फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   Hardoi: These artisans got employment from Ravana, even the fifth generation is making effigies

Hardoi: इन कारीगरों को रावण से मिला रोजगार, पांचवीं पीढ़ी भी बना रही पुतला

Wed, 28 Feb 2024 09:55 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 28 Feb 2024 09:55 PM IST
विज्ञापन
Hardoi: These artisans got employment from Ravana, even the fifth generation is making effigies
रावण का पुतला - फोटो : सोशल मीडिया

लंकाधिपति रावण का नाम आते ही लोगों के मन में प्रभु श्रीराम विरोधी होने के विचार कौंंध जाते हैं लेकिन, यही रावण रोजगार जरिया भी है। रावण के पुतला बनाने का काम लखीमपुर खीरी के एक परिवार की पांचवीं पीढ़ी करती आ रही है। हरदोई जिले के नुमाइश मेला में श्रीरामलीला के मंचन में रावण वध लीला के साथ पुतला दहन भी किया जाता है।

विज्ञापन


मंगलवार को लखीमपुर खीरी के पलिया के मोहल्ला हलवाई निवासी इंसाफ अली ने अपने पुत्र शावान अली और पौत्र शेहरान अली के साथ रावण के पुतला को अंतिम रुप दिया। यहां पर श्रीरामलीला में केवल रावण के पुतले का ही दहन किया जाता है। इंसाफ अली ने बताया कि उन्होंने रावण, मेघनाथ और कुंभकरण आदि के पुतले बनाने का काम अपने बाबा और पिता फजल रहमान से सीखा है। अब उनके साथ उनका लड़का शावान अली और पौत्र शेहरान अली भी पुतला बनाने के काम में मदद करता है।
विज्ञापन


वह 12 साल से यहां नुमाइश मेला में पुतला बनाने आ रहे हैं। इस बार भी रावण का पुतला 35 फीट ऊंचाई वाला होगा। इसे तैयार किए जाने में कागज, लकड़ी आदि सामग्री के साथ ही 120 मीटर कपड़ा लगा है। बताया कि एक पुतला बनाने में करीब 8-10 दिन का समय लग जाता है। बताया कि दशहरा पर पुतलों की अधिक मांग रहती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed