हिन्दी हैं हम: वाद-विवाद प्रतियोगिता में शिवानी, सिद्धार्थ और गिरिराज अव्वल, 60 से अधिक बच्चों ने रखे विचार
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गणेश चतुर्थी के उपलक्ष्य पर अमर उजाला व महाराष्ट्र मंडल कानपुर के तत्वावधान में शनिवार को महाराष्ट्र भवन खलासी लाइन में वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। ‘सोशल मीडिया का समाज पर प्रभाव व मेहनत हमेशा किस्मत से हारती है’ विषय के पक्ष और विपक्ष में 18 स्कूलों के 60 से अधिक बच्चों ने विचार रखे।
मुख्य अतिथि छत्रपति शाहू जी महाराज के प्रति कुलपति प्रोफेसर सुधीर अवस्थी ने विजेताओं व उप विजेताओं को पुरस्कृत किया। सोशल मीडिया पर पक्ष रखते हुए वरिष्ठ वर्ग में बाल मंदिर महाराष्ट्र मंडल की शिवानी मौर्य ने प्रथम व जिया मौर्य ने विपक्ष पर अपनी बात रखते हुए द्वितीय स्थान प्राप्त किया। सांत्वना पुरस्कार जय नारायण विद्या मंदिर की वैष्णवी सिंह और सताक्षी भदौरिया को दिया गया।
मेहनत हमेशा किस्मत से हारती है विषय के पक्ष में बात रखने पर बीएनएसडी शिक्षा निकेतन के सिद्धार्थ उपाध्याय को प्रथम और विपक्ष में बोलने वाले अविरल शुक्ला को द्वितीय स्थान मिला। सांत्वना पुरस्कार ओंकारेश्वर विद्या मंदिर के अनमोल त्रिपाठी व आयुष तिवारी को दिया गया। कनिष्ठ वर्ग में छात्रों ने ‘क्या हिंदी को अनिवार्य कर देना चाहिए’ विषय के पक्ष और विपक्ष में विचार रखे।
ओंकारेश्वर सरस्वती विद्या मंदिर के गिरिराज ने प्रथम, बाल मंदिर महाराष्ट्र मंडल के गोविंद ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। सांत्वना पुरस्कार बीएनएसडी शिक्षा निकेतन के शशि शेखर बाजपेई व बाल मंदिर महाराष्ट्र मंडल की कृतिका शुक्ला को दिया गया। निर्णायक मंडल के रूप में अर्मापुर पीजी कॉलेज के हिंदी विभाग के प्रवक्ता डॉ. राजेश कुमार सिंह व पीपीएन कॉलेज के हिंदी विभाग की प्रोफेसर डॉ. मधुर बाला यादव रहीं।
विज्ञान की पुस्तकों से हटाने होंगे अंग्रेजी शब्द
मुख्य अतिथि ने कहा कि हिंदी को बढ़ावा देने के लिए विज्ञान विषय की पुस्तकों से अंग्रेजी के शब्दों को हटाना होगा। हम सभी को प्रयास करना होगा कि विज्ञान की भाषा हिंदी बन सके। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी भाषी होने पर रोजगार आसानी से मिल जाता है, हिंदी के लिए भी कुछ ऐसा हम सबको करना होगा।