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गोल्डन कार्ड : आपूर्ति विभाग की बेरुखी से गरीबों के निशुल्क इलाज की राह में रोड़ा
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कानपुर देहात। जनपद में 1.72 लाख से ज्यादा अंत्योदय कार्डधारकों के गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य शासन ने मार्च में दिया था। इसमें आपूर्ति विभाग की बेरुखी के चलते अभी तक 30.39 फीसदी लाभार्थियों के कार्ड ही बन पाए हैं। इससे सरकार की योजना का लाभ पात्रों को नहीं मिल पा रहा है।
शासन की ओर से मार्च की शुरूआत में जनपद के 1.72 लाख अंत्योदय कार्डधारकों के गोल्डन कार्ड बनवाने का लक्ष्य स्वास्थ्य विभाग को दिया गया था। 30 अप्रैल तक यह कार्य पूरा करना है। डीएम ने इसमें आपूर्ति विभाग को मदद करने के निर्देश दिए थे।
इसके पीछे सरकार की मंशा थी कि गरीब से गरीब व्यक्ति को बेहतर इलाज मिल सके। योजना के तहत गोल्डन कार्ड धारक चिह्नित अस्पताल में पांच लाख रुपये तक निशुल्क उपचार करा सकता है।
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वहीं, आपूर्ति विभाग की बेरुखी से अंत्योदय कार्डधारकों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिला पूर्ति अधिकारी गोल्डन कार्ड बनवाने में रुचि नहीं ले रहे हैं।
इस वजह से अभी तक 52463 कार्डधारकों के ही गोल्डन कार्ड बन सके हैं। यह निर्धारित लक्ष्य से 30.39 फीसदी है। इस संबंध में डीएसओ सुनील यादव को कई बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने काल रिसीव नहीं की।
अंत्योदय कार्डधारकों का गोल्डन बनाने के लिए लगातार आपूर्ति विभाग से संपर्क किया जा रहा है, लेकिन उनका भरपूर सहयोग नहीं मिल पा रहा है। इससे कार्ड बनाने की गति काफी धीमी चल रही है। - डॉ. एसएल वर्मा, नोडल अधिकारी, आयुष्मान योजना
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शासन की ओर से मार्च की शुरूआत में जनपद के 1.72 लाख अंत्योदय कार्डधारकों के गोल्डन कार्ड बनवाने का लक्ष्य स्वास्थ्य विभाग को दिया गया था। 30 अप्रैल तक यह कार्य पूरा करना है। डीएम ने इसमें आपूर्ति विभाग को मदद करने के निर्देश दिए थे।
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इसके पीछे सरकार की मंशा थी कि गरीब से गरीब व्यक्ति को बेहतर इलाज मिल सके। योजना के तहत गोल्डन कार्ड धारक चिह्नित अस्पताल में पांच लाख रुपये तक निशुल्क उपचार करा सकता है।
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वहीं, आपूर्ति विभाग की बेरुखी से अंत्योदय कार्डधारकों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिला पूर्ति अधिकारी गोल्डन कार्ड बनवाने में रुचि नहीं ले रहे हैं।
इस वजह से अभी तक 52463 कार्डधारकों के ही गोल्डन कार्ड बन सके हैं। यह निर्धारित लक्ष्य से 30.39 फीसदी है। इस संबंध में डीएसओ सुनील यादव को कई बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने काल रिसीव नहीं की।
अंत्योदय कार्डधारकों का गोल्डन बनाने के लिए लगातार आपूर्ति विभाग से संपर्क किया जा रहा है, लेकिन उनका भरपूर सहयोग नहीं मिल पा रहा है। इससे कार्ड बनाने की गति काफी धीमी चल रही है। - डॉ. एसएल वर्मा, नोडल अधिकारी, आयुष्मान योजना