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Kanpur News: सेंट्रल से 44 लाख का सोना गायब, कर्मचारी पर शक
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कानपुर। कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर 44 लाख रुपये मूल्य का करीब 289.150 ग्राम सोना गायब हो गया। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज में कथित लूट या छीनाझपटी की पुष्टि न होने पर मामला संदिग्ध बताया गया। रेलवे पुलिस कर्मचारी की भूमिका पर सवाल उठा रही है।
मेरठ के देहली गेट स्थित तिरुपति ज्वैलर्स के स्वामी अमित वर्मा ने पुलिस को बताया कि उनका कर्मचारी राजू वर्मा 18 मई को सोना लेकर शहर के चौक बाजार गया था। वहां बिक्री न होने पर वह सोना लेकर वैशाली एक्सप्रेस से मेरठ लौट रहा था। राजू ने बताया कि सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पांच पर रात करीब 11:30 बजे ट्रेन रुकने पर टीटीई ने स्लीपर का वैध टिकट न होने के कारण उसे नीचे उतार दिया। आरोप है कि इसी दौरान खाकी वर्दी पहने एक व्यक्ति समेत चार-पांच लोग पहुंचे।
चेकिंग के नाम पर उसके बैग में रखा सोना अपने कब्जे में ले लिया। झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। मोबाइल फोन का सिम निकाल लिया और बाद में उसे दूसरी ट्रेन में बैठाकर भेज दिया। मामले की जानकारी मिलने पर मेरठ के सर्राफ और व्यापारिक संगठन से जुड़े लोग कानपुर पहुंचे। जीआरपी और आरपीएफ अधिकारियों के साथ स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच में प्लेटफार्म पर किसी प्रकार की लूट, छीना-झपटी या जबरन सोना ले जाने जैसी घटना के साक्ष्य नहीं मिले।
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जीआरपी प्रभारी ओएन सिंह ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में कथित घटना की पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित कर्मचारी भी अपने मालिक के संपर्क से बाहर है। ऐसे में उस पर शक है। पुलिस का कहना है कि शिकायतकर्ताओं की ओर से भी आगे की कार्रवाई को लेकर अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है।
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मेरठ के देहली गेट स्थित तिरुपति ज्वैलर्स के स्वामी अमित वर्मा ने पुलिस को बताया कि उनका कर्मचारी राजू वर्मा 18 मई को सोना लेकर शहर के चौक बाजार गया था। वहां बिक्री न होने पर वह सोना लेकर वैशाली एक्सप्रेस से मेरठ लौट रहा था। राजू ने बताया कि सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पांच पर रात करीब 11:30 बजे ट्रेन रुकने पर टीटीई ने स्लीपर का वैध टिकट न होने के कारण उसे नीचे उतार दिया। आरोप है कि इसी दौरान खाकी वर्दी पहने एक व्यक्ति समेत चार-पांच लोग पहुंचे।
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चेकिंग के नाम पर उसके बैग में रखा सोना अपने कब्जे में ले लिया। झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। मोबाइल फोन का सिम निकाल लिया और बाद में उसे दूसरी ट्रेन में बैठाकर भेज दिया। मामले की जानकारी मिलने पर मेरठ के सर्राफ और व्यापारिक संगठन से जुड़े लोग कानपुर पहुंचे। जीआरपी और आरपीएफ अधिकारियों के साथ स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच में प्लेटफार्म पर किसी प्रकार की लूट, छीना-झपटी या जबरन सोना ले जाने जैसी घटना के साक्ष्य नहीं मिले।
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जीआरपी प्रभारी ओएन सिंह ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में कथित घटना की पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित कर्मचारी भी अपने मालिक के संपर्क से बाहर है। ऐसे में उस पर शक है। पुलिस का कहना है कि शिकायतकर्ताओं की ओर से भी आगे की कार्रवाई को लेकर अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है।