारी आवास पर तकरीरें करने, धर्मांतरण के लिए उकसाने और साहित्य के माध्यम से धार्मिक कट्टरता को बढ़ावा देने का आरोप है। एसआईटी को उनकी लिखी तीन किताबें और 80 से ज्यादा वीडियो मिले हैं।
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सूत्रों के अनुसार एसआईटी ने जो जांच रिपोर्ट शासन को भेजी है। उसमें सीनियर आईएएस पर गंभीर आरोप है। जिसके बाद मुख्यमंत्री ने जांच रिपोर्ट को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों से विचार विमर्श किया है।
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ऐसे में ये अनुमान लगाया जा रहा है कि मामले की जांच कहीं एटीएस को न सौंप दी जाए। शासन की अनुमति के बाद सीनियर आईएएस के मोबाइल की कॉल डिटेल भी खंगाली जा सकती है। जिससे कि यह पता लगाया जा सकता है कि वह किस-किस के संपर्क में रहे हैं।