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सरकारें बदलती रहीं, आश्वासन में कट गए 25 साल
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नाली के रूप में हो गया भदेसा रजबहा। संवाद
- फोटो : AKBARPUR
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सरवनखेड़ा। भदेसा रजबहा के टेल पर स्थित भरतपुर पियासी, सरदारपुर व देवपुर गांव के किसानों को 25 वर्षों से नहीं मिल रहा है। इस क्षेत्र से धान उत्पादन भी खत्म हो गया है। हर चुनाव में ग्रामीण ये मुद्दा उठाते हैं लेकिन नेता वोट लेने के लिए वादे करके चले जाते हैं।
किसानों का कहना कि सिंचाई की समुचित व्यवस्था न होने से आर्थिक स्थिति कमजोर होती जा रही है। निजी नलकूपों से सिंचाई बहुत मंहगी पड़ती है। कई वर्षों से सफाई न होने से पियासी के पास एक किलोमीटर तक टेल की तरफ रजबहा खत्म हो गया है। रजबहे की सफाई केवल हिलौठी गांव तक हो रही है। इससे टेल के गांवों के तीन सौ से अधिक किसानों के समाने सैकड़ों बीघा फसल की सिंचाई का संकट है। ये क्षेत्र धान उत्पादन में अग्रणी माना जाता था लेकिन रजबहे से पानी न मिलने पर अब किसानों की रोपाई बंद कर दी।
किसानों का कहना है कि निजी नलकूपों का पानी बहुत मंहगा पड़ता है। गांव के बुजुर्ग किसान छुन्नीलाल व अमर सिंह बताते हैं कि 25 वर्ष से टेल में पानी नहीं आया। किसानों ने कहा कि ये मुद्दा हर चुनाव में उठाया जाता है लेकिन कोई नेता ध्यान नहीं देता है। ग्रामीणों ने कहा कि इस बार सोच समझ कर वोट करेंगे।
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किसानों का कहना कि सिंचाई की समुचित व्यवस्था न होने से आर्थिक स्थिति कमजोर होती जा रही है। निजी नलकूपों से सिंचाई बहुत मंहगी पड़ती है। कई वर्षों से सफाई न होने से पियासी के पास एक किलोमीटर तक टेल की तरफ रजबहा खत्म हो गया है। रजबहे की सफाई केवल हिलौठी गांव तक हो रही है। इससे टेल के गांवों के तीन सौ से अधिक किसानों के समाने सैकड़ों बीघा फसल की सिंचाई का संकट है। ये क्षेत्र धान उत्पादन में अग्रणी माना जाता था लेकिन रजबहे से पानी न मिलने पर अब किसानों की रोपाई बंद कर दी।
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किसानों का कहना है कि निजी नलकूपों का पानी बहुत मंहगा पड़ता है। गांव के बुजुर्ग किसान छुन्नीलाल व अमर सिंह बताते हैं कि 25 वर्ष से टेल में पानी नहीं आया। किसानों ने कहा कि ये मुद्दा हर चुनाव में उठाया जाता है लेकिन कोई नेता ध्यान नहीं देता है। ग्रामीणों ने कहा कि इस बार सोच समझ कर वोट करेंगे।
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