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Kanpur News: बजरी छोड़ रही डामर का साथ, गड्ढे भी जान लेने को तैयार
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पनकी में गड्ढा।
- फोटो : संवाद
कानपुर। जीटी रोड में गड्ढों की वजह से राहगीरों को जान का खतरा बना रहता है। गुरुदेव से कल्याणपुर तक मेट्रो के एलिवेटेड ट्रैक के नीचे डिवाइडर के दोनों ओर धंसी सड़क पानी भरने से गड्ढों में तब्दील हो गई है। पानी भरने से गड्ढे न दिखने से हादसे बढ़ते जा रहे हैं। वहीं एनएच पीडब्ल्यूडी ने इस व्यस्त मार्ग को गड्ढा मुक्त करने और जलभराव से निजात दिलाने के बजाय पैचवर्क के नाम पर खानापूरी कर रहा है।
शहर की लाइफलाइन कहा जाने वाला रामादेवी से आईआईटी तक 21 किलोमीटर लंबा जीटी रोड उपेक्षा का शिकार है। इस मार्ग से रोजाना डेढ़ लाख से ज्यादा वाहनों का आवागमन होता है। बारिश से पहले सड़क के गड्ढों पर पक्का पैचवर्क नहीं कराया गया। इस सड़क पर गोल चौराहे से कल्याणपुर तक हजारों गड्ढे हैं। बारिश में हालत और भी बदतर हो गई है। कई जगह सड़क पर गड्ढे नहीं, बल्कि गड्ढों में सड़क नजर आ रही है।
अमर उजाला की पड़ताल में पता चला कि गोल चौराहे से गुरुदेव चौराहे तक गड्ढों के साथ सड़क की बजरी उखड़ने से वाहन फिसल रहे हैं। रावतपुर स्टेशन के पास गड्ढा हो गया है। गुरुदेव से कल्याणपुर तक 14 मीटर चौड़ी सड़क डिवाइडर के दोनों तरफ तीन-चार मीटर चौड़ाई में भी ऐसी नहीं है जहां गड्ढे न हों। सबसे खराब स्थिति गुरुदेव चौराहे से कल्याणपुर तक सड़क की है। हर 100 मीटर पर गहरे-गहरे गड्ढे हैं। दलहन अनुसंधान संस्थान के सामने गड्ढों के आसपास बजरी फैली है। वाहन सवार इसमें गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
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कल्याणपुर थाने से कल्याणपुर क्रॉसिंग के बीच में एक-डेढ़ फीट गहरे गड्ढे हैं। इनमें बारिश का पानी भर जाता है। इससे राहगीरों को गड्ढों का पता नहीं चल पाता जिससे वह गंदे पानी में गिर जाते हैं। यहां सब्जी बेचने वाले फैज मोहम्मद, पप्पू, विनोद ने बताया कि सुबह एक रिक्शा पलटते-पलटते बचा था। सब्जी दुकानदारों ने तुरंत उसे सही न कराया।
गड्ढे भराने का काम सुस्त
एनएच पीडब्ल्यूडी ने डेढ़ महीने पहले जीटी रोड की मरम्मत का ठेका एनबीडी कंपनी को दिया है। इस कंपनी को करीब 74 करोड़ रुपये में कानपुरनगर के साथ ही कन्नौज, हरदोई जिले में जीटी रोड की पांच साल तक मरम्मत और रखरखाव करना है। कंपनी ने एक महीने पहले सीओडी पुल से टाटमिल की तरफ गड्ढे भराना शुरू किया था, लेकिन काम सुस्त है।
कोट
ठेकेदार कंपनी ने जीटी रोड की मरम्मत शुरू करा दी है। पैचवर्क लगातार कराया जा रहा है। बुधवार को गुंजन टाकीज के पास गड्ढा भरवाया गया। बारिश की वजह से काम प्रभावित हो रहा है। मौसम सही होने पर पक्का पैचवर्क कराया जाएगा। - प्रवीण कुमार, सहायक अभियंता, पीडब्ल्यूडी एनएच
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शहर की लाइफलाइन कहा जाने वाला रामादेवी से आईआईटी तक 21 किलोमीटर लंबा जीटी रोड उपेक्षा का शिकार है। इस मार्ग से रोजाना डेढ़ लाख से ज्यादा वाहनों का आवागमन होता है। बारिश से पहले सड़क के गड्ढों पर पक्का पैचवर्क नहीं कराया गया। इस सड़क पर गोल चौराहे से कल्याणपुर तक हजारों गड्ढे हैं। बारिश में हालत और भी बदतर हो गई है। कई जगह सड़क पर गड्ढे नहीं, बल्कि गड्ढों में सड़क नजर आ रही है।
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अमर उजाला की पड़ताल में पता चला कि गोल चौराहे से गुरुदेव चौराहे तक गड्ढों के साथ सड़क की बजरी उखड़ने से वाहन फिसल रहे हैं। रावतपुर स्टेशन के पास गड्ढा हो गया है। गुरुदेव से कल्याणपुर तक 14 मीटर चौड़ी सड़क डिवाइडर के दोनों तरफ तीन-चार मीटर चौड़ाई में भी ऐसी नहीं है जहां गड्ढे न हों। सबसे खराब स्थिति गुरुदेव चौराहे से कल्याणपुर तक सड़क की है। हर 100 मीटर पर गहरे-गहरे गड्ढे हैं। दलहन अनुसंधान संस्थान के सामने गड्ढों के आसपास बजरी फैली है। वाहन सवार इसमें गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
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कल्याणपुर थाने से कल्याणपुर क्रॉसिंग के बीच में एक-डेढ़ फीट गहरे गड्ढे हैं। इनमें बारिश का पानी भर जाता है। इससे राहगीरों को गड्ढों का पता नहीं चल पाता जिससे वह गंदे पानी में गिर जाते हैं। यहां सब्जी बेचने वाले फैज मोहम्मद, पप्पू, विनोद ने बताया कि सुबह एक रिक्शा पलटते-पलटते बचा था। सब्जी दुकानदारों ने तुरंत उसे सही न कराया।
गड्ढे भराने का काम सुस्त
एनएच पीडब्ल्यूडी ने डेढ़ महीने पहले जीटी रोड की मरम्मत का ठेका एनबीडी कंपनी को दिया है। इस कंपनी को करीब 74 करोड़ रुपये में कानपुरनगर के साथ ही कन्नौज, हरदोई जिले में जीटी रोड की पांच साल तक मरम्मत और रखरखाव करना है। कंपनी ने एक महीने पहले सीओडी पुल से टाटमिल की तरफ गड्ढे भराना शुरू किया था, लेकिन काम सुस्त है।
कोट
ठेकेदार कंपनी ने जीटी रोड की मरम्मत शुरू करा दी है। पैचवर्क लगातार कराया जा रहा है। बुधवार को गुंजन टाकीज के पास गड्ढा भरवाया गया। बारिश की वजह से काम प्रभावित हो रहा है। मौसम सही होने पर पक्का पैचवर्क कराया जाएगा। - प्रवीण कुमार, सहायक अभियंता, पीडब्ल्यूडी एनएच