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Kanpur News: जीएसवीएम के विशेषज्ञ दूसरे मेडिकल कॉलेजों की फैकल्टी को देंगे सर्जरी का प्रशिक्षण

Tue, 13 Jan 2026 02:07 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 13 Jan 2026 02:07 AM IST
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GSVM specialists will provide surgical training to faculty from other medical colleges.
कानपुर। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज अब हब एंड स्पोक मॉडल का केंद्र बनेगा। इस मॉडल के तहत जीएसवीएम के विशेषज्ञ टेली मेंटरिंग के जरिये बांदा, औरैया और कन्नौज मेडिकल कॉलेजों की फैकल्टी को सर्जरी, गहन देखभाल और पठन-पाठन से संबंधित प्रशिक्षण देंगे। साथ ही आसपास के जिलों के जिला चिकित्सालय और सीएचसी के डॉक्टरों को नई विकसित विशेषज्ञताओं के संबंध में अपडेट किया जाएगा। आईआईटी के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर मिलकर काम भी किया जाएगा।
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हब एंड स्पोक मॉडल की शुरुआत एसजीपीजीआई लखनऊ से हुई थी और अब इसके तीन साल पूरे हो गए हैं। एसजीपीजीआई ने आईसीयू केयर और अन्य विषयों में जीएसवीएम का मार्गदर्शन किया। अब दूसरे मेडिकल कॉलेजों की स्किल अपडेट करने के लिए जीएसवीएम को मॉडल सेंटर बनाया जा रहा है। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के एप्लीकेशन विकसित करने की जिम्मेदारी आईआईटी और जीएसवीएम को दी गई है। इसमें मेडिकल कॉलेज डेटा उपलब्ध कराएगा और आईआईटी इसके आधार पर एआई एप्लीकेशन तैयार करेगा।
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कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि एसजीपीजीआई को अब क्वाटर्नरी सेंटर बनाया जा रहा है। आईआईटी के साथ एआई के संबंध में करार हो चुका है और इसे विषयवार विकसित किया जाएगा। वर्तमान में एक्स-रे के लिए डेटा तैयार किया जा रहा है, इसके बाद एमआरआई और सीटी के डेटा पर काम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शासन ने राज्य के 81 मेडिकल कॉलेजों को विकसित करने का निर्णय लिया है, जिसमें केजीएमयू और आरएमएल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस अगुवाई करेंगे और सभी कॉलेज अपना डेटा साझा करेंगे।
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डॉ. काला ने बताया कि हब एंड स्पोक मॉडल के तहत अन्य कॉलेजों को रोबोटिक सर्जरी भी सिखाई जाएगी। जिन कॉलेज और अस्पतालों के पास संसाधन उपलब्ध होंगे, उनका विशेषज्ञ मार्गदर्शन करेगा। इससे मरीजों को उनके क्षेत्र के नजदीकी चिकित्सालयों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। टेली मेंटरिंग के माध्यम से सर्जरी और अन्य गंभीर रोगों के इलाज के लिए परामर्श भी दिया जाएगा।
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