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हड्डी में टूट-फूट, हैलट में मची लूट
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 19 Apr 2016 12:49 AM IST
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weirdest medical professions
- फोटो : oddee
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कानपुर। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के हैलट अस्पताल में जूनियर डॉक्टर ही नहीं सीनियर डॉक्टरों का भी खेल चल रहा है। सस्ते और अच्छे इलाज के लिए आए मरीजों से जांच, दवा के साथ ही उपकरणों, बेहोशी की दवाओं आदि के नाम पर जबरदस्त वसूली चल रही है। हड्डी रोग विभाग में उपकरण के लिए डॉक्टर मनमाने रुपये ले रहेे हैं तो सर्जरी विभाग के डॉक्टरों के संरक्षण में दलाल इमरजेंसी से वार्डों तक में मरीजों को चूस रहे हैं।
हड्डी में 85 हजार का इम्प्लांट मंगाया
हड्डी रोग विभाग के एक डॉक्टर ने वार्ड में भर्ती मरीज के कंधे की हड्डी जोड़ने के लिए 85 हजार रुपये का इम्प्लांट खरीदवाया है। इस डॉक्टर ने तीन दिन पहले भी एक मरीज से हजारों रुपये मांगे थे। आखिर में परिजन मरीज को लेकर प्राइवेट अस्पताल चले गए।
विदेशी इम्प्लांट के नाम पर मरीजों से छल
विदेशी इम्प्लांट के नाम पर मरीजों को छला जा रहा है। सूत्रों के अनुसार उन्हें विदेशी के बजाय देशी इम्प्लांट ही लगाया जा रहा है। यह डॉक्टर अपने रिश्तेदार के नर्सिंगहोम में मरीज को भर्ती करने के लिए जाने जाते हैं। हड्डी के ही एक और डॉक्टर को इम्प्लांट के नाम पर कम रुपये मिलते हैं तो वह मरीज को ऑपरेशन थियेटर से ही बाहर का रास्ता दिखा देते हैं। हड्डी विभागाध्यक्ष प्रो. एके गुप्ता ने कहा कि अस्पताल में इम्प्लांट नहीं मिलते हैं। मजबूरी में ही इम्प्लांट को बाहर से मंगाया जाता है।
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सर्जरी विभागाध्यक्ष ने दलालों को छुड़ाया
सोमवार सुबह हैलट इमरजेंसी के अंदर मरीजों का इलाज करते पकड़े गए तीन दलालों को सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. संजय काला ने हैलट चौकी से छुड़वा दिया है। तीनों दलालों के पकड़े जाने के बाद सर्जरी विभाग के जूनियर डॉक्टर फास्ट हो गए थे। दो जूनियर डॉक्टर चौकी प्रभारी संजय सिंह के पास आए और ‘बॉस’ से मोबाइल पर बात कराई। बात खत्म होने से पहले ही चौकी प्रभारी ने इशारे से तीनों दलालों को जाने दिया। बाद में चौकी प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि प्रो. संजय काला का फोन आया था। इस पर उन्होंने तीनों को छोड़ने के लिए कहा था। तीनों दलालों को पुलिस ही पकड़ कर चौकी लाई थी। प्रो. काला ने कहा कि उन्होंने दवाओं की सप्लाई करने वाले अमिताभ शर्मा को छोड़ने को कहा था। राहुल और अभय के बारे में नहीं जानता। साथ ही कहा कि वह जूनियर डॉक्टरों से बात कर दोनों लड़कों को वापस चौकी भेजेंगे।
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हड्डी में 85 हजार का इम्प्लांट मंगाया
हड्डी रोग विभाग के एक डॉक्टर ने वार्ड में भर्ती मरीज के कंधे की हड्डी जोड़ने के लिए 85 हजार रुपये का इम्प्लांट खरीदवाया है। इस डॉक्टर ने तीन दिन पहले भी एक मरीज से हजारों रुपये मांगे थे। आखिर में परिजन मरीज को लेकर प्राइवेट अस्पताल चले गए।
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विदेशी इम्प्लांट के नाम पर मरीजों से छल
विदेशी इम्प्लांट के नाम पर मरीजों को छला जा रहा है। सूत्रों के अनुसार उन्हें विदेशी के बजाय देशी इम्प्लांट ही लगाया जा रहा है। यह डॉक्टर अपने रिश्तेदार के नर्सिंगहोम में मरीज को भर्ती करने के लिए जाने जाते हैं। हड्डी के ही एक और डॉक्टर को इम्प्लांट के नाम पर कम रुपये मिलते हैं तो वह मरीज को ऑपरेशन थियेटर से ही बाहर का रास्ता दिखा देते हैं। हड्डी विभागाध्यक्ष प्रो. एके गुप्ता ने कहा कि अस्पताल में इम्प्लांट नहीं मिलते हैं। मजबूरी में ही इम्प्लांट को बाहर से मंगाया जाता है।
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सर्जरी विभागाध्यक्ष ने दलालों को छुड़ाया
सोमवार सुबह हैलट इमरजेंसी के अंदर मरीजों का इलाज करते पकड़े गए तीन दलालों को सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. संजय काला ने हैलट चौकी से छुड़वा दिया है। तीनों दलालों के पकड़े जाने के बाद सर्जरी विभाग के जूनियर डॉक्टर फास्ट हो गए थे। दो जूनियर डॉक्टर चौकी प्रभारी संजय सिंह के पास आए और ‘बॉस’ से मोबाइल पर बात कराई। बात खत्म होने से पहले ही चौकी प्रभारी ने इशारे से तीनों दलालों को जाने दिया। बाद में चौकी प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि प्रो. संजय काला का फोन आया था। इस पर उन्होंने तीनों को छोड़ने के लिए कहा था। तीनों दलालों को पुलिस ही पकड़ कर चौकी लाई थी। प्रो. काला ने कहा कि उन्होंने दवाओं की सप्लाई करने वाले अमिताभ शर्मा को छोड़ने को कहा था। राहुल और अभय के बारे में नहीं जानता। साथ ही कहा कि वह जूनियर डॉक्टरों से बात कर दोनों लड़कों को वापस चौकी भेजेंगे।