ग्रीनपार्क हुआ पीछे: CSJMU और रेलवे स्टेडियम में बनने लगी लाल मिट्टी की पिच, UPCA की ओर से देर से जारी हुआ धन
Kanpur News: इस साल यूपीसीए के सचिव अरविंद श्रीवास्तव ने लाल मिट्टी की पिच तैयार कराने के लिए मिट्टी मंगाने की पहल भी की, लेकिन इसका पैसा नहीं जारी हो सका। पिछले दिनों जब उन्होंने संबंधित अधिकारी से इसका कारण पूछा, तो धन जारी कर दिया गया।
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कानपुर में काफी लंबे समय से ग्रीनपार्क में लाल मिट्टी की पिच के लिए उठ रही मांग इस साल भी पूरी होते नहीं दिख रही है। इसका कारण देर से बजट मिलना और अब बारिश के कारण लाल मिट्टी का नहीं आ पाना है। हालांकि इस मामले में सीएसजेएमयू और रेलवे स्टेडियम ने बाजी मार ली है। इन दोनों जगहों पर लाल मिट्टी की पिच बनने लगी है।
वर्तमान में देश के अधिकांश क्रिकेट स्टेडियम में लाल मिट्टी की पिच बनी है। इन पर ही अंतरराष्ट्रीय और घरेलू मुकाबले खेले जाते हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश क्रिकेट टीम ग्रीनपार्क में काली मिट्टी की पिच पर अभ्यास करती है। इससे बीसीसीआई के घरेलू मैचों के दौरान अन्य प्रदेश में मिलने वाली लाल मिट्टी की पिच के कारण टीम को हार का सामना करना पड़ता है।
रणजी ट्रॉफी की मेजबानी ग्रीनपार्क को नहीं सौंपी
इसे देखते हुए यूपीसीए के पूर्व सचिव राजीव शुक्ला ने ग्रीनपार्क में लाल मिट्टी की पिच तैयार कराने को कहा था, लेकिन अभी तक यह मुमकिन नहीं हो सका। यहां लाल मिट्टी की पिच नहीं होने के कारण ही पूर्व रणजी कोच सुनील जोशी के कहने पर पिछले सीजन में रणजी ट्रॉफी के एक भी मुकाबले की मेजबानी ग्रीनपार्क को नहीं सौंपी गई थी।
मिट्टी मंगाने की पहल भी की, लेकिन पैसा नहीं जारी हुआ
इस साल यूपीसीए के सचिव अरविंद श्रीवास्तव ने लाल मिट्टी की पिच तैयार कराने के लिए मिट्टी मंगाने की पहल भी की, लेकिन इसका पैसा नहीं जारी हो सका। पिछले दिनों जब उन्होंने संबंधित अधिकारी से इसका कारण पूछा, तो धन जारी कर दिया गया। हालांकि अब देशभर में हो रही बारिश के कारण महाराष्ट्र से लाल मिट्टी आने में समस्या आ रही है।
तीन वनडे मैचों की सीरीज प्रस्तावित
साथ ही ऐसे मौसम में पिच बनाने का काम भी शुरू नहीं किया जा सकता। ऐसे में इस सत्र 2025-26 में ग्रीनपार्क में लाल मिट्टी की पिच का बनना लगभग नामुमकिन हो गया है। इसका एक कारण सितंबर में यहां यूपी टी-20 लीग के अलावा भारत-ए बनाम आस्ट्रेलिया-ए के बीच तीन वनडे मैचों की सीरीज का प्रस्तावित होना है।
ग्रीनपार्क के लिए साढ़े तीन लाख में आनी है 35 टन मिट्टी
ग्रीनपार्क में पिच बनाने के लिए 35 टन लाल मिट्टी का आर्डर दिया गया है। यूपीसीए के अधिकारी के अनुसार इस मिट्टी की कीमत साढ़े तीन लाख रुपये है। ग्रीनपार्क में अभी काली मिट्टी की नौ पिच हैं। लखनऊ स्थित इकाना स्टेडियम की नौ पिचों में से चार काली और चार लाल मिट्टी की बनीं हैं। वहीं एक पिच दोनों मिट्टी को मिलाकर बनाई गई हैं। वहीं, सीएसजेएमयू और रेलवे स्टेडियम के लिए महाराष्ट्र से लाला मिट्टी मंगाकर एक-एक पिच तैयार की जा रही है। रेलवे स्टेडियम को विकसित करने के लिए पिछले साल जेके ग्रुप ने रेलवे बोर्ड के साथ करार किया था।
लाल मिट्टी की पिच के फायदे
लाल मिट्टी की पिच पर थोड़ी सी घास रहती है जो गेंदबाजों के साथ बल्लेबाजों के लिए भी मददगार होती है। लाल मिट्टी की पिच में क्ले कंटेंट ज्यादा होता है, जिससे दरार पड़ने की संभावना कम होती है।
धन नहीं जारी होने के कारण से लाल मिट्टी लाने में देरी हुई है। फिलहाल धन जारी हो गया है। यदि बारिश के कारण इस बार पिच तैयार नहीं हो पाई, तो अगले सत्र के लिए इसको तैयार करवाएंगे। जल्द ही लाल मिट्टी की पिच पर युवा खिलाड़ी ग्रीनपार्क स्टेडियम में इस पर खेलते नजर आएंगे। -अरविंद श्रीवास्तव, सचिव यूपीसीए