ऐतिहासिक ‘कनपुरिया गंगा मेला’ आज, डाक विभाग ने जारी किया स्पेशल कवर पेज
कानपुर शहर में मनाया जाने वाला ऐतिहासिक खास त्योहार गंगामेला शनिवार को सरसैय्या घाट पर लगेगा। इस अवसर पर डाक विभाग ने शुक्रवार को स्पेशल कवर पेज जारी किया है। उधर इनर व्हील कानपुर क्लब की सदस्याओं ने शुक्रवार को होली का रंगारंग कार्यक्रम पेश किया। कार्यक्रम का आयोजन पांडुनगर मॉडल टाउन स्थित अस्थाना बिल्डर के आवास पर संपन्न हुआ। कार्यक्रम में फगवा गीतों और नृत्य के साथ ‘होली क्वीन’ और ‘प्रेम भरी पाती’ का कंपटीशन किया गया। सदस्याओं ने मजाकिया लहजे में अपने पतियों के प्रेम भरे पत्र पढ़कर सुनाएं। प्रेम भरे पत्रों में बनिया, इंस्पेक्टर, एडिटर और नेता के पत्र थे। अलग-अलग व्यवसाय के लोग कैसे प्रेम पत्र लिखते हैं इसको बड़े ही रोचक ढंग से दिखाया गया। इनरव्हील क्लब की शाखाएं हेल्पिंग हैंड्स, शाइन, एंजल और क्रिसेंट कल्ब भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में क्लब अध्यक्षा बिंदू जैन, सेक्रेटरी आरती मेहरोत्रा, कोषाध्यक्ष साधना गुप्ता, प्रोजेक्टर डायरेक्टर अनीता अग्रवाल, अमीता मेहरोत्रा, गरिमा खेरिया, तबस्सुम आलम आदि मौजूद रहीं।
सुबह पहले झंडारोहण होगा
गंगा मेला पर शनिवार सुबह पहले झंडारोहण होगा। इसके बाद रंगों का ठेला लेकर लोेग सरसैया घाट की ओर रवाना होंगे। हटिया पार्क से सरसैया घाट तक गंगा मेला की धूम रहेगी। इसी लिहाज से हटिया पार्क को सजाया-संवारा गया है। सरसैया घाट पर अलग-अलग संगठनों के स्टाल भी लगे हैं। यहां राजनेता भी जुटेंगे। इसके अलावा जिला और पुलिस प्रशासन का स्टाल भी लगेगा।
स्मृति के रूप में सहेजा जाएगा कवर पेज
गंगा मेला का इतिहास
हटिया होली मेला कमेटी के ज्ञानेंद्र विश्नोई के अनुसार हटिया गंगा मेला की नींव 1942 में पड़ी। होली के दिन हटिया बाजार में मौजूद रज्जन बाबू पार्क में यहां के नौजवान अंग्रेजी हुकूमत की परवाह किए बगैर तिरंगा फहराकर गुलाल उड़ाकर नाच गा रहे थे। इसकी भनक अंग्रेजी हुक्मरानों को लग गई। करीब एक दर्जन से भी ज्यादा अंग्रेज सिपाही घोड़े पर सवार होकर आए और झंडा उतारने लगे। इस पर होली खेल रहे नौजवानों विरोध किया। अंग्रेज सिपाहियों ने उन्हें पार्क में घेरकर बुरी तरह से पीटा। तिरंगा फहराने और होली मनाने के विरोध में उन दिनों गुलाब चंद्र सेठ, बुद्धूलाल मेहरोत्रा, नवीन शर्मा, विश्वनाथ टंडन, हमीद खान और गिरिधर शर्मा सहित करीब 45 लोगों को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया। गिरफ्तारी के विरोध में कानपुर का पूरा बाजार बंद हो गया। लोगों के इस आंदोलन को देख अंग्रेज हुक्मरानों की नींद उड़ गई। आंदोलन से घबराकर होली के पांचवें दिन अनुराधा नक्षत्र के दिन सभी पकड़े गए युवकों को रिहा किया गया। नौजवानों की रिहाई पर लोगों का हुजूम सरसैया घाट पर उमड़ पड़ा। इनकी रिहाई के बाद जमकर होली खेली गई। इसके बाद से यहां होली के दिन से अनुराधा नक्षत्र तक लगातार पांच दिनों तक होली मनाए जाने और सरसैया घाट पर मेला आयोजित करने की परंपरा चली आ रही है।