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हाईवोल्टेज से जिला अस्पताल को लगी एक करोड़ की चपत
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जिला अस्पताल में ट्रूनेट मशीन से सैंपल की जांच करता कर्मी।
- फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। जिला अस्पताल में आग से मंगलवार को ट्रूनेट मशीन खराब हो गई थी। इससे कोरोना जांच का संकट खड़ा हो गया था। बुधवार को ट्रूनेट मशीन दुरुस्त कराकर कोरोना जांच शुरू कर दी गई। प्रिंटर खराब होने से जांच रिपोर्ट मैनुअल तैयार की जा रही है।
जिला अस्पताल की ट्रूनेट मशीन से कोरोना जांच के बाद गर्भवती के प्रसव व अन्य आपरेशन किए जाते हैं। आग लगने से खराब हुई ट्रूनेट मशीन से मंगलवार को कोई जांच नहीं हो सकी। इस वजह से आपरेशन नहीं हो सके थे। बुधवार को ट्रूनेट मशीन दुरुस्त होने पर जांचें शुरू हुई।
जिला अस्पताल की सीटीपीटी में आग से एक करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। जिला अस्पताल परिसर में ब्लड बैंक, पैथालॉजी व आवासीय परिसर में विद्युत उपकरण फुंक गए थे। जैनपुर सब स्टेशन के जेई रचित मौर्या ने बताया कि ट्रांसफार्मर से विद्युत आपूर्ति सही थी। अस्पताल में जनरेटर लाइन का इंटरनल फाल्ट आने से उपकरण फुंके।
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विभागीय जानकारों के अनुसार उपकरण फुंकने से जिला अस्पताल को एक करोड़ रुपये की चपत लगी है। केवल ब्लड बैंक में तीन ब्लड स्टोरेज फ्रीजर, एक माइक्रोस्कोप, सभी पंखे, एसी, ट्यूबलाइट, दो ब्लड स्टोर रेफ्रीजरेटर फुंके हैं। पैथालॉजी के चार यूपीएस जल गए हैं। हालांकि सीएमएस डॉ. रियाज अली मिर्जा का कहना है कि फुंके उपकरणों से हुए सही नुकसान का आंकलन बाद में हो सकेगा।
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जिला अस्पताल की ट्रूनेट मशीन से कोरोना जांच के बाद गर्भवती के प्रसव व अन्य आपरेशन किए जाते हैं। आग लगने से खराब हुई ट्रूनेट मशीन से मंगलवार को कोई जांच नहीं हो सकी। इस वजह से आपरेशन नहीं हो सके थे। बुधवार को ट्रूनेट मशीन दुरुस्त होने पर जांचें शुरू हुई।
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जिला अस्पताल की सीटीपीटी में आग से एक करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। जिला अस्पताल परिसर में ब्लड बैंक, पैथालॉजी व आवासीय परिसर में विद्युत उपकरण फुंक गए थे। जैनपुर सब स्टेशन के जेई रचित मौर्या ने बताया कि ट्रांसफार्मर से विद्युत आपूर्ति सही थी। अस्पताल में जनरेटर लाइन का इंटरनल फाल्ट आने से उपकरण फुंके।
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विभागीय जानकारों के अनुसार उपकरण फुंकने से जिला अस्पताल को एक करोड़ रुपये की चपत लगी है। केवल ब्लड बैंक में तीन ब्लड स्टोरेज फ्रीजर, एक माइक्रोस्कोप, सभी पंखे, एसी, ट्यूबलाइट, दो ब्लड स्टोर रेफ्रीजरेटर फुंके हैं। पैथालॉजी के चार यूपीएस जल गए हैं। हालांकि सीएमएस डॉ. रियाज अली मिर्जा का कहना है कि फुंके उपकरणों से हुए सही नुकसान का आंकलन बाद में हो सकेगा।
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