{"_id":"5e99ba5f8ebc3e711b48a550","slug":"hafiz-said-that-collective-taraweeh-will-not-teach-in-the-lockdown","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हाफिज बोले लॉकडाउन में नहीं पढ़ाएंगे सामूहिक तरावीह, पहली बार मस्जिदों में नहीं होगी विशेष नमाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाफिज बोले लॉकडाउन में नहीं पढ़ाएंगे सामूहिक तरावीह, पहली बार मस्जिदों में नहीं होगी विशेष नमाज
Fri, 17 Apr 2020 08:29 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 17 Apr 2020 08:29 PM IST
विज्ञापन
कानपुर में ड्रोन से की जा रही है मस्जिदों की निगरानी
- फोटो : amar ujala
इस बार लॉकडाउन में रमजान-उल-मुबारक का महीना शुरू होगा। यह पहला मौका होगा, जिसमें कुरान की विशेष सामूहिक नमाज तरावीह नहीं होगी। हाफिज अपने अपने घरों में तरावीह पढ़ेंगे। उनके पीछे उनके घर के सदस्य ही पढ़ सकते हैं।
तरावीह पढ़ाने वाले हाफिज-ए-कुरान ने इस मामले में अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। तरावीह की नमाज में हाफिज कुरान पाक का पाठ पूरा करते हैं। हाफिजों ने कहा कि अल्लाहताला से दुआ होगी कि इस बीमारी से देश और दुनिया की हिफाजत करे।
विज्ञापन
तरावीह पढ़ाने वाले हाफिज-ए-कुरान ने इस मामले में अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। तरावीह की नमाज में हाफिज कुरान पाक का पाठ पूरा करते हैं। हाफिजों ने कहा कि अल्लाहताला से दुआ होगी कि इस बीमारी से देश और दुनिया की हिफाजत करे।
विज्ञापन
पिछले करीब 14 सालों से तरावीह पढ़ा रहे हाफिज कारी गजाली खान ने बताया कि वह पेचबाग मार्केट में तरावीह पढ़ाते थे लेकिन इस बार सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए तरावीह बाहर नहीं होगी बल्कि घर में ही तरावीह पढ़ेंगे।
हाफिज फैसल अजहरी ने बताया कि वह पिछले 21 साल से तरावीह पढ़ा रहे हैं। पहला मौका है कि इस बार किसी मस्जिद में तरावीह नहीं होगी। कुरान पाक का पाठ हर घर में होना चाहिए।
मौलाना साद खां नदवी ने बताया कि पिछले 11 सालों से बेनाझाबर की मस्जिद में 10 दिनों की तरावीह में कुरान पाक मुकम्मल करते थे। इस बार लॉकडाउन के चलने मस्जिदों में तरावीह नहीं होगी। अपने घर में ही वालिदैन और भाइयों को तरावीह की नमाज पढ़ाएंगे।
हाफिज फैसल अजहरी ने बताया कि वह पिछले 21 साल से तरावीह पढ़ा रहे हैं। पहला मौका है कि इस बार किसी मस्जिद में तरावीह नहीं होगी। कुरान पाक का पाठ हर घर में होना चाहिए।
मौलाना साद खां नदवी ने बताया कि पिछले 11 सालों से बेनाझाबर की मस्जिद में 10 दिनों की तरावीह में कुरान पाक मुकम्मल करते थे। इस बार लॉकडाउन के चलने मस्जिदों में तरावीह नहीं होगी। अपने घर में ही वालिदैन और भाइयों को तरावीह की नमाज पढ़ाएंगे।