Hardoi: लापरवाही पर तीन इंचार्ज प्रधानाध्यापक निलंबित, खंड शिक्षाधिकारियों की रिपोर्ट पर बीएसए ने की कार्रवाई
Hardoi News: खंड शिक्षाधिकारियों की रिपोर्ट पर बीएसए ने गड़बड़ी और मनमानी करने वाले तीन इंचार्ज प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया है।
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गड़बड़ी और लापररवाही पर बीएसए विजय प्रताप सिंह ने भरावन, पिहानी और भरखनी के तीन इंचार्ज प्रधानाध्यापकों को निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में बीआरसी से संबद्ध किया है। बीएसए ने बताया कि भरावन के प्राथमिक विद्यालय कौड़िया प्रथम की इंचार्ज प्रधानाध्यापिका विभा गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है। कंपोजिट ग्रांट मिलने के बाद भी स्कूल में कोई काम नहीं कराया गया है। प्रधान नीलम देवी ने प्रधानाध्यापिका की शिकायत की थी। जिस पर बीईओ बृजेश त्रिपाठी से जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में कहा है कि एक अप्रैल को स्कूल में नामांकित 76 बच्चों में से 61 उपस्थित थे। दो शिक्षण कक्षों के खिड़कियों के पल्ला टूटे थे। कक्षा कक्षों में कुत्ता सो रहे थे।
छात्रों को नवंबर और जनवरी में 9-9 दिन और फरवरी में 17 दिन मध्याह्न भोजन भी नहीं मिला था। प्रधान ने बताया कि प्रधानाध्यापिका ने उनके हस्ताक्षर की चेकबुक और पासबुक अपने पास रख ली है। 2010 से काम कर रहीं तीन रसोइयों को भी प्रधानाध्यापिका ने हटवा दिया है। सहायक शिक्षिका शिल्पी राय ने प्रधानाध्यापिका से कोई भी स्टेशनरी आदि न मिलने की जानकारी दी। भरावन के तत्कालीन खंड शिक्षाधिकारी डीएल राणा ने भी कम राशन दिए जाने की रिपोर्ट दी थी।
बताया कि भरखनी के बरुआरा प्राथमिक स्कूल के इंचार्ज प्रधानाध्यापक बृजमोहन को भी निलंबित किया गया है। बीईओ ने दी रिपोर्ट में कहा है कि 21 मार्च को निरीक्षण में स्कूल गेट पर ताला लगा था। शिक्षामित्र सुशील कुमार गेट के बाहर मिले। इंचार्ज प्रधानाध्यापक बृजमोहन और शिक्षामित्र रामनरायन गैरहाजिर थे। 1 अक्तूबर 2024 से बच्चों की गैरहाजिरी भी नहीं दर्ज की गई थी।
बताया कि पिहानी के बंदरहा संविलियन विद्यालय के तत्कालीन इंचार्ज प्रधानाध्यापक निर्दोष कुमार को भी निलंबित कर दिया गया है। खंड शिक्षाधिकारी ने दी रिपोर्ट में कहा है कि जनवरी से दिसंबर 2024 तक निर्दोष कुमार ने मध्याह्न भोजन योजना के खाता से 4,92,000 रुपये निकाले गए। जबकि उक्त अवधि में 3,57,513 रुपये ही खर्च किए गए हैं। कक्षा सात के विद्यार्थियों की उपस्थिति पंजिका ही नहीं बनाई थी। मासिक बैठक भी नहीं की गई।