{"_id":"68892a8542d623e1290970f4","slug":"grass-in-the-enclosures-wildlife-not-visible-visitors-returning-after-half-the-trip-kanpur-news-c-12-1-knp1052-1206174-2025-07-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: बाड़ों में घास, नहीं दिख रहे वन्यजीव, आधी सैर कर लौट रहे दर्शक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: बाड़ों में घास, नहीं दिख रहे वन्यजीव, आधी सैर कर लौट रहे दर्शक
विज्ञापन
चिडियाघर में जानवरों के बाडे़ के बाहर उगी बडी बडी जंगली घासों से घिरी गंदी पडी दर्शकों के लिए
- फोटो : संवाद
कानपुर। दो माह बाद खुले चिड़ियाघर के बाड़ों की हालत काफी खराब है। सफाई-व्यवस्था सही न होने के कारण वन्यजीव के बाड़े में बड़ी-बड़ी घास ऊग गई है। इससे जानवरों को विषैले वन्यजीवों का खतरा है साथ ही दर्शकों को वन्यजीव दिखाई ही नहीं दे रहे हैं। चिड़ियाघर प्रबंधन 15 दिनों में सिर्फ सड़कों की ही सफाई करा पाया है। दर्शकों के बैठने के लिए बनी स्टील की बेंच पर मिट्टी, कूड़ा और लकड़ी के ढेर लगे हैं। चिड़ियाघर प्रबंधन बर्ड फ्लू के दौरान बंद बाड़ों में सफाई के दावे करता रहा लेकिन अमर उजाला की पड़ताल में सभी गलत साबित हुए।
चिड़ियाघर में करीब 1200 से अधिक वन्यजीव संरक्षित हैं इनमें 700 से अधिक पक्षी है। गोरखपुर चिड़ियाघर से लाए गए घायल बब्बर शेर की वर्ड फ्लू से मौत होने के बाद 13 मई को चिड़ियाघर दर्शकों के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया था। इस दौरान चिड़ियाघर प्रबंधन बाड़ों में साफ-सफाई, सैनिटाइजेशन और चूने का छिड़काव किया जा रहा था। करीब 56 दिन बाद सात जुलाई को चिड़ियाघर दर्शकों के लिए खोला गया। बाड़ों में बड़ी-बड़ी घास हो जाने के कारण दर्शकों को वन्यजीव दिख ही नहीं रहे हैं। बारिश का पानी भरा होने के कारण वन्यजीव घास में आने से कतरा रहे हैं। बघीरा बाघ के पास वाला पार्क बड़ी-ब़ड़ी घास से पटा है।
चिड़ियाघर में मैन पावर सप्लाई करने वाली फर्म ने जिम्मेदारों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया है। कई कर्मचारियों का पीएफ का पैसा हड़पने के मामले की जांच अभी जांच पूरी नहीं हुई। चिड़ियाघर के 81 कर्मचारियों को मार्च के बाद से वेतन नहीं मिला है। इस कारण कई कर्मचारी काम पर ही नहीं आ रहे हैं। नए वित्तीय वर्ष के जून में पूरी होने वाली टेंडर प्रक्रिया जुलाई में भी पूरी नहीं हो पाई है।
विज्ञापन
बारिश के कारण बाड़ों में घास ऊग आई है। सफाई कार्य चल रहा है। कर्मचारियों की कमी के कारण थोड़ा समय लग रहा है। जल्द ही सभी बाड़ों में सफाई के साथ ही दर्शकों के बैठने के स्थान साफ कराए जाएंगे।
- कन्हैया पटेल, चिड़ियाघर निदेशक
विज्ञापन
चिड़ियाघर में करीब 1200 से अधिक वन्यजीव संरक्षित हैं इनमें 700 से अधिक पक्षी है। गोरखपुर चिड़ियाघर से लाए गए घायल बब्बर शेर की वर्ड फ्लू से मौत होने के बाद 13 मई को चिड़ियाघर दर्शकों के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया था। इस दौरान चिड़ियाघर प्रबंधन बाड़ों में साफ-सफाई, सैनिटाइजेशन और चूने का छिड़काव किया जा रहा था। करीब 56 दिन बाद सात जुलाई को चिड़ियाघर दर्शकों के लिए खोला गया। बाड़ों में बड़ी-बड़ी घास हो जाने के कारण दर्शकों को वन्यजीव दिख ही नहीं रहे हैं। बारिश का पानी भरा होने के कारण वन्यजीव घास में आने से कतरा रहे हैं। बघीरा बाघ के पास वाला पार्क बड़ी-ब़ड़ी घास से पटा है।
विज्ञापन
चिड़ियाघर में मैन पावर सप्लाई करने वाली फर्म ने जिम्मेदारों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया है। कई कर्मचारियों का पीएफ का पैसा हड़पने के मामले की जांच अभी जांच पूरी नहीं हुई। चिड़ियाघर के 81 कर्मचारियों को मार्च के बाद से वेतन नहीं मिला है। इस कारण कई कर्मचारी काम पर ही नहीं आ रहे हैं। नए वित्तीय वर्ष के जून में पूरी होने वाली टेंडर प्रक्रिया जुलाई में भी पूरी नहीं हो पाई है।
विज्ञापन
बारिश के कारण बाड़ों में घास ऊग आई है। सफाई कार्य चल रहा है। कर्मचारियों की कमी के कारण थोड़ा समय लग रहा है। जल्द ही सभी बाड़ों में सफाई के साथ ही दर्शकों के बैठने के स्थान साफ कराए जाएंगे।
- कन्हैया पटेल, चिड़ियाघर निदेशक