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Kanpur News: हरी मटर की 40 से 45 किलो में कराई जाए पैकिंग
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जालौन। हरी मटर के व्यापारियों ने ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन के नेतृत्व में डीएम को संबाेधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। में हरी मटर की बड़ी पैकिंग से होने वाली परेशानी बताई। कहा कि मटर की पैकिंग 80 से 90 किलो की बजाय 40 से 45 किलो में कराई जाए।
प्रगतिशील किसान व ब्लाॅक प्रमुख रामराजा निरंजन के नेतृत्व में मटर व्यापारियों ने दिए ज्ञापन में बताया कि हरी मटर का व्यापार नगर से पूरे देश में किया जाता है। देश के विभिन्न भागों की मंडियों में सब्जी आदि की पैकिंग 40 से 45 किलो की जाती है, जबकि जिले में हरी मटर की पैकिंग 80 से 90 किलो में की जाती है।
बाहर की मंडियों में बड़ी पैकिंग की खरीद न होने से व्यापारियों को अपनी मटर फैक्टरी में कम कीमत में बेचनी पड़ती है। इससे व्यापारियों को घाटा होता है। अगर पैकिंग 40 से 45 किलों में होने लगे तो व्यापारियों को हरी मटर देश की अन्य मंडियों में बेचने का मौका मिल जाएगा, जिससे उनकी आय भी बढ़ेगी। इसके अलावा पल्लेदारों को भी 80 से 90 किग्रा की भारी बोरी उठाने में दिक्कत होती है। ऐसे में छोटी पैकिंग होने से पल्लेदारों को भी सहूलियत होगी। इस दौरान अशफाक राईन, मोहम्मद सुलेमान, हाजी रसूल, गुलाम मोहम्मद, यूनुस, अब्दुल हकीम, चांद, वाहिद, इसरार आदि रहे।
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प्रगतिशील किसान व ब्लाॅक प्रमुख रामराजा निरंजन के नेतृत्व में मटर व्यापारियों ने दिए ज्ञापन में बताया कि हरी मटर का व्यापार नगर से पूरे देश में किया जाता है। देश के विभिन्न भागों की मंडियों में सब्जी आदि की पैकिंग 40 से 45 किलो की जाती है, जबकि जिले में हरी मटर की पैकिंग 80 से 90 किलो में की जाती है।
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बाहर की मंडियों में बड़ी पैकिंग की खरीद न होने से व्यापारियों को अपनी मटर फैक्टरी में कम कीमत में बेचनी पड़ती है। इससे व्यापारियों को घाटा होता है। अगर पैकिंग 40 से 45 किलों में होने लगे तो व्यापारियों को हरी मटर देश की अन्य मंडियों में बेचने का मौका मिल जाएगा, जिससे उनकी आय भी बढ़ेगी। इसके अलावा पल्लेदारों को भी 80 से 90 किग्रा की भारी बोरी उठाने में दिक्कत होती है। ऐसे में छोटी पैकिंग होने से पल्लेदारों को भी सहूलियत होगी। इस दौरान अशफाक राईन, मोहम्मद सुलेमान, हाजी रसूल, गुलाम मोहम्मद, यूनुस, अब्दुल हकीम, चांद, वाहिद, इसरार आदि रहे।
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