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दिल्ली हिंसा में हरदोई के युवक की मौत, आखिरी कॉल मां के पास कर कही थी ये बात
Sat, 29 Feb 2020 10:29 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 29 Feb 2020 10:29 AM IST
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मोनिस की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली में हुई हिंसा में हरदोई जनपद के पिहानी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम राभा निवासी मोनिस (18) पुत्र अलीशेर की मौत हो गई। अलीशेर दिल्ली के रोहिणी इलाके में कैनाल बाईपास के पास बाटली में स्थित बरात घर में गार्ड है। उसका बेटा मोनिस भी वहीं रहता था और मजदूरी करता था।
25 फरवरी को बरात घर में एक वैवाहिक समारोह का आयोजन था। आयोजन के बाद काफी अधिक मिठाई बचने पर आयोजकों ने मिठाई अलीशेर को दे दी थी। अलीशेर के दो भाई जाबिर और साबिर दिल्ली के मुस्तफाबाद में रहते हैं।
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25 फरवरी को बरात घर में एक वैवाहिक समारोह का आयोजन था। आयोजन के बाद काफी अधिक मिठाई बचने पर आयोजकों ने मिठाई अलीशेर को दे दी थी। अलीशेर के दो भाई जाबिर और साबिर दिल्ली के मुस्तफाबाद में रहते हैं।
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मिठाई अधिक होने के कारण अलीशेर ने अपने पुत्र मोनिस से मिठाई दोनों भाइयों के यहां भेज दी। बस से मिठाई देने के लिए निकले मोनिस ने वजीराबाद में बस से उतरकर अपनी मां मैसरी को फोन कर बताया कि वह दंगे में फंस गया है।
इसके बाद उसका फोन स्विच ऑफ हो गया। परिजन उसकी तलाश करते रहे। मुस्तफाबाद के विधायक की मदद से जीटीबी हॉस्पिटल में रखे अज्ञात शवों में मोनिस को ढूंढा गया, तो शव मिल गया। घटना की सूचना से परिजनों में कोहराम मच गया।
इसके बाद उसका फोन स्विच ऑफ हो गया। परिजन उसकी तलाश करते रहे। मुस्तफाबाद के विधायक की मदद से जीटीबी हॉस्पिटल में रखे अज्ञात शवों में मोनिस को ढूंढा गया, तो शव मिल गया। घटना की सूचना से परिजनों में कोहराम मच गया।