'बेबस पति...तांत्रिक का खेल': चौकीदार बोला- मैंने खेत में ही गाड़ दी थी अंगूठी, अब तिल तिल मर रही है पत्नी
Auriaya News: पुलिस ने महिला भक्तिन से अंगूठी लौटाने का दबाव बनाया। यह बात उसे नगावर गुजरी, जिस पर भक्तिन ने अंगूठी तो खेत में दबा दी, लेकिन उसकी पत्नी को नुकसान पहुंचाने को तंत्र विद्या कर दी।
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साहब... पत्नी के ठीक होने के लिए एक तांत्रिक सलाह पर खेत में मिली अंगूठी वापस वहीं दबा दी। इस पर एक भक्तिन की नियत खराब हो गई, लेकिन अंगूठी न मिलने पर भक्तीन ने 84 चौकियां लगा दी। इससे मेरी पत्नी को दवा से कोई आराम नहीं मिल रहा है और अब मेरी पत्नी तिल तिल मर रही है।
मामला औरैया जिले में अजीतमल कोतवाली क्षेत्र का है। यहां के मोहल्ला सूर्य नगर निवासी चौकीदार वेद प्रकाश ये बात बताते-बताते फूट फूटकर रोने लगे। बताया कि लगभग छह साल पहले उनको एक खेत पर दो अंगूठी मिली थीं। इस पर उसने अपनी पत्नी रानी (50) के लिए बाला बनवा दिए।
बाला पहनने के बाद पत्नी तख्त पर लेटी थीं। तभी हवा ने उनको नीचे जमीन पर तेजी से पटक दिया। इससे पत्नी के सिर व शरीर में कई जगह चोटें आईं। इस पर पत्नी रानी को कई जगह डॉक्टरों को दिखाया, लेकिन कोई आराम नहीं मिलने पर ग्वालियर ले गए। यहां एक्सरे कराने पर चार पसलियां टूटी निकली।
दस हजार का कर्ज लेकर अंगूठी बनवाई
तब से लगातार इलाज करवा रहे हैं। इस बीच झाड़ फूंक करने वालों को भी दिखाया। इस पर एक तांत्रिक ने बताया कि यदि तुम अंगूठी बनवाकर फिर से वहीं खेत में दबा दो, तो तुम्हारी पत्नी ठीक हो जाएगी। चौकीदार ने बताया कि इस पर उन्होंने दस हजार का कर्ज लेकर अंगूठी बनवाई और तांत्रिक के पास लेकर पहुंचे।
पीड़ित ने पुलिस को शिकायती पत्र दिया
यहां तांत्रिक के साथ एक भक्तिन भी मौजूद थी। तांत्रिक ने तंत्र विद्या करके अंगूठी भक्तिन को खेत में दबाने को दे दी, लेकिन भक्तिन की नियत खराब हो गई। इस पर वह अंगूठी को खेत में न दबाकर अपने साथ ले गई। पीड़ित चौकीदार वेद प्रकाश बताते हैं कि इसको लेकर उन्होंने तभी पुलिस को शिकायती पत्र दिया।
पत्नी को तिल तिल मरते देखने को मजबूर हैं
पुलिस ने महिला भक्तिन से अंगूठी लौटाने का दबाव बनाया। यह बात उसे नगावर गुजरी, जिस पर भक्तिन ने अंगूठी तो खेत में दबा दी, लेकिन उसकी पत्नी को नुकसान पहुंचाने को तंत्र विद्या कर दी। इससे पत्नी आज तक बीमार है। उस पर किसी दवा का कोई असर नहीं होता। पत्नी को तिल तिल मरते देखने को मजबूर हैं।