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Hamirpur: फर्जी जीएसटी कंपनियों का जाल, सात करोड़ के आईटीसी घोटाले में एक गिरफ्तार
Sat, 28 Mar 2026 09:09 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Sat, 28 Mar 2026 09:09 PM IST
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मामले का खुलासा करती कोतवाली पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से दस्तावेज लेकर हजारों फर्जी कंपनियां खड़ी कर दी गईं। इन फर्जी कंपनियों से बिना वास्तविक खरीद-फरोख्त के इनपुट टैक्स क्रेडिट पास कर करीब सात करोड़ की कर चोरी की गई। कोतवाली पुलिस, एसओजी व सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में शनिवार को अंतर्राज्यीय स्तर के गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार कर उसके पास से लैपटॉप, मोबाइल और अहम दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
शनिवार को कोतवाली प्रभारी पवन कुमार पटेल ने बताया कि गिरोह का सदस्य महाराजगंज निवासी अविनाश दुबे (22) तिमारपुर दिल्ली में रहकर फर्जी फर्मों के जरिए जीएसटी चोरी के नेटवर्क में सक्रिय था। जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य बेहद सुनियोजित तरीके से बेरोजगार युवकों को अमेठी एयरपोर्ट पर नौकरी का झांसा देकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड, फोटो व अन्य दस्तावेज हासिल करते थे। उन्हीं दस्तावेजों पर फर्जी हस्ताक्षर तैयार कर ऑनलाइन जीएसटी रजिस्ट्रेशन किया जाता और फर्जी कंपनियों के जरिए लेन-देन दिखाकर करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान किया गया।
जांच में अंतर्राज्यीय स्तर के गिरोह ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करीब 2000 से अधिक कंपनियों का जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराया और इन कंपनियों के जरिए बिना वास्तविक खरीद-फरोख्त के इनपुट टैक्स क्रेडिट पास कर लगभग सात करोड़ रुपये से अधिक की कर चोरी की गई। पुलिस ने बताया कि आरोपी के पास से मिले चार लैपटॉप, पांच मोबाइल, अहम दस्तावेज बरामद किए। लैपटॉप में कई डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं। जिसमें फर्जी कंपनियों और लेन-देन का रिकार्ड दर्ज है। कॉल डिटेल व डिजिटल डेटा के आधार पर पूरा नेटवर्क खंगाला जा रहा है।
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बेतवा नदी के संगम में रजिस्टर्ड मिली कंपनी
कोतवाली अंतर्गत रिंगना कारीमाटी निवासी आरोपी विजय ने फर्जी तरीके से वी.वाई. ट्रेडर्स की फर्म नगर के चार किलोमीटर दूर यमुना और बेतवा नदी के संगम में कागजों में चल रही थी। जबकि जांच के दौरान धरातल में वहां कुछ नहीं मिला। शातिरों ने प्रजापति ट्रेडर्स प्रोपराइटर लक्ष्मण प्रजापति निवासी गंगेरवा जिला अमेठी से एयरपोर्ट में नौकरी दिलवाने के नाम पर दस्तावेज मंगवाया और बेरोजगार युवकों के उन्हीं दस्तावेज से फर्जी तरीके से 2000 फर्जी जीएसटी कंपनियों का रजिस्ट्रेशन कर डाला।
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शनिवार को कोतवाली प्रभारी पवन कुमार पटेल ने बताया कि गिरोह का सदस्य महाराजगंज निवासी अविनाश दुबे (22) तिमारपुर दिल्ली में रहकर फर्जी फर्मों के जरिए जीएसटी चोरी के नेटवर्क में सक्रिय था। जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य बेहद सुनियोजित तरीके से बेरोजगार युवकों को अमेठी एयरपोर्ट पर नौकरी का झांसा देकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड, फोटो व अन्य दस्तावेज हासिल करते थे। उन्हीं दस्तावेजों पर फर्जी हस्ताक्षर तैयार कर ऑनलाइन जीएसटी रजिस्ट्रेशन किया जाता और फर्जी कंपनियों के जरिए लेन-देन दिखाकर करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान किया गया।
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जांच में अंतर्राज्यीय स्तर के गिरोह ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करीब 2000 से अधिक कंपनियों का जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराया और इन कंपनियों के जरिए बिना वास्तविक खरीद-फरोख्त के इनपुट टैक्स क्रेडिट पास कर लगभग सात करोड़ रुपये से अधिक की कर चोरी की गई। पुलिस ने बताया कि आरोपी के पास से मिले चार लैपटॉप, पांच मोबाइल, अहम दस्तावेज बरामद किए। लैपटॉप में कई डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं। जिसमें फर्जी कंपनियों और लेन-देन का रिकार्ड दर्ज है। कॉल डिटेल व डिजिटल डेटा के आधार पर पूरा नेटवर्क खंगाला जा रहा है।
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बेतवा नदी के संगम में रजिस्टर्ड मिली कंपनी
कोतवाली अंतर्गत रिंगना कारीमाटी निवासी आरोपी विजय ने फर्जी तरीके से वी.वाई. ट्रेडर्स की फर्म नगर के चार किलोमीटर दूर यमुना और बेतवा नदी के संगम में कागजों में चल रही थी। जबकि जांच के दौरान धरातल में वहां कुछ नहीं मिला। शातिरों ने प्रजापति ट्रेडर्स प्रोपराइटर लक्ष्मण प्रजापति निवासी गंगेरवा जिला अमेठी से एयरपोर्ट में नौकरी दिलवाने के नाम पर दस्तावेज मंगवाया और बेरोजगार युवकों के उन्हीं दस्तावेज से फर्जी तरीके से 2000 फर्जी जीएसटी कंपनियों का रजिस्ट्रेशन कर डाला।