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Kanpur : शताब्दी में डेढ़ साल की बच्ची की तबीयत बिगड़ी, ट्रेन में सफर कर रहे हैलट के डॉ. मनीष ने किया इलाज
Wed, 30 Apr 2025 12:24 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 30 Apr 2025 12:24 AM IST
सार
शताब्दी एक्सप्रेस में डेढ़ साल की बच्ची की तबीयत बिगड़ने पर आरपीएफ ने घोषणा करते हुए कहा कि यात्रीगण कृपया ध्यान दें, ट्रेन में कोई डॉक्टर है तो मदद करे। ट्रेन में सफर कर रहे हैलट के डॉ. मनीष यादव ने बच्ची का इलाज किया।
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बच्ची का इलाज करने वाले हैलट के डॉ. मनीष यादव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली से कानपुर आ रही शताब्दी ट्रेन में डेढ़ साल की बच्ची की अचानक तबीयत खराब हो गई। इस पर आरपीएफ जवानों ने ट्रेन में घोषणा कराई कि अगर कोई डॉक्टर सफर कर रहे हैं, तो मदद करें। इस पर हैलट के डॉ. मनीष यादव बच्ची के पास पहुंचे और उसे दवाएं दिलाईं। बच्ची की तबीयत में सुधार हो गया।
मेडिकल कॉलेज के बाल रोग चिकित्सालय के पूर्व सीएमएस व हैलट में अधिकारी केंद्रीय भंडार डॉ. मनीष यादव ने बताया कि वह शुक्रवार को 12034 नई दिल्ली-कानपुर शताब्दी से लौट रहे थे। वह सी-7 कोच में थे। रात करीब आठ बजे ट्रेन जब पनकी के आसपास थी, तभी घोषणा होने लगी कि सी-2 कोच में डेढ़ साल की बच्ची की तबीयत खराब है और उसे चिकित्सकीय मदद की जरूरत है।
वह तुरंत सी-2 कोच में गए। वहां महिला ने बताया कि उसकी डेढ़ साल की बच्ची को तीन-चार बार उल्टी व दस्त हो चुके हैं। डॉ. मनीष ने बताया कि दूसरे यात्रियों से दवा लेकर बच्ची को दी। इसके बाद कानपुर सेंट्रल आने पर आरपीएफ जवानों ने बच्ची व उसकी मां को सकुशल भेजा।
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मेडिकल कॉलेज के बाल रोग चिकित्सालय के पूर्व सीएमएस व हैलट में अधिकारी केंद्रीय भंडार डॉ. मनीष यादव ने बताया कि वह शुक्रवार को 12034 नई दिल्ली-कानपुर शताब्दी से लौट रहे थे। वह सी-7 कोच में थे। रात करीब आठ बजे ट्रेन जब पनकी के आसपास थी, तभी घोषणा होने लगी कि सी-2 कोच में डेढ़ साल की बच्ची की तबीयत खराब है और उसे चिकित्सकीय मदद की जरूरत है।
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वह तुरंत सी-2 कोच में गए। वहां महिला ने बताया कि उसकी डेढ़ साल की बच्ची को तीन-चार बार उल्टी व दस्त हो चुके हैं। डॉ. मनीष ने बताया कि दूसरे यात्रियों से दवा लेकर बच्ची को दी। इसके बाद कानपुर सेंट्रल आने पर आरपीएफ जवानों ने बच्ची व उसकी मां को सकुशल भेजा।
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मां ने किया था ट्रेन रुकवाने का आग्रह
बच्ची की तबीयत बिगड़ने पर उसकी मां ने आरपीएफ एस्कार्ट से मदद मांगी और ट्रेन रुकवाने का आग्रह किया। ट्रेन पनकी के आसपास थी और कुछ ही देर में सेंट्रल स्टेशन पहुंचने वाली थी। वहां अंधेरा व जंगल होने की वजह से आरपीएफ जवानों ने ट्रेन रुकवाने से मना कर दिया। इसके बाद आरपीएफ जवानों ने घोषणा कर मदद मांगी थी।
बच्ची की तबीयत बिगड़ने पर उसकी मां ने आरपीएफ एस्कार्ट से मदद मांगी और ट्रेन रुकवाने का आग्रह किया। ट्रेन पनकी के आसपास थी और कुछ ही देर में सेंट्रल स्टेशन पहुंचने वाली थी। वहां अंधेरा व जंगल होने की वजह से आरपीएफ जवानों ने ट्रेन रुकवाने से मना कर दिया। इसके बाद आरपीएफ जवानों ने घोषणा कर मदद मांगी थी।