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कानपुर: धोखाधड़ी कर 1.80 करोड़ के शेयर हड़पे, दंपति पर केस
Sun, 10 Jan 2021 09:12 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 10 Jan 2021 09:12 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
कानपुर के नजीराबाद में शेयर कारोबारी के एक करोड़ 80 लाख के शेयर पड़ोसी दंपति ने हड़प लिए। फर्जीवाड़ा पकड़ने के बाद जब कारोबारी ने शेयर वापस मांगे तो आरोपियों ने टालमटोल करने लगे। कारोबारी की शिकायत पर पुलिस ने दंपति समेत एक फर्म के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
काकादेव मॉडल टाउन निवासी शेयर कारोबारी प्रदीप मंगा ने बताया कि सर्वोदय नगर में रहने वाले सुशील धवन और उनकी पत्नी अंजलि उनकी परिचित हैं। दोनों रुद्रा शेयर एंड ब्रोकर्स कंपनी में सब ब्रोकर हैं। प्रदीप के मुताबिक करीब एक साल पहले सुशील व उनकी पत्नी ने उनसे कहा कि अपने शेयर कार्वी कंसलटेंट कंपनी से निकालकर उनकी कंपनी में लगा दें।
इससे अधिक लाभ होगा। प्रदीप उनके झांसे में आ गए और दो करोड़ के शेयर रुद्रा शेयर एंड ब्रोकर्स कंपनी में ट्रांसफर करा दिए। एकाउंट चलाने के लिए पावर ऑफ अटॉर्नी भी दंपति को दे दी। कुछ समय बाद प्रदीप ने इससे संबंधित जानकारी मांगी। दंपति ने ऐसे ही कागजों पर लिखकर ब्योरा दे दिया।
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प्रदीप को शक हुआ तो छानबीन की। इसमें पता चला कि दंपति ने उनके शेयर अपनी और रिश्तदारों की शेयर कंपनी के एकाउंट में ट्रांसफर कर दिए हैं। दबाव बनाया तो 20 लाख के शेयर लौटा दिए। आरोप है कि एक करोड़ 80 लाख के शेयर अभी तक नहीं दिए। नजीराबाद इंस्पेक्टर ज्ञान सिंह ने बताया कि दंपति व उनकी फर्म के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
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काकादेव मॉडल टाउन निवासी शेयर कारोबारी प्रदीप मंगा ने बताया कि सर्वोदय नगर में रहने वाले सुशील धवन और उनकी पत्नी अंजलि उनकी परिचित हैं। दोनों रुद्रा शेयर एंड ब्रोकर्स कंपनी में सब ब्रोकर हैं। प्रदीप के मुताबिक करीब एक साल पहले सुशील व उनकी पत्नी ने उनसे कहा कि अपने शेयर कार्वी कंसलटेंट कंपनी से निकालकर उनकी कंपनी में लगा दें।
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इससे अधिक लाभ होगा। प्रदीप उनके झांसे में आ गए और दो करोड़ के शेयर रुद्रा शेयर एंड ब्रोकर्स कंपनी में ट्रांसफर करा दिए। एकाउंट चलाने के लिए पावर ऑफ अटॉर्नी भी दंपति को दे दी। कुछ समय बाद प्रदीप ने इससे संबंधित जानकारी मांगी। दंपति ने ऐसे ही कागजों पर लिखकर ब्योरा दे दिया।
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प्रदीप को शक हुआ तो छानबीन की। इसमें पता चला कि दंपति ने उनके शेयर अपनी और रिश्तदारों की शेयर कंपनी के एकाउंट में ट्रांसफर कर दिए हैं। दबाव बनाया तो 20 लाख के शेयर लौटा दिए। आरोप है कि एक करोड़ 80 लाख के शेयर अभी तक नहीं दिए। नजीराबाद इंस्पेक्टर ज्ञान सिंह ने बताया कि दंपति व उनकी फर्म के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।