{"_id":"61897ac2168732416743883a","slug":"health-workers-returned-the-patient-to-the-district-hospital-said-no-doctor-akbarpur-news-knp6628256170","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों ने मरीज को लौटाया, कहा नहीं हैं डॉक्टर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों ने मरीज को लौटाया, कहा नहीं हैं डॉक्टर
विज्ञापन
कानपुर देहात। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मचारियों की ओर से मरीजों व तीमारदारों के साथ बेहतर व्यवहार नहीं किया जा रहा है। इससे मरीजों को उपचार के लिए भटकना पड़ता है।
जिला अस्पताल में बहन का इलाज कराने पहुंचे युवक को स्वास्थ्य कर्मचारियों ने चिकित्सकों के न होने की बात कहकर हैलट ले जाने का फरमान सुना दिया। इस पर युवक को मजबूरी में निजी अस्पताल में बहन का उपचार कराना पड़ा। परेशान युवक ने सोमवार को मामले की शिकायत डीएम से कर कार्रवाई की मांग की है।
मिल्किया अकबरपुर निवासी मैजिक चालक योगेंद्र ने डीएम से की शिकायत में बताया है कि शनिवार को बहन वंदना के पेट में दर्द हो रहा था। इस पर वह उसे जिला अस्पताल ले गया। वहां मौजूद स्वास्थ्य कर्मचारी ने डॉक्टर के ना होने का हवाला देते हुए बहन को कहीं और ले जाने को कहा।
विज्ञापन
इस पर उसने उच्चाधिकारियों से शिकायत करने की बात कही तो 20 मिनट बाद बहन को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर मेडिकल स्टोर से 1250 रुपये की दवा मंगाई। करीब 10 मिनट बाद स्वास्थ्य कर्मचारी ने मरीज को हैलट अस्पताल ले जाने का फरमान सुना दिया।
जिस पर दर्द से कराह रही बहन वंदना को माती रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। योगेंद्र ने बताया कि आर्थिक स्थिति ठीक न होने से लोगों से कर्ज लेकर अब वह बहन का इलाज कराने को मजबूर है।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में बहन का इलाज कराने पहुंचे युवक को स्वास्थ्य कर्मचारियों ने चिकित्सकों के न होने की बात कहकर हैलट ले जाने का फरमान सुना दिया। इस पर युवक को मजबूरी में निजी अस्पताल में बहन का उपचार कराना पड़ा। परेशान युवक ने सोमवार को मामले की शिकायत डीएम से कर कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
मिल्किया अकबरपुर निवासी मैजिक चालक योगेंद्र ने डीएम से की शिकायत में बताया है कि शनिवार को बहन वंदना के पेट में दर्द हो रहा था। इस पर वह उसे जिला अस्पताल ले गया। वहां मौजूद स्वास्थ्य कर्मचारी ने डॉक्टर के ना होने का हवाला देते हुए बहन को कहीं और ले जाने को कहा।
विज्ञापन
इस पर उसने उच्चाधिकारियों से शिकायत करने की बात कही तो 20 मिनट बाद बहन को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर मेडिकल स्टोर से 1250 रुपये की दवा मंगाई। करीब 10 मिनट बाद स्वास्थ्य कर्मचारी ने मरीज को हैलट अस्पताल ले जाने का फरमान सुना दिया।
जिस पर दर्द से कराह रही बहन वंदना को माती रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। योगेंद्र ने बताया कि आर्थिक स्थिति ठीक न होने से लोगों से कर्ज लेकर अब वह बहन का इलाज कराने को मजबूर है।