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Kanpur News: जमीन कब्जाने व डकैती मामले में हरेंद्र को नहीं मिली जमानत
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कानपुर। नजूल की अरबों रुपये की जमीन पर कब्जा करने और डकैती के मामले में आरोपी झांसी के नवाबाद निवासी हरेंद्र कुमार मसीह की जमानत अर्जी अपर जिला जज चतुर्थ निशा श्रीवास्तव ने खारिज कर दी।
कोतवाली में 28 जुलाई 2024 को दो एफआईआर दर्ज हुई थीं। एक रिपोर्ट लेखपाल विपिन कुमार ने नजूल की जमीन पर कब्जा करने के आरोप में तो दूसरी रिपोर्ट वहां रहनेे वाले सैमुअल गुरुदेव सिंह ने डकैती के मामले में दर्ज कराई थी। दोनों मुकदमों में आरोपी हरेंद्र कुमार मसीह को 28 अक्तूबर को जेल भेजा गया था। हरेंद्र की जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान एडीजीसी प्रदीप कुमार वाजपेई ने तर्क रखा कि सबकुछ जानते हुए नजूल की बेशकीमती जमीन पर कब्जा करने के लिए हरेंद्र ने 24 अप्रैल 2024 को पावर ऑफ अटार्नी अवनीश दीक्षित के नाम की थी। कब्जे के लिए आनंदेश्वर एसोसिएट का गठन किया था। संगठित गिरोह बनाकर साथियों के साथ जमीन पर कब्जे के लिए ताला तोड़ा गया लूटपाट की। पूरी घटना में हरेंद्र की सक्रिय भूमिका रही। वहीं, हरेंद्र की ओर से झूठा फंसाए जाने का तर्क रखा गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए हरेंद्र की जमानत अर्जी खारिज कर दी। (संवाद)
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कोतवाली में 28 जुलाई 2024 को दो एफआईआर दर्ज हुई थीं। एक रिपोर्ट लेखपाल विपिन कुमार ने नजूल की जमीन पर कब्जा करने के आरोप में तो दूसरी रिपोर्ट वहां रहनेे वाले सैमुअल गुरुदेव सिंह ने डकैती के मामले में दर्ज कराई थी। दोनों मुकदमों में आरोपी हरेंद्र कुमार मसीह को 28 अक्तूबर को जेल भेजा गया था। हरेंद्र की जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान एडीजीसी प्रदीप कुमार वाजपेई ने तर्क रखा कि सबकुछ जानते हुए नजूल की बेशकीमती जमीन पर कब्जा करने के लिए हरेंद्र ने 24 अप्रैल 2024 को पावर ऑफ अटार्नी अवनीश दीक्षित के नाम की थी। कब्जे के लिए आनंदेश्वर एसोसिएट का गठन किया था। संगठित गिरोह बनाकर साथियों के साथ जमीन पर कब्जे के लिए ताला तोड़ा गया लूटपाट की। पूरी घटना में हरेंद्र की सक्रिय भूमिका रही। वहीं, हरेंद्र की ओर से झूठा फंसाए जाने का तर्क रखा गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए हरेंद्र की जमानत अर्जी खारिज कर दी। (संवाद)
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